ओडिशा मेडिकल PG प्रश्नपत्र वायरल: पेपर लीक या कक्ष से बाहर?
Indianewslive247.com – एक और प पर ल क – ओडिशा मेडिकल पीजी परीक्षा में प्रश्नपत्र की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुईं। जनरल सर्जरी विषय का पेपर परीक्षा शुरू होते ही छात्रों द्वारा साझा किया गया। अधिकारियों ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। हालांकि इसे परीक्षा से पहले का पेपर लीक नहीं माना जा रहा है, बल्कि परीक्षा कक्ष से प्रश्नपत्र के बाहर निकलने की घटना के रूप में देखा जा रहा है।
वायरल होने का मामला
27 जुलाई को 2023-26 बैच के पीजी छात्रों की थ्योरी परीक्षा चल रही थी। इसी दौरान ‘ऑल ओडिशा मेडिकल PG एग्ज़ाम’ के प्रश्नपत्र की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से फॉरवर्ड होने लगीं। MS/MD कोर्स के जनरल सर्जरी विषय के प्रश्नपत्र की तस्वीरें पोस्ट ग्रेजुएट छात्रों द्वारा बनाए गए व्हाट्सऐप ग्रुप में साझा की गईं।
कुछ लोगों ने यह भी दावा किया कि परीक्षा के दौरान कुछ मोबाइल नंबरों से संभावित उत्तर भी प्रसारित किए गए। मामला तब और गंभीर हो गया जब भुवनेश्वर के एक निजी मेडिकल कॉलेज के छात्र ने इस पर आपत्ति जताई। उसके पास कथित तौर पर प्रश्नपत्र की तस्वीरें थीं, जो बेरहामपुर स्थित एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के एक छात्र द्वारा बनाए गए व्हाट्सऐप ग्रुप से मिली थीं।
विश्वविद्यालय की प्रतिक्रिया
घटना की जानकारी मिलने के बाद ओडिशा यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (OUHS) के कुलपति प्रो. मानस रंजन साहू ने शाम को वर्चुअल बैठक आयोजित की। इस बैठक में उन सभी मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों ने भाग लिया, जहां पीजी मेडिकल परीक्षाएं आयोजित की जा रही थीं।
यह प्रश्नपत्र लीक का मामला नहीं है। यदि परीक्षा शुरू होने से पहले प्रश्नपत्र बाहर आ जाता और छात्रों तक पहुंच जाता, तब उसे पेपर लीक कहा जाता। लेकिन इस मामले में प्रश्नपत्र परीक्षा के दौरान परीक्षा कक्ष से बाहर गया है।
एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के डीन-सह-प्राचार्य डॉ. हरेकृष्ण दलाई ने स्पष्ट किया कि आगामी परीक्षाओं को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी करने का सुझाव दिया गया है।
मोबाइल प्रतिबंध के बावजूद तस्वीरें
डॉ. दलाई ने बताया कि परीक्षा कक्ष में मोबाइल फोन ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध है और नियमित जांच भी की जाती है। इसके बावजूद प्रश्नपत्र की तस्वीरें बाहर पहुंचना हैरानी की बात है। अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि तस्वीरें किस इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से ली गईं और उन्हें बाहर कैसे भेजा गया।
कॉलेज प्रशासन ने बताया कि पूरे मामले की आंतरिक जांच शुरू कर दी गई है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि तस्वीरें किस डिवाइस से ली गईं और सुरक्षा व्यवस्था में चूक कहां हुई।
परीक्षा की समयरेखा
2023-26 बैच की मेडिकल पीजी थ्योरी परीक्षाएं 21 जुलाई से शुरू हुई थीं, जबकि 1 और 5 अगस्त को दो और परीक्षाएं प्रस्तावित हैं। एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में इस परीक्षा में कुल 154 छात्र शामिल हो रहे हैं।

