प्रेमानंद महाराज के शिष्य ने क्यों की खुदकुशी?: किस राज को छुपाने के रसिक ने झेला प्राइवेट पार्ट काटने का दर्द
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वृंदावन आश्रम में साधक दीपक लोधी की मौत की जांच जारी
Indianewslive247.com – प र म न द मह र – प र म न द मह से जुड़े वृंदावन के गऊ कृपा कुंज आश्रम में रहने वाले 25 वर्षीय साधक दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारीशरण की मौत के मामले में पुलिस कई पहलुओं की जांच कर रही है। जबलपुर निवासी दीपक ने आश्रम की चौथी मंजिल की छत से छलांग लगाई थी। उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
पुलिस के अनुसार, घटना के समय दीपक गंभीर रूप से घायल थे और उनके निजी अंग पर भी गंभीर चोट के संकेत मिले। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है तथा आश्रम परिसर की फॉरेंसिक जांच कराई गई है। जांच का केंद्र यह जानना है कि घटना से पहले उनकी स्थिति क्या थी और क्या किसी तरह का बाहरी दबाव या उकसावा था।
सुबह हुई घटना से क्षेत्र में मची अफरातफरी
शुक्रवार सुबह करीब 10:30 बजे दीपक चार मंजिला आश्रम की छत से नीचे सड़क पर गिरे। उनका शरीर आश्रम से लगभग छह फुट दूर सड़क पर गिरा, जिससे आसपास मौजूद लोगों में अफरातफरी मच गई। उसी समय सड़क से गुजर रही एक महिला बाल-बाल बच गईं।
आश्रम के अन्य साधक दीपक को वाहन से अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। एसपी सिटी राजीव सिंह और सीओ वृंदावन संदीप सिंह ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया।
साथ रहने वाले साधक और आश्रम से जुड़े लोगों से पूछताछ
प र म न द मह के अनुयायी के रूप में वृंदावन आए दीपक की दिनचर्या, व्यवहार और हाल के दिनों में हुए बदलावों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस उस साधक से भी पूछताछ करेगी जो उनके कमरे में साथ रहता था। परिवार से नियमित संपर्क न होने की बात सामने आने के बाद आश्रम के साथियों के बयान महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
जांच अधिकारी यह भी देख रहे हैं कि दीपक ने यह कदम स्वयं उठाया या वे किसी मानसिक दबाव, उकसावे अथवा अन्य परिस्थिति से गुजर रहे थे। आश्रम से जुड़े लोगों, घटनास्थल के आसपास मौजूद व्यक्तियों और संभावित डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
एसएसपी श्लोक कुमार के अनुसार, मामले के सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं की जांच की जा रही है और संबंधित लोगों से पूछताछ के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
फॉरेंसिक रिपोर्ट और पोस्टमार्टम से मिल सकते हैं अहम जवाब
वीडियो फुटेज में दीपक के कमरे से छत तक जाने और वहां कुछ समय रुकने की जानकारी सामने आई है। पुलिस यह भी जांच रही है कि गंभीर चोट के बावजूद उनके व्यवहार में दर्द की तीव्र प्रतिक्रिया स्पष्ट क्यों नहीं दिखी। इस संबंध में रक्त नमूने को प्रयोगशाला भेजा गया है, ताकि नशीले या दर्द कम करने वाले पदार्थ की संभावना की जांच हो सके।
प्रारंभिक पोस्टमार्टम निष्कर्षों में अत्यधिक रक्तस्राव और गिरने से कई हड्डियां टूटना मृत्यु के कारणों में शामिल बताया गया है। विस्तृत फॉरेंसिक रिपोर्ट, रक्त परीक्षण और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान मिलने के बाद जांच की दिशा अधिक स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल पुलिस ने किसी अंतिम निष्कर्ष की घोषणा नहीं की है।
2025 में वृंदावन आए थे दीपक लोधी
दीपक लोधी मध्य प्रदेश के जबलपुर के निवासी थे। वर्ष 2025 में वे प र म न द मह को गुरु मानकर वृंदावन आए थे। दीक्षा के बाद वे आश्रम की व्यवस्थाओं में सहयोग करने लगे और अन्य साधकों के साथ वहीं रहने लगे। आश्रम में उन्हें रसिक दुलारीशरण नाम से भी जाना जाता था।
गऊ कृपा कुंज आश्रम में करीब 40 से 50 साधक रहते हैं और राधारानी की उपासना करते हैं। परिसर चार मंजिल का है, जिसकी छत पर सोलर प्लांट लगा है तथा निचले तल पर साधकों के रहने के कमरे हैं। पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार, आश्रम करीब दो माह पहले शुरू हुआ था।
वृंदावन आश्रम मामले पर अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
दीपक लोधी की मौत की जांच कौन कर रहा है?
मामले की जांच स्थानीय पुलिस कर रही है। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण, फॉरेंसिक जांच और संबंधित लोगों से पूछताछ शुरू की है।
क्या मौत के कारण की अंतिम पुष्टि हो गई है?
नहीं। प्रारंभिक पोस्टमार्टम निष्कर्ष सामने आए हैं, लेकिन विस्तृत फॉरेंसिक और प्रयोगशाला रिपोर्ट के बाद ही जांच के सभी पहलुओं पर स्पष्टता आएगी।
पुलिस किन बिंदुओं की जांच कर रही है?
पुलिस दीपक की दिनचर्या, आश्रम में उनके संपर्कों, वीडियो फुटेज, रक्त परीक्षण, साथ रहने वाले साधक के बयान और घटना से पहले की परिस्थितियों की पड़ताल कर रही है।
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