रेलवे: ट्रेन में तेज आवाज में मोबाइल पर वीडियो देखना पड़ेगा महंगा, जुर्माना और जेल भी संभव, जानें क्या निर्देश
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ट्रेन में तेज आवाज में मोबाइल चलाना पड़ सकता है भारी
Indianewslive247.com – र लव: भारतीय रेलवे ट्रेनों और रेलवे परिसरों में मोबाइल फोन की तेज आवाज से होने वाली परेशानी को कम करने के लिए जागरूकता अभियान चलाने की तैयारी में है। स्पीकर मोड पर तेज संगीत या वीडियो चलाने, अथवा ऊंची आवाज में बातचीत करने पर कार्रवाई हो सकती है। दक्षिणी रेलवे ने 6 अक्तूबर को इस संबंध में एक परिपत्र जारी किया है।
परिपत्र के अनुसार, नियमों का उल्लंघन करने वाले यात्री पर 1,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। मामले की प्रकृति के आधार पर छह महीने तक की कैद का प्रावधान भी हो सकता है। उत्तरी रेलवे और पश्चिमी रेलवे जोन ने भी मोबाइल फोन के ऐसे उपयोग पर रोक लगाने के लिए कदम उठाने की बात कही है।
रेलवे का नया निर्देश क्या कहता है?
रेलवे जोन सार्वजनिक संबोधन प्रणाली के माध्यम से यात्रियों को बार-बार जागरूक करेंगे। यात्रियों से कहा जाएगा कि वे ट्रेन, प्लेटफॉर्म और अन्य रेलवे परिसरों में मोबाइल फोन पर वीडियो या संगीत तेज आवाज में न चलाएं। जरूरत होने पर हेडफोन या ईयरफोन का उपयोग करने की सलाह दी जाएगी।
दक्षिणी रेलवे के निर्देश में स्पीकर मोड पर मनोरंजन सामग्री चलाने के साथ-साथ तेज आवाज में बातचीत को भी यात्रियों की सुविधा में बाधा माना गया है। र लव से जुड़े इस अभियान का उद्देश्य यात्रा के दौरान सभी लोगों के लिए शांत और आरामदायक वातावरण बनाए रखना है।
इस नियम की जरूरत क्यों पड़ी?
रेलवे को ‘रेल मदद’ शिकायत निवारण प्रणाली के माध्यम से सह-यात्रियों के तेज मोबाइल इस्तेमाल से जुड़ी कई शिकायतें मिली थीं। विशेषकर वातानुकूलित कोचों में तेज संगीत, वीडियो और फोन कॉल से अन्य यात्रियों को असुविधा होने की बात सामने आई।
अधिकारियों के अनुसार, मोबाइल इंटरनेट की आसान पहुंच के कारण सार्वजनिक जगहों पर स्पीकर मोड का उपयोग बढ़ा है। यात्रा के दौरान इससे आराम करने वाले, पढ़ने वाले, काम करने वाले और बच्चों के साथ सफर कर रहे यात्रियों को परेशानी हो सकती है।
लागू करने में क्या चुनौती है?
पश्चिमी रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, हाल के कानूनी संशोधनों के बाद मोबाइल फोन से होने वाली परेशानी पर सख्ती से कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, कुछ यात्री संगठनों ने इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर सवाल उठाए हैं।
नागपुर स्थित रेलवे यात्री संघ के प्रतिनिधि बसंत कुमार शुक्ला ने रेलवे सुरक्षा बल कर्मियों और ट्रेन टिकट परीक्षकों की कमी का मुद्दा उठाया है। उनका कहना है कि अनधिकृत प्रवेश, बर्थ पर अतिक्रमण और स्वच्छता जैसी शिकायतों के बीच तेज आवाज वाले मोबाइल उपयोग पर नियमित निगरानी चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
यात्रियों के लिए व्यावहारिक सलाह
यात्रा के दौरान वीडियो, संगीत या गेम का उपयोग करते समय हेडफोन लगाएं और आवाज कम रखें। फोन कॉल जरूरी हो तो धीमी आवाज में बात करें। यदि किसी सह-यात्री की तेज आवाज से परेशानी हो रही है, तो पहले विनम्रता से अनुरोध करें और जरूरत पड़ने पर रेल मदद के माध्यम से शिकायत दर्ज कराएं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या ट्रेन में मोबाइल पर वीडियो देखना प्रतिबंधित है?
नहीं, मोबाइल पर वीडियो देखना प्रतिबंधित नहीं है। परेशानी तब मानी जाएगी जब वीडियो या संगीत स्पीकर मोड पर तेज आवाज में चलाया जाए और अन्य यात्रियों को असुविधा हो।
नियम तोड़ने पर क्या सजा हो सकती है?
दक्षिणी रेलवे के परिपत्र के अनुसार, कार्रवाई में 1,000 रुपये तक का जुर्माना और/या छह महीने तक की कैद शामिल हो सकती है।
तेज फोन कॉल पर भी कार्रवाई हो सकती है?
हां, निर्देश में ऊंची आवाज में बातचीत को भी यात्रियों की सुविधा में बाधा के रूप में शामिल किया गया है।
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