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राष्ट्रपति मुर्मू का देश के नाम संदेश: बोलीं-सिंधु जल संधि को निलंबित करना राष्ट्रीय हित में; सात बड़ी बातें

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Foto : David Taylor - indianewslive247.com
Table of Contents
  1. राष्ट्रपति मुर्मू का 80वें स्वतंत्रता दिवस पर संदेश
  2. Related Reading
  3. Frequently Asked Questions

राष्ट्रपति मुर्मू का 80वें स्वतंत्रता दिवस पर संदेश

Indianewslive247.com – र ष ट रपत म र म – भारत की आज़ादी के 80 वर्ष पूरे होने वाले हैं, इस मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जनता को संबोधित किया। उन्होंने सभी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई दी। राष्ट्रपति ने बताया कि कुछ ही घंटों में भारत आज़ादी के 80वें वर्ष में प्रवेश करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य लेकर भारत आगे बढ़ रहा है। अपने भाषण में उन्होंने संविधान, विदेश नीति, सरदार पटेल, सिंधु जल संधि और सरकारी योजनाओं पर विस्तार से बात की।

राष्ट्रपति के भाषण की प्रमुख बातें

राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और दुनिया के विभिन्न कोनों में रहने वाले भारतीय इस त्योहार को उत्साह के साथ मनाते हैं। उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति से देश को सर्वश्रेष्ठ बनाने में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया।

देश की तरक्की में योगदान देना ही आज़ादी की असली कीमत है।

उन्होंने विद्यार्थियों, शिक्षकों, वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों, मजदूरों और किसानों की मेहनत की सराहना की। सभी अपने-अपने क्षेत्रों से देश की प्रगति में सहायता कर रहे हैं।

राष्ट्रपति मुर्मू ने स्पष्ट किया कि हमारा संविधान जनता की भागीदारी पर आधारित है। देश के लोग इस भावना को निरंतर आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने इसे भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत बताया। साथ ही उन्होंने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का भी उल्लेख किया। सांप्रदायिक हिंसा के कारण लाखों लोग शरणार्थी बने, लेकिन उन्होंने अपनी पहचान नहीं खोई।

राष्ट्रपति ने बताया कि भारत की विदेश नीति हमेशा देश के हित को ध्यान में रखकर तैयार की जाती है। आर्थिक सहयोग बढ़ाने और अन्य देशों के साथ रिश्ते मजबूत करने के लिए भारत ने कई मुक्त व्यापार समझौते किए हैं। ग्लोबल साउथ के देशों में भारत अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

हमें ऐसा कोई काम नहीं करना चाहिए जिससे आने वाली पीढ़ियों को प्राकृतिक संसाधनों की कमी का सामना करना पड़े।

पर्यावरण की रक्षा करना हमारी परंपरा का हिस्सा है, यह भी उन्होंने रेखांकित किया।

राष्ट्रपति ने सरदार वल्लभभाई पटेल को याद किया। उन्होंने बताया कि आज़ादी के समय 550 से अधिक रियासतों को भारत से जोड़ना एक बड़ी चुनौती थी। सरदार पटेल ने इन रियासतों को सफलतापूर्वक भारत में मिलाया। राष्ट्रपति ने लौहपुरुष सरदार पटेल को नमन करते हुए उन्हें आधुनिक भारत का शिल्पकार बताया।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि न्याय व्यवस्था से जुड़े हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि पैसे या संसाधनों की कमी के कारण किसी को न्याय से वंचित न रहना पड़े। उन्होंने स्पष्ट किया कि आतंकवाद को पनाह देने वाले देश के साथ सिंधु जल संधि को निलंबित करना राष्ट्रीय हित में है। खासकर किसानों के लिए यह एक बड़ा और निर्णायक कदम है।

राष्ट्रपति ने बताया कि देश में 25 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में सफलता मिली है। प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत करीब 59 करोड़ लोग बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ चुके हैं, जिनमें 32 करोड़ से अधिक महिलाएं हैं। उन्होंने कहा कि 80 करोड़ लोगों के लिए मुफ्त राशन की व्यवस्था की गई है, जिससे उनकी खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित हुई है। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 60 करोड़ लोगों को हर साल पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिल रहा है।

राष्ट्रपति ने यह भी बताया कि पिछले साल मराठा सैन्य परंपरा से जुड़े 12 किलों को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया था। इस साल भगवान बुद्ध के पहले उपदेश स्थल सारनाथ को भी यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में जगह मिली है।

प्रधानमंत्री मोदी का संदेश

राष्ट्रपति के संबोधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा, ‘स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बहुत ही विचारशील और प्रेरक संबोधन दिया है। इसमें उन्होंने हमारे राष्ट्र की सामूहिक प्रगति और भविष्य के अवसरों पर विशेष रूप से प्रकाश डाला है। उन्होंने हमें उन बलिदानों की याद दिलाई जिनसे देश की आज़ादी का मार्ग प्रशस्त हुआ, और प्रत्येक नागरिक से राष्ट्र-निर्माण में बढ़-चढ़कर योगदान देने का आह्वान किया है।’

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

प्रश्न: राष्ट्रपति मुर्मू ने सिंधु जल संधि के बारे में क्या कहा? उत्तर: राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद को पनाह देने वाले देश के साथ सिंधु जल संधि को निलंबित करना राष्ट्रीय हित में है।

प्रश्न: भारत कब आज़ादी के 80 वर्ष पूरे करेगा? उत्तर: 14 अगस्त 2026 को भारत आज़ादी के 80वें वर्ष में प्रवेश करेगा।

प्रश्न: राष्ट्रपति ने 2047 के बारे में क्या कहा? उत्तर: राष्ट्रपति ने बताया कि 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य लेकर भारत आगे बढ़ रहा है।

प्रश्न: कितने लोगों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ मिल रहा है? उत्तर: आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 60 करोड़ लोगों को हर साल पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिल रहा है।

Frequently Asked Questions

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