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CBSE Three Language Policy: तीन-भाषा नीति पर अंतरिम रोक लगाने से SC का इनकार, 14 जुलाई को होगी अगली सुनवाई

Foto : Charles Davis - indianewslive247.com

CBSE तीन-भाषा नीति: सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम रोक लगाने पर इनकार कर दिया

Indianewslive247.com – सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुसार जारी की गई सीबीएसई की तीन-भाषा नीति पर अंतरिम रोक लगाने के अनुरोध पर इनकार कर दिया है। अगली सुनवाई 14 जुलाई को होगी, जिसमें बोर्ड के निर्णय के विरोधी एनजीओ ने विस्तार से विवाद उठाया है।

एनजीओ के आवेदन पर सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई

एनजीओ ‘दोस्त आफ पीपल फॉर एक्टिव डेमोक्रेसी’ ने नीति के क्रियान्वयन पर आवेदन दायर किया है। इस याचिका में कहा गया है कि नीति के अनुसार कक्षा 9 के विद्यार्थियों को तीन भाषाओं का अध्ययन अनिवार्य कर दिया गया है। इसके तहत, कम से कम दो भाषाएं भारतीय मूल की होना आवश्यक है। अदालत ने एनजीओ के नाम पर सवाल उठाया और इसके तहत प्रारंभिक चर्चा के दौरान कहा कि नाम लोगों के मन में भय के लिए रखा गया है।

पीठ के वकील ने जवाब दिया कि यह एक पुराना ट्रस्ट है जो 2013 में स्थापित किया गया था।

नीति के विवरण और छात्रों के लाभ

सीबीएसई के अनुसार, नई नीति के अनुसार 1 जुलाई 2026 से कक्षा 9 के विद्यार्थियों को तीसरी भाषा के अध्ययन के लिए आवश्यकता होगी। इसके साथ ही, कक्षा 10 में तीसरी भाषा का पेपर आयोजित नहीं किया जाएगा। छात्रों के प्रदर्शन को अंतिम रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा।

मामला लंबित अन्य याचिकाओं के साथ जुड़ा है, जिसके बारे में अदालत ने रिपोर्ट चाही है। इसके अलावा, स्कूलों को अस्थायी व्यवस्था में अन्य विषयों के शिक्षकों का उपयोग करने की अनुमति दी गई है, जिन्हें उस भाषा के कार्यात्मक ज्ञान हो। दिव्यांग छात्रों और विदेश से आए छात्रों को खास छूट दी जाएगी।

गणित और विज्ञान में नई व्यवस्था

सीबीएसई ने अप्रैल 2026 में घोषित किया था कि 2026-27 के शैक्षणिक सत्र से कक्षा 9 में गणित और विज्ञान विषयों के लिए दो स्तरीय प्रणाली लागू की जाएगी। इसके तहत, सभी छात्रों को आवश्यक परीक्षा में 80 अंकों का लक्ष्य रखना होगा, जबकि उच्च दक्षता वाले छात्र एडवांस्ड स्तर के पेपर देकर अतिरिक्त समर्थन प्राप्त कर सकते हैं।

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