अयोध्या में आरएमओ अर्जुन देव हटाए गए, 1600 कैमरों की निगरानी भी छीन ली गई
Ayodhya – अयोध्या में राम मंदिर के सुरक्षा व्यवस्था निर्धारण के लिए तैनात आरएमओ अर्जुन देव के पद पर तबादला किया गया है। इस घटना के बाद लगातार चल रही जांच में पाया गया है कि अयोध्या के महत्वपूर्ण स्थल पर स्थापित 1600 कैमरों की निगरानी की जिम्मेदारी भी छीन ली गई। एसआईटी और अयोध्या के पुलिस अधिकारियों द्वारा इस मामले की खोज में लगे जा रहे हैं कि अयोध्या में चढ़ावे के लिए स्थापित अत्यधिक सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद करोड़ों रुपये की चोरी कैसे होती रही।
अर्जुन देव के कार्यकाल और जांच के आगे बढ़ते संकेत
अर्जुन देव के अयोध्या में 2009 से लगातार तैनात रहने के बाद विभिन्न बार उनके तबादला के आदेश आए हैं। लेकिन प्रत्येक बार अयोध्या के संस्थागत तंत्र ने उनके तबादला को रोक दिया। हाल ही में लखनऊ के लिए दिया गया आदेश भी अयोध्या में जांच के बाद बरकरार रह गया। एसआईटी के अधिकारियों के अनुसार, अयोध्या में आरएमओ के पद पर तबादला के पीछे एक गहरी संगठित योजना हो सकती है।
अयोध्या के राम मंदिर के बारे में जांच में पाया गया है कि आरएमओ अर्जुन देव न केवल सुरक्षा संचार बल्कि वीआईपी दर्शन व्यवस्था और राम मंदिर ट्रस्ट के कार्यों के लिए भी जिम्मेदार रहे। उनके तबादला के बाद अयोध्या में निगरानी तंत्र के कार्यक्रम लगभग अवरुद्ध हो गए। एसआईटी अब अयोध्या के सभी प्रमुख स्थलों पर लगातार जांच कर रही है।
जांच में सामने आए अहम तथ्य
अयोध्या के राम मंदिर में 1600 सीसीटीवी कैमरों की निगरानी के दौरान बाहरी तत्परता देखी गई। इस बारे में एक अधिकारी के अनुसार, चंपत राय के दिल्ली जाने की खबर गुंजाइश रही, लेकिन उनका कहना है कि वह अयोध्या में ही हैं। इस संबंध में अयोध्या के बाहर भी जांच चल रही है।
अयोध्या में रेडियो ऑपरेशन अधिकारी के रूप में कार्य करते हुए अर्जुन देव ने अयोध्या के सुरक्षा तंत्र के कामकाज में बड़ा योगदान दिया। एसआईटी के अलावा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने भी पूरे मामले की जांच के लिए अपनी रिपोर्ट तैयार करने की तैयारी तेज कर दी है। अयोध्या के बाहरी निगरानी तंत्र और पुलिस विभाग के बीच अत्यधिक संघर्ष भी देखे गए।
अयोध्या के एक अधिकारी ने बताया कि रेडियो ऑपरेशन अधिकारी अर्जुन देव के तबादला के बाद अयोध्या में निगरानी तंत्र के बर्बाद होने के आरोप भी लगाए गए। इस घटना की जांच में पाया गया है कि अयोध्या के सुरक्षा व्यवस्था के कार्यकाल में निरंतर बाहरी तत्परता के कारण अयोध्या के स्थानीय बर्बादी की घटना छिप गई।
अयोध्या में राम मंदिर के आरएमओ के तबादला के बाद निगरानी तंत्र के विवरण प्रकाशित किए गए। अयोध्या के सुरक्षा व्यवस्था के प्रमुख तंत्र के अनुसार, लगातार अवधि में आरएमओ के तैनात रहने के बावजूद अयोध्या के महत्वपूर्ण स्थलों पर चोरी की घटना छिप गई। इस बारे में अयोध्या के पुलिस विभाग और एसआईटी के बीच गहरी जांच चल रही है।
