नीट-यूजी पेपर लीक मामले में सीबीआई ने 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की
Indianewslive247.com – बहुचर्चित नीट-यूजी परीक्षा में हुए पेपर लीक के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो की आर्थिक अपराध शाखा ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सीबीआई ने राऊज एवेन्यू स्थित कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। इस कार्रवाई के तहत जांच एजेंसी ने कुल तेरह आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश की है।
फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी सुनवाई
दाखिल की गई इस चार्जशीट को विशेष रूप से गठित फास्ट ट्रैक कोर्ट के समक्ष बुधवार को पेश किया जाएगा। यह कोर्ट पेपर लीक मामलों की विशेष सुनवाई के लिए बनाया गया है।
लगाई गईं कड़ी धाराएं
इस मामले में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 315(5), 318(4), 61(2), 238 और 303(2) के तहत कार्रवाई की गई है। इसके अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 13(2) के साथ पठित 13(1)(ए) भी लगाई गई है। सार्वजनिक परीक्षा अनुचित साधनों की रोकथाम अधिनियम 2024 की धारा 3, 4, 5 और 11 के साथ पठित धारा 10 के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।
सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में
मामले में नामजद सभी तेरह आरोपी वर्तमान में न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं। चार्जशीट में शामिल आरोपियों में यश यादव, मांगीलाल बीवाल, दिनेश बीवाल, विकास बीवाल, शुभम खैरनार, धनंजय लोखंडे, प्रह्लाद कुलकर्णी, तेजस, हर्षद कुमार, डॉ. मनोज शिरुरे, शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर, मनीषा वाघमारे, मनीषा मंधारे और मनीषा संजय हवलदार शामिल हैं।
47 एनटीए अधिकारियों की निलंबन की कार्रवाई
सीबीआई ने अदालत को स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी पूरी नहीं हुई है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के अधिकारियों की संदिग्ध भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है। जांच की आंच एनटीए तक पहुंचने के बाद हाल ही में 47 एनटीए अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है।
बता दें कि इस धांधली को लेकर 12 मई को एक सरकारी अधिकारी की शिकायत पर पहली प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
लाखों रुपये का कारोबार
सीबीआई की चार्जशीट के अनुसार, पेपर लीक की इस पूरी कड़ी में आरोपियों ने लाखों रुपये का खेल किया। मुख्य आरोपी मांगीलाल बिवाल ने अपने बेटे विकास बिवाल को नीट परीक्षा का प्रश्नपत्र दिलाने के लिए शुभम खैरनार से संपर्क किया था। नेटवर्क के तहत शुभम खैरनार ने सबसे पहले यश यादव को प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया। इसके बाद यश यादव ने यह पेपर 10 लाख रुपये में मांगीलाल को बेच दिया।
मांगीलाल ने यह पेपर सिर्फ अपने बेटे विकास और दिनेश बिवाल को ही नहीं दिया, बल्कि उसने आगे अन्य अभ्यर्थियों को यही प्रश्नपत्र 12-12 लाख रुपये की मोटी रकम में बेचकर भारी मुनाफा कमाया। जांच के दौरान सीबीआई ने मांगीलाल के मोबाइल फोन से लीक प्रश्नपत्र भी बरामद कर लिए हैं, जो अहम सुबूत माने जा रहे हैं।

