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CJP Protest: दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को फडणवीस का समर्थन, रावत बोले- 20 जुलाई को ‘कायर दिवस’ की तरह मनाएं लोग

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CJP Protest: फडणवीस ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई का समर्थन, रावत ने 20 जुलाई को ‘कायर दिवस’ कहा

Indianewslive247.com – महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के पक्ष में बयान दिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध करने का अधिकार हर नागरिक के होता है, लेकिन असंयम वाले विरोध के खिलाफ कड़ी कार्यवाही आवश्यक है। फडणवीस ने कहा कि जब आंदोलन नेतृत्व विहीन और शांति के बिना चलता है, तो उसके दुरुपयोग के खिलाफ जवाबदेही लेना आवश्यक है। इस बयान के साथ उन्होंने विरोध के अधिकार और स्वतंत्रता के महत्व को बरकरार रखते हुए कहा कि नियंत्रण की कमी बल व्यवहार को अवैध बना सकती है।

फडणवीस के बयान में शामिल बातें

मीडिया से बातचीत के दौरान फडणवीस ने स्पष्ट किया कि सीजेपी के विरोध प्रदर्शन के दौरान जब लोग अनुमति बिना बड़े पैमाने पर धरना देते हैं, तो इस व्यवहार को स्वीकार्य नहीं माना जा सकता। उन्होंने बोला कि कार्यवाही के लिए पुलिस के हस्तक्षेप को आवश्यकता नहीं माना जाता, लेकिन जब अवैध तरीके से लोग अस्थिरता के लिए धरना देते हैं, तो उसके खिलाफ कार्रवाई करना जरूरी है। फडणवीस ने कहा कि विरोध के अधिकार के बावजूद, संविधान के अनुसार विरोध के दौरान जिम्मेदारियां भी बरकरार रहती हैं।

सीजेपी के विरोध प्रदर्शन की प्रतिक्रिया

फडणवीस ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को समर्थन देते हुए कहा कि उत्पन्न हुई अस्थिरता के लिए बल के उपयोग की आवश्यकता होती है। जब विरोध शांति के बिना बढ़ता है, तो इसे सीजेपी विरोध प्रदर्शन के रूप में देखा जा सकता है। उन्होंने बोला कि सीजेपी के विरोध प्रदर्शन के दौरान लोगों के द्वारा किए गए कार्य की जांच आवश्यक है, ताकि लोकतंत्र के दुरुपयोग को रोका जा सके।

इसके बाद राज्य के मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने मंगलवार को आंदोलन की बातचीत में कहा कि विरोध प्रदर्शन एक नाटक बना दिया गया है। उन्होंने कहा कि युवाओं में दिख रहा गुस्सा अंतर्निहित रूप से बनाया गया है और इसका उद्देश्य आंतरिक रूप से राजनीतिक अस्थिरता पैदा करना है। बावनकुले ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के पक्ष में भी बयान दिया और कहा कि विरोध प्रदर्शन के दौरान लोग निर्भिक रूप से कार्य करते हैं।

इस बवाल में विरोध प्रदर्शन के समर्थन में जाने वाले नेता राज्यसभा सदस्य संजय रावत ने बोले कि 20 जुलाई को अगला दिन सीजेपी के विरोध प्रदर्शन के दौरान लोगों के द्वारा निर्भिक अवस्था में किए गए विरोध के खिलाफ दिखाई गई आंतरिक अस्थिरता को कायर दिवस के रूप में याद रखा जाना चाहिए। रावत ने कहा कि संविधान के अनुसार विरोध के अधिकार के साथ-साथ, असंयम वाले विरोध के लिए जवाबदेही लेना आवश्यक है।

सीजेपी के विरोध प्रदर्शन के प्रभाव

अपने बयान में रावत ने यह भी बोला कि विरोध प्रदर्शन के दौरान बल व्यवहार की आवश्यकता बरकरार रहती है। जब लोग निर्भिक रूप से विरोध करते हैं, तो इसके खिलाफ कार्रवाई को आवश्यकता माना जाता है। उन्होंने कहा कि एक सीजेपी के विरोध प्रदर्शन के दौरान अवैध तरीके से लोगों के द्वारा बल के उपयोग के खिलाफ जवाबदेही लेना आवश्यक है।

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