बिहार में रौशन आनंद जेल से रिहा, फैजल खान की पोल खोलेंगे
Bihar – बिहार के पटना शहर में अपने कोचिंग संस्थान पर हुए बवाल के बाद रौशन आनंद की गिरफ्तारी से 12 दिन बाद अदालत ने उन्हें जमानत दे दी है। यह घटना मुसल्लहपुर हाट में हुई थी, जहां फैजल खान सर के संस्थान पर उपद्रवियों द्वारा हमला किया गया था। रौशन आनंद के वरिष्ठ वकील रमाकांत शर्मा के दलीलों के बाद अतिरिक्त जिला जज की अदालत ने जमानत याचिका मंजूर कर दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के समय फैजल खान के सुरक्षा कर्मियों द्वारा की गई फायरिंग की बात छुपाई गई।
अदालत ने दलीलों के बाद जमानत मंजूर कर दी
बिहार के अतिरिक्त जिला जज की अदालत ने रौशन आनंद की जमानत याचिका के बाद आपस में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बनाए रखने की दिशा में निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि शिक्षकों के रूप में काम करने वाले लोगों को बवाल के दौरान अपराध के लिए जुड़े रहने की जगह शिक्षा के उद्देश्य से विरोध करना चाहिए। अदालत ने लहजे में निर्देश दिए कि आप गुरु हैं, तो गुरु की तरह व्यवहार करें।
बिहार के अदालती अधिकारियों ने रौशन आनंद के वरिष्ठ वकील रमाकांत शर्मा के दलीलों के बाद उनकी जमानत मंजूर कर दी है। वकील ने आग्रह किया कि फैजल खान के सुरक्षा कर्मियों द्वारा की गई फायरिंग के बारे में निर्णय लेने से पहले इस मामले की पूरी जांच की जाए।
फैजल खान के विरूद्ध अपराध के आरोपों का खुलासा
रौशन आनंद के वकील ने कहा कि फैजल खान के कोचिंग संस्थान पर हुए हमले के बारे में अपनी जांच छुपाने के बाद उन्हें मामले में जेल भेज दिया गया। उनकी अंतरिक्ष याचिका में बताया गया कि घटना दो जून की रात पर हुई थी, जब रौशन आनंद ने अपने भाई फैजल खान को छीनने के लिए जुड़े रहे। वकील ने कहा कि आरोपों के आधार पर अतिरिक्त जांच जरूरी है, ताकि बिहार के शिक्षा संसाधनों की सुरक्षा की गई है।
रौशन आनंद की जमानत के बाद वह अपने विरोधी के विरूद्ध नए आरोप लगाते नजर आए। उन्होंने कहा कि फैजल खान ने उन्हें दुखद दिमाग का इस्तेमाल करते हुए बिहार के शिक्षा क्षेत्र में गैर-अपराधी को गुमराह कर दिया। अदालत ने आरोपों के जवाब में कहा कि उन घटनाओं की पूरी जांच जरूर होगी, लेकिन जमानत के लेखा बिहार के शिक्षा विभाग के द्वारा दावा किया गया है।
इस घटना के बारे में बिहार के विभिन्न क्षेत्र में बवाल छिड़ गया है। रौशन आनंद के बारे में आरोप लगाए गए थे कि वह फैजल खान के संस्थान पर हमला कर दावा कर रहे हैं। इसके बाद बिहार के अपराध शिविर की ओर से उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। रौशन आनंद की जमानत के बाद लोग आशा जताए हैं कि बिहार के शिक्षा क्षेत्र में न्याय की ओर बढ़ने का रास्ता खुल गया है।
फैजल खान के संस्थान पर हुए बवा�
