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‘झोला उठाने का वक्त आ गया’: महंगाई के आंकड़ों को लेकर सरकार पर हमलवार कांग्रेस, आईएमएफ रिपोर्ट पर क्या कहा?

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Foto : Joseph Moore - indianewslive247.com
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  2. Frequently Asked Questions

Indianewslive247.com – झ ल उठ न क वक त – कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने बढ़ती महंगाई को लेकर नरेंद्र मोदी सरकार पर फिर से हमला बोला है। उन्होंने दावा किया कि लगभग हर खाद्य पदार्थ की कीमतें 'सभी सीमाएं पार कर चुकी हैं'। वोटों की चोरी सच्चाई है। कमर तोड़ महंगाई हकीकत है। कांग्रेस नेता ने अपने एक्स हैंडल पर एक मीडिया रिपोर्ट शेयर किया और कहा कि सितंबर महीने में महंगाई 5.54 प्रतिशत पहुंच गई है, लेकिन असली बात यह है कि खाद्य महंगाई 7.74 प्रतिशत हो गई है यानी खाने की लगभग हर चीज की कीमत हद पार कर चुकी हैं। जैसे प्याज 108 प्रतिशत महंगा, लहसुन 55 प्रतिशत, अदरक 63 प्रतिशत और नींबू 36 प्रतिशत महंगा हो गया है ये भी पढ़ें: क्या बंगाल में हिंदी थोप रही है भाजपा सरकार?: विवाद के बाद केएमसी ने बदला पोस्टर, ममता गुट ने तेज किया हमला खुदरा महंगाई पर क्या बोले कांग्रेस नेता? जयराम रमेश ने कहा, सरकारी आंकड़ों के अनुसार खुदरा महंगाई मार्च के 3.40 प्रतिशत से लगातार बढ़ते हुए सितंबर में 5.54 प्रतिशत पर पहुंच गई, जो 23 महीने का उच्चतम स्तर है। महंगाई का असर सिर्फ थाली तक सीमित नहीं है। परिवहन, शिक्षा, कपड़े-जूते और घरेलू सामान सहित सब जरूरी सामान महंगे हो रहे हैं। गरीब की थाली से निवाला, मध्यम वर्ग की जेब से बचत गायब हो रही है और कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री अहंकार में डूबे हैं, जनता की परेशानियों पर ध्यान नहीं दे रहे। ‘अच्छे दिन’ का वादा करके सत्ता में आने वाली सरकार वोट चोरी के साथ साथ बचत चोरी भी कर रही है। जब वोट चोर सरकार को जनता की नाराजगी और वोट खोने का डर ही नहीं है, तो वह जनता की परवाह क्यों करेगी? अब यही हो रहा है। महंगाई बढ़ती जा रही है, वोट चोरी पर जनता का आक्रोश बढ़ता जा रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री जी मौनी बाबा बनकर बैठे हुए हैं। अब उनके लिए झोला उठाने का वक्त आ गया है। ये भी पढ़ें: क्या सांसद होने की भी कोई अहमियत नहीं रही?: जॉन ब्रिटास ने दिल्ली पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप, मारपीट का दावा आईएमएफ ने रिपोर्ट में क्या कहा?

आईएमएफ ने अक्तूबर 2026 के अपने विश्व आर्थिक आउटलुक में कहा, 'वैश्विक अर्थव्यवस्था लचीली बनी हुई है, लेकिन यह लचीलापन अधिक नाजुक और अधिक असमान होता जा रहा है,' जिसमें 2026 में वैश्विक विकास दर 3.1 प्रतिशत और 2027 में 3.4 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है।फंड का अनुमान है कि ऊर्जा और खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों के कारण वैश्विक मुद्रास्फीति 2026 में बढ़कर 4.7 प्रतिशत हो जाएगी, जिसके बाद 2027 में घटकर 4.1 प्रतिशत हो जाएगी।

Frequently Asked Questions

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