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वायुसेना की बढ़ेगी ताकत: 60 ट्रांसपोर्ट विमानों के लिए ₹1 लाख करोड़ का टेंडर जारी; किन कंपनियों के बीच टक्कर?

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Foto : Joseph Moore - indianewslive247.com
Table of Contents
  1. वायुसेना की ताकत बढ़ेगी: ₹1 लाख करोड़ का टेंडर 60 विमानों के लिए
  2. Related Reading
  3. Frequently Asked Questions

वायुसेना की ताकत बढ़ेगी: ₹1 लाख करोड़ का टेंडर 60 विमानों के लिए

Indianewslive247.com – व य स न क बढ ग की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। रक्षा मंत्रालय ने 60 मल्टीरोल ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट खरीदने के लिए टेंडर आमंत्रित किया है, जिसकी कुल लागत लगभग एक लाख करोड़ रुपये है। इस परियोजना में भारतीय उद्योगों को अग्रणी स्थान दिया गया है और विदेशी कंपनियों के साथ साझेदारी की गई है।

भारतीय और विदेशी कंपनियों की भागीदारी

इस दौड़ में HAL, टाटा और महिंद्रा जैसे प्रमुख भारतीय नाम शामिल हैं। महिंद्रा डिफेंस ने ब्राजील की एम्ब्राएर के साथ साझेदारी की है और कंपनी C-390 ट्रांसपोर्ट विमान की पेशकश करेगी। दूसरी ओर, टाटा ने लॉकहीड मार्टिन के साथ हाथ मिलाया है और C-130 विमान की आपूर्ति का लक्ष्य रखा है। यह C-130 मॉडल पहले से ही भारतीय वायुसेना में विशेष अभियानों के लिए उपयोग किया जा रहा है।

निर्माण और स्वदेशी सामग्री का लक्ष्य

इस कार्यक्रम के तहत लगभग 20 प्रतिशत विमान सीधे तैयार स्थिति में भारतीय वायुसेना को प्रदान किए जाएंगे। शेष विमानों का निर्माण भारत में ही किया जाएगा। इस परियोजना में 60 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग करने का उद्देश्य रखा गया है। विमानों का निर्माण भारतीय कंपनियों और मूल विमान निर्माता कंपनियों के बीच संयुक्त उपक्रमों के माध्यम से होगा। इस प्रक्रिया में HAL की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

वर्तमान बेड़ा और अन्य परियोजनाएं

भारतीय वायुसेना के बेड़े में फिलहाल 12 C-130J Super Hercules विमान मौजूद हैं। इसके अलावा, वायुसेना Airbus के साथ C-295 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट कार्यक्रम पर भी काम कर रही है। लगभग 70 C-295 विमान वायुसेना में शामिल किए जाने हैं, जिनमें अधिकांश का निर्माण भारत में किया जाएगा।

व्यापक आधुनिकीकरण कार्यक्रम

मल्टीरोल ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट की खरीद वायुसेना के व्यापक आधुनिकीकरण कार्यक्रम का हिस्सा है। वायुसेना ने 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद के लिए भी टेंडर जारी किया है। इसके अलावा, पुराने हॉक ट्रेनर विमानों को बदलने और पायलट प्रशिक्षण क्षमता बढ़ाने के लिए 100 से अधिक ट्रेनर विमानों को शामिल करने पर भी विचार किया जा रहा है।

अतिरिक्त सैन्य क्षमताएं

मल्टीरोल ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट का इस्तेमाल केवल सैनिकों और उपकरणों की तेज आवाजाही तक सीमित नहीं रहेगा। भारतीय वायुसेना इन विमानों का इस्तेमाल हवाई ईंधन भरने वाले टैंकर के रूप में भी कर सकती है। इसके अलावा, इनसे उपकरणों और सैनिकों को तेजी से एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न: 60 ट्रांसपोर्ट विमानों के लिए टेंडर की कुल लागत कितनी है? उत्तर: रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी किए गए टेंडर की कुल लागत लगभग एक लाख करोड़ रुपये है।

प्रश्न: कौन सी कंपनियां इस टेंडर में भाग ले रही हैं? उत्तर: HAL, टाटा, महिंद्रा डिफेंस, एम्ब्राएर और लॉकहीड मार्टिन जैसे प्रमुख भारतीय और विदेशी कंपनियां इस टेंडर में भाग ले रही हैं।

प्रश्न: स्वदेशी सामग्री का लक्ष्य क्या है? उत्तर: इस परियोजना में 60 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग करने का उद्देश्य रखा गया है।

प्रश्न: क्या ये विमान टैंकर के रूप में भी उपयोग किए जा सकते हैं? उत्तर: हां, मल्टीरोल ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट का इस्तेमाल हवाई ईंधन भरने वाले टैंकर के रूप में भी किया जा सकता है।

Frequently Asked Questions

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