अफ्रीका दिवस पर विदेश मंत्री जयशंकर ने गांधी-मंडेला बंधन को याद किया
Indianewslive247.com – व द श म त र जयश – विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित अफ्रीका दिवस समारोह में भारत और अफ्रीका के बीच गहरे ऐतिहासिक और वैचारिक संबंधों को रेखांकित किया। उन्होंने इस अवसर पर महात्मा गांधी के दक्षिण अफ्रीका के दिनों को याद करते हुए नेल्सन मंडेला के एक प्रसिद्ध कथन को दोहराया।
आपने हमें मोहनदास गांधी दिए, हमने आपको महात्मा दिया।
साझा संघर्ष और मानसूनी हवाओं का योगदान
विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि दोनों क्षेत्रों के बीच संबंध उपनिवेशवाद विरोधी सिद्धांतों और साझा मूल्यों पर आधारित हैं। मानसूनी हवाओं के जरिये हिंद महासागर ने सदियों से संस्कृति, विचारों और व्यापार के आदान-प्रदान में मदद की है। औपनिवेशिक दौर के साझा संघर्ष ने इस एकजुटता को और मजबूत किया। स्वतंत्रता के बाद दोनों क्षेत्र समान और संप्रभु भागीदार के रूप में आगे बढ़ रहे हैं।
गांधीवादी सिद्धांतों का अफ्रीकी नेताओं पर प्रभाव
विदेश मंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी ने दक्षिण अफ्रीका की धरती पर सत्याग्रह और अहिंसा के सिद्धांतों को विकसित किया। बाद में इन्हीं सिद्धांतों ने क्वामे नक्रूमा, जूलियस न्येरेरे और नेल्सन मंडेला जैसे अफ्रीकी नेताओं को प्रेरित किया। उन्होंने इसे भारत और अफ्रीका के गहरे ऐतिहासिक और वैचारिक संबंधों का प्रतीक बताया।
संस्कृति और जीवनशैली का आदान-प्रदान
विदेश मंत्री ने कहा कि हिंद महासागर ने भारत और अफ्रीका को अलग नहीं, बल्कि जोड़ा है। दोनों क्षेत्रों के लोगों ने केवल वस्तुओं का ही नहीं, बल्कि संस्कृति, खान-पान, दर्शन, विश्वास, ज्ञान, लोककथाओं और जीवनशैली का भी आदान-प्रदान किया है। औपनिवेशिक शासन के दौरान भारत और अफ्रीका के लोगों ने समान पीड़ा झेली और स्वतंत्रता तथा मानव गरिमा के लिए साथ मिलकर संघर्ष किया।
अफ्रीका दिवस: भावनात्मक और कूटनीतिक महत्व
विदेश मंत्री ने कहा कि अफ्रीका दिवस उनके लिए विशेष रूप से खुशी और एकजुटता का अवसर है। यह दिन भारत और अफ्रीका के बीच गहरे भावनात्मक संबंधों को व्यक्त करने का अवसर भी है। अपने संबोधन के अंत में विदेश मंत्री ने भारत आए 50 अफ्रीकी राजनयिकों का स्वागत किया, जो सुषमा स्वराज विदेश सेवा संस्थान में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह पहल भारत की अफ्रीका के साथ दीर्घकालिक सहयोग और कूटनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अफ्रीका दिवस कब मनाया जाता है? अफ्रीका दिवस हर साल 25 मई को मनाया जाता है, जो अफ्रीकी एकता दिवस के रूप में भी जाना जाता है।
विदेश मंत्री जयशंकर ने अफ्रीका दिवस पर क्या कहा? विदेश मंत्री ने भारत और अफ्रीका के बीच वैचारिक बंधन को रेखांकित करते हुए गांधी और मंडेला के संबंधों को याद किया।
सुषमा स्वराज विदेश सेवा संस्थान क्या है? यह भारत का प्रमुख कूटनीतिक प्रशिक्षण संस्थान है जहाँ विदेशी राजनयिकों को विशेष कार्यक्रमों में भाग लेने का अवसर मिलता है।
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