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Stock Market: दुनिया में भू-राजनीतिक तनाव कम होने से क्या बाजार के लिए बनेगा अनुकूल माहौल? यहां समझिए

Stock Market: वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुधार से बाजार का माहौल बेहतर हो रहा है

Stock Market – अंतरराष्ट्रीय निवेशकों की शेयर खरीदारी के आंकड़े बाजार की भविष्यवादी दृष्टि बदलते नजर आए हैं। वेंचुरा के रिसर्च हेड विनीत बोलिंजकर के अनुसार, वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव में कमी और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के चलते, भारतीय बाजार में शॉर्ट टर्म में सकारात्मक माहौल बने रहेगा। इस दौरान घरेलू निवेशक रैली के समर्थन में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

भारतीय बाजार में शेयर खरीदारी के अप्रत्याशित परिवर्तन

25 जून के अंत तक भारतीय बाजारों में विदेशी निवेशकों की मामूली खरीदारी देखी गई। इस दौरान विदेशी निवेशकों का प्रोविजनल कैश-मार्केट इनफ्लो लगभग 380 करोड़ रुपये रहा। इसके बावजूद, घरेलू निवेशकों ने बाजार के समर्थन में अहम भूमिका निभाई।

वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुधार और शेयर के मूल्यांकन में नरमी के संयोजन से बाजार के लिए अधिक अनुकूल माहौल बन रहा है। इस विषय पर आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज की रणनीतिक रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय शेयर बाजार में दबाव डालने वाले कारकों का बदलाव ने लगातार गति लाने की संभावना बढ़ा दी है।

ग्लोबल रिस्क सेंटिमेंट में सुधार और अमेरिका-ईरान के बीच बेहतर समझ के कारण एनर्जी सप्लाई में चिंताओं का सामना कम हुआ। इसके अलावा, माइक्रोन की उच्च कमाई और बेहतर गाइडेंस ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस थीम पर उम्मीद के बीज बोए। इससे टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में तेजी आई और ओवरऑल बाजार के संकेत मजबूत हुए।

मूल्यांकन और बाजार के भविष्य के लिए संकेत

पिछले कुछ महीनों से भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली के कारणों के बारे में चर्चा हो रही है। ब्रोकरेज फर्म के अनुमान अनुसार, बेहतर आर्थिक परिस्थितियों, उचित मूल्यांकन और विदेशी निवेशकों की बिक्री में कमी के संयोजन ने बाजार के लिए अधिक समर्थन लाए हैं। बेंचमार्क सूचकांकों में लगभग नौ प्रतिशत की गिरावट के बाद, मूल्यांकन लगभग 24 गुना से घटकर 18 गुना हो गया है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि वर्तमान मूल्यांकन स्तर में गिरावट के बाद शेयर की कीमतों में नाममात्र लाभ वृद्धि के अनुरूप चलने की संभावना बढ़ गई है। इस बात की संभावना व्यापक विस्तार के बिना भी है।

ग्लोबल अर्थव्यवस्था में सुधार बाजार की भविष्यवादी दृष्टि बना रहा है। अमेरिकी डेटा बाजार विशेषज्ञों के अनुमान के आधार पर, अगले चरण में नॉन-फार्म पेरोल और बेरोजगारी आंकड़े बाजार के लिए महत्वपूर्ण होंगे। इसके अलावा, इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन डेटा और जून पीएमआई की रीडिंग के आंकड़े पहली छमाही की आय से पहले अहम संकेत देंगे।

संभावित जोखिमों के बारे में चेतावनी

हालांकि, रिपोर्ट ने चेतावनी दी है कि कुछ जोखिमों पर निगरानी जारी रखनी चाहिए। प्रमुख चिंताओं में अल नीनो घटना की संभावना और

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