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विझिंजम बंदरगाह पर आयात-निर्यात शुरू: विदेशी ट्रांसशिपमेंट हब पर घटेगी भारत की निर्भरता, अदाणी का कितना निवेश?

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Foto : Charles Davis - indianewslive247.com
Table of Contents
  1. विझिंजम बंदरगाह: आयात-निर्यात गतिविधियों का आरंभ और भारत की समुद्री रणनीति में नया अध्याय
  2. Related Reading
  3. Frequently Asked Questions

विझिंजम बंदरगाह: आयात-निर्यात गतिविधियों का आरंभ और भारत की समुद्री रणनीति में नया अध्याय

Indianewslive247.com – व झ जम ब दरग ह पर – केरलम स्थित विझिंजम बंदरगाह ने अब आयात-निर्यात (EXIM) कार्यों की शुरुआत कर दी है। इस ऐतिहासिक घटनाक्रम में केरलम के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन तथा उद्योग मंत्री पी.के. कुन्हालीकुट्टी सहित कई प्रतिष्ठित व्यक्तियों ने भाग लिया।

“यह गर्व का क्षण है, और विझिंजम अब दुनिया के लिए एक गेटवे बन गया है।”

मुख्यमंत्री सतीशन ने इस अवसर पर ‘मिशन समुद्र’ अभियान के जरिए उपलब्ध संभावनाओं को पूर्णतः उपयोग करने की अपील की। उन्होंने बताया कि सरकार रिंग रोड निर्माण हेतु जमीन अधिग्रहण पर 3,200 करोड़ रुपये की राशि मुहैया कराएगी।

अदाणी समूह का निवेश और क्षमता विस्तार

अदाणी समूह इस परियोजना में कुल 30,000 करोड़ रुपये तक का पूंजी निवेश करने वाला है। दूसरे चरण में 16,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त विस्तार कार्य किया जाएगा, जिसके फलस्वरूप बंदरगाह की वार्षिक संभाल क्षमता 57 लाख टीईयू (ट्वेंटी-फुट इक्विवेलेंट यूनिट) तक उठेगी। इस विस्तार में 1,200 मीटर लंबा कंटेनर बर्थ, स्थायी रेल जोड़ और लॉजिस्टिक्स पार्क जैसी अत्यावश्यक बुनियादी सुविधाएँ शामिल होंगी। सम्पूर्ण चरणों का निर्माण दिसंबर 2028 तक पूर्ण करने की योजना है।

अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड के सीईओ अश्वनी गुप्ता ने इस नए गेटवे को भारत की आकांक्षाओं और वैश्विक बाजारों के बीच सेतु के रूप में चित्रित किया। उन्होंने इसे देश की आत्मनिर्भरता और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धात्मकता से भी जोड़ा।

भौगोलिक रणनीतिकता और समुद्री पहुँच

विझिंजम की स्थिति प्रमुख अंतरराष्ट्रीय शिपिंग मार्गों से मात्र 10 नॉटिकल मील की दूरी पर है। साथ ही 18-20 मीटर का प्राकृतिक ड्राफ्ट इसे विशाल अल्ट्रा लार्ज कंटेनर वेसल्स को संभालने में सक्षम बनाता है। वर्तमान में भारत के 75 फीसदी से अधिक कंटेनर ट्रांसशिपमेंट कार्गो विदेशी बंदरगाहों के माध्यम से संभाला जाता है, जिससे लॉजिस्टिक्स लागत में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। विझिंजम का संचालन इस निर्भरता को कम करने का प्रत्यक्ष उपाय है।

व्यापार, रोजगार और क्षेत्रीय प्रभाव

वाणिज्यिक कार्यों का प्रारंभ 3 दिसंबर 2024 को हुआ था। उसके बाद अब तक बंदरगाह ने 23 लाख टीईयू से अधिक कार्गो और 1,100 जहाजों को संभाला है, जिनमें 80 से अधिक अल्ट्रा लार्ज कंटेनर वेसल्स भी शामिल हैं।

इस संचालन से केरलम, तमिलनाडु और कर्नाटक के व्यापारी वर्ग को अंतरराष्ट्रीय शिपिंग नेटवर्क तक सीधा मार्ग मिलेगा। कर्नाटक की राजधानी बंगलूरू, तमिलनाडु के कोयंबटूर और तिरुप्पुर जैसे विनिर्माण केंद्रों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को इससे मजबूती मिलेगी। अनुमानित रोजगार प्रभाव में 5,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यस्थ नौकरियाँ शामिल हैं।

Frequently Asked Questions

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