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Muzaffarnagar: सूखी रोटी, कोड़े और कुत्तों का खौफ, बल्लम से दागते थे शरीर; कोर्ट में दर्ज हुए पीड़ितों के बयान

मुजफ्फरनगर: बंधुआ मजदूरी के मामले में नए खुलासे

Muzaffarnagar – तितावी क्षेत्र के मांडी गांव में संचालित दोना फैक्टरी में कथित बंधुआ मजदूरी के मामले में अब तक खुलासा हुआ नहीं था, लेकिन अब चार मजदूरों के बयान न्यायालय में दर्ज किए गए हैं। इन मजदूरों के अनुसार, उन्हें विभिन्न राज्यों से लाकर बंधक बनाया गया था, जिसके लिए उन्हें 10 से 12 हजार रुपये मासिक वेतन, भोजन और रहने की सुविधा का लालच दिया गया था।

मजदूरों के बयान के माध्यम से बर्बरता सामने आई

बिहार निवासी विक्रम के फैक्टरी से भाग जाने के बाद पूरे मामले के खुलासा हुआ। उन्होंने बताया कि फैक्टरी के सुपरवाइजर शिवा शराब पीने गया हुआ था और मालिक भी मौके पर नहीं था। इसी दौरान मालिक के पिता के फैक्टरी से निकलने के बाद उसके साथियों ने उसे तिरपाल में छिपाकर बाहर निकाला और गेट फांदकर भगा दिया।

“मेरे पास आठ महीने तक इस गांव के नाम तक पता नहीं था। हमें कभी भरपेट भोजन नहीं दिया जाता था, बस सूखी रोटी दी जाती थी। विरोध करने पर कोड़े मारे जाते थे और कुत्तों से कटवाया जाता था।” – मजदूर रंजीत

मजदूरों के अनुसार फैक्टरी का मुख्य गेट हमेशा बंद रखा जाता था, जिसके कारण बाहर जाना मुश्किल हो जाता था। गेट पर लगे बोर्ड पर “कुत्तों से सावधान” लिखा था, जिससे लोगों का तालाबाहर आना-जाना कम हो जाता था। विरोध करने पर अमानवीय यातनाएं दी जाती थीं, जिसमें शरीर पर नुकीले हथियारों से दागने के साथ-साथ दहशत के माहौल को बनाए रखा जाता था।

चार मजदूरों के बयान दर्ज कराए गए हैं, जबकि बिहार से आए संतोष और उज्ज्वल के बयान दर्ज नहीं हो सके क्योंकि समय नहीं मिला। अन्य मजदूरों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है। पुलिस ने सभी मजदूरों के परिजन को सूचित कर दिया है और उन्हें सुरक्षित घर भेजने की व्यवस्था की जा रही है।

एसपी देहात अक्षय संजय महाडीक ने बताया कि आरोपियों अंकित बालियान और उसके सहयोगी की तलाश जारी है। इस मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है और पूरे प्रकरण की गहन जांच चल रही है।

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