यूपी में IPS अफसर की मां का कत्ल: मुंह से खून, हाथ में इंजेक्शन के निशान, गहने गायब; लूट के बाद हत्या की कहानी
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अंबेडकरनगर में लूट के बाद आईपीएस अधिकारी की 91 वर्षीय मां की हत्या
Indianewslive247.com – उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जिले के मालीपुर क्षेत्र में रविवार की सुबह एक भयानक घटना सामने आई। पुलिस हेडक्वार्टर में सुपरिंटेंडेंट ऑफ़ पुलिस के पद पर कार्यरत आशुतोष मिश्रा की माता इंद्रावती, जिनकी आयु 91 वर्ष थी, उनके रूढ़ा धमरूआ गांव स्थित निवास से मृत अवस्था में मिलीं। शव के मुंह से खून बहता हुआ देखा गया और हाथों पर चोट के निशान पाए गए।
घटना स्थल पर मिले संकेत
निरीक्षण के दौरान पुलिस को इंद्रावती के शरीर से सोने के आभूषण गायब पाए गए। गले की सोने की चेन, सोने के दानों वाली तुलसी माला, नाक की कील, कान के टप्स और पैरों की पायल — इनमें से कोई भी वस्तु शव पर नहीं मिली। जांच में यह भी सामने आया कि मृतका के मुंह में कपड़ा ठूंसा गया था। इन तथ्यों के आलोक में आशुतोष मिश्रा ने लूट और हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई।
जांच और पोस्टमार्टम
सूचना मिलते ही डीआईजी सोमेन वर्मा, पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह सहित कई आला अधिकारी घटना स्थल पर पहुंचे। फोरेंसिक, सर्विलांस और एसओजी टीमें जांच में लगाई गईं। आस-पास के ग्रामीणों के बयान भी दर्ज किए गए। शव का पोस्टमार्टम कराया गया और मौत का कारण स्पष्ट न होने पर डॉक्टरों ने विसरा सुरक्षित कर लिया। मुंह और हाथों पर मिले चोट निशानों के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है। अज्ञात आरोपियों के खिलाफ लूट और हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई है।
घर के बाहर या गांव के आसपास किसी भी निवास पर सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा है। इस कारण पुलिस को अभी तक कोई इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य प्राप्त नहीं हो पाया है।
मृतका की अकेलेपन की स्थिति
इंद्रावती पिछले लगभग दो सप्ताह से गांव के पैतृक निवास में अकेली रह रही थीं। शनिवार की दोपहर को उनके पुत्र आशुतोष मिश्रा भी मां से मिलने आए थे, परंतु ड्यूटी के कारण कुछ ही देर में वे लखनऊ लौट गए। रविवार सुबह करीब दस बजे उनके चाचा सचिंद्र मिश्रा ने फोन कर बताया कि इंद्रावती को हार्ट अटैक आया है और वे मृत हैं। सूचना पाते ही आशुतोष मिश्रा लखनऊ से गांव पहुंचे और शव का निरीक्षण किया।
आशुतोष मिश्रा की सेवा-कथा
वर्ष 1998 में उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में चयनित हुए आशुतोष मिश्रा को 2016 में पदोन्नति के बाद आईपीएस अधिकारी का दर्जा मिला। इस दौरान उन्होंने मुरादाबाद, बहराइच, अलीगढ़, बाराबंकी और डीजीपी हेडक्वार्टर जैसी महत्वपूर्ण पोस्टिंगों पर कार्य किया। 29 नवंबर 2023 से वे पुलिस हेडक्वार्टर में तैनात हैं।
परिवार और राजनीतिक प्रतिक्रिया
आशुतोष मिश्रा की दो बहनें लक्ष्मी और श्रद्धा हैं, जिनका विवाह हो चुका है। लक्ष्मी लखनऊ में निवास करती हैं जबकि श्रद्धा मुंबई में रहती हैं। मां की मृत्यु के बाद लक्ष्मी ने लखनऊ से गांव में पहुंच कर शोक मनाया, और श्रद्धा की देर रात मुंबई से गांव पहुंचने की बात ग्रामीण बता रहे हैं।
मामले ने राजनीतिक गलियारों में भी गूंज पैदा की। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की:
अंबेडकरनगर में एक आईपीएस अधिकारी की माता जी की हत्या का दुखद समाचार आया है। उप्र में पुलिस ही सुरक्षित नहीं है, दुर्भाग्यपूर्ण!
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