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परिसीमन की कवायद: नए ड्राफ्ट के साथ होगी द्रमुक और पवार की एनसीपी से बात, क्या सपा से भी संपर्क साध रही सरकार?

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Foto : Patricia Gonzalez - indianewslive247.com
Table of Contents
  1. पर स मन क कव यद पर सरकार की नई पहल
  2. महिला आरक्षण और परिसीमन का संबंध
  3. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
  4. Related Reading
  5. Frequently Asked Questions

पर स मन क कव यद पर सरकार की नई पहल

Indianewslive247.com – पर स मन क कव यद को आगे बढ़ाने के लिए सरकार द्रमुक और एनसीपी (शरद पवार) से नए ड्राफ्ट के साथ बातचीत करने की तैयारी में है। प्रस्तावित संविधान संशोधन विधेयक में सभी राज्यों की लोकसभा और विधानसभा सीटों में समान अनुपात से 50 फीसदी बढ़ोतरी का प्रावधान लिखित रूप में शामिल किए जाने की बात कही गई है।

सरकार अगले सप्ताह दोनों दलों के साथ नए सिरे से चर्चा कर सकती है। द्रमुक और एनसीपी (शरद) की प्रमुख मांग रही है कि सीटों की बढ़ोतरी केवल मौखिक आश्वासन तक सीमित न रहे, बल्कि विधेयक के ड्राफ्ट में स्पष्ट रूप से दर्ज हो।

चेन्नई में द्रमुक प्रमुख एमके स्टालिन की ओर से बुलाई गई सांसदों की बैठक में भी इस मुद्दे पर विचार हुआ। बैठक में राय बनी कि अंतिम निर्णय लेने से पहले विधेयक का नया मसौदा देखा जाए। फरवरी में प्रस्तावित विशेष सत्र के दौरान द्रमुक ने सभी राज्यों में समान 50 फीसदी सीट वृद्धि के आश्वासन पर सवाल उठाए थे।

महिला आरक्षण और परिसीमन का संबंध

पर स मन क कव यद महिला आरक्षण कानून के लागू होने से भी जुड़ी है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम में प्रावधान है कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण नया परिसीमन पूरा होने के बाद ही लागू होगा।

परिसीमन से निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाएं और सीटों का ढांचा तय होता है, जबकि महिला आरक्षण के तहत महिलाओं के लिए आरक्षित सीटें निर्धारित की जानी हैं। इसी वजह से दोनों प्रक्रियाओं को एक-दूसरे से जुड़ा माना जा रहा है।

विशेष सत्र और विपक्षी दलों से संपर्क

सरकार ने परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े विधेयक को आगे बढ़ाने के लिए 15 से 17 अप्रैल तक तीन दिन का विशेष सत्र बुलाया था, लेकिन इस दौरान विधेयक पारित नहीं हो सका। संसद के मानसून सत्र की अंतिम बैठक 13 अगस्त को हुई थी और इसके बाद सत्र समाप्त होने की औपचारिक घोषणा नहीं हुई है।

सूत्रों के अनुसार, सरकार समाजवादी पार्टी से भी प्रत्यक्ष या परोक्ष समर्थन के लिए संपर्क में है। सरकार का लक्ष्य विधेयक के पक्ष में संख्या बल को मजबूत करना है। द्रमुक, एनसीपी (शरद) और तृणमूल के बागी गुट के समर्थन से आवश्यक दो-तिहाई बहुमत के करीब पहुंचने की संभावना देखी जा रही है।

एसआईआर को लेकर विपक्षी दलों के अलग रुख के बावजूद सरकार को परिसीमन विधेयक पर सहमति बनने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि राजनीतिक मतभेदों से अलग, नए ड्राफ्ट में राज्यों के लिए समान सीट वृद्धि का लिखित प्रावधान बातचीत का आधार बन सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

परिसीमन क्या तय करता है?

परिसीमन लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों की सीमाएं, सीटों की संख्या और निर्वाचन क्षेत्रों का ढांचा तय करने की प्रक्रिया है।

महिला आरक्षण कब लागू हो सकता है?

नारी शक्ति वंदन अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार, नया परिसीमन पूरा होने के बाद लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

द्रमुक और एनसीपी (शरद) की मुख्य मांग क्या है?

दोनों दल चाहते हैं कि सभी राज्यों में सीटों की समान 50 फीसदी बढ़ोतरी का प्रावधान नए विधेयक के ड्राफ्ट में स्पष्ट और लिखित रूप में शामिल किया जाए।

Frequently Asked Questions

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