राज्यसभा चुनाव: कम विधायक होने के बाद भी अखिलेश उतारेंगे तीसरा प्रत्याशी, भाजपा और सपा में क्रॉस वोटिंग तय
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राज्यसभा चुनाव: सपा के तीसरे उम्मीदवार से बढ़ेगी क्रॉस वोटिंग की संभावना
Indianewslive247.com – र ज यसभ च न व – उत्तर प्रदेश के र ज यसभ च न व में समाजवादी पार्टी तीसरा उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है। पार्टी ने दो प्रत्याशियों के नाम तय कर दिए हैं, लेकिन तीसरे उम्मीदवार के मैदान में आने पर 10 सीटों का चुनाव निर्विरोध नहीं रह पाएगा। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव इस संबंध में फैसला कर चुके हैं और औपचारिक घोषणा भाजपा की सूची स्पष्ट होने के बाद हो सकती है।
राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान 16 अक्तूबर को प्रस्तावित है, जबकि नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 6 अक्तूबर है। यदि सपा तीसरा प्रत्याशी उतारती है या भाजपा अपनी संभावित संख्या से अधिक उम्मीदवार घोषित करती है, तो मतदान की स्थिति बन जाएगी।
सपा ने घोषित किए दो उम्मीदवार
समाजवादी पार्टी ने प्रो. रामगोपाल यादव और रिलायंस समूह के कंसल्टेंट धनराज नाथवानी को उम्मीदवार बनाया है। मौजूदा संख्या बल के हिसाब से सपा दो और भाजपा आठ उम्मीदवार उतारती है तो सभी 10 सीटों पर निर्विरोध निर्वाचन संभव है।
हालांकि, सपा का तीसरा उम्मीदवार उतरने पर मुकाबला बदल जाएगा। पार्टी के पास अपने दम पर तीसरी सीट जीतने लायक विधायक नहीं हैं, लेकिन समर्थक विधायकों के मतों को जोड़ने के बाद उसे लगभग पांच अतिरिक्त वोटों की जरूरत रहने का आकलन है।
36 वोटों का आंकड़ा बनेगा निर्णायक
इस र ज यसभ च न व में विधानसभा सदस्य मतदान करेंगे। मौजूदा परिस्थितियों में 393 से 394 मत पड़ने की संभावना है और एक उम्मीदवार को जीत के लिए 36 वोट चाहिए होंगे। ऐसे में अतिरिक्त उम्मीदवार के उतरने पर हर वोट का महत्व बढ़ जाएगा।
सपा को उम्मीद है कि उसके समर्थन में मौजूद विधायक तीसरे प्रत्याशी के लिए आधार तैयार करेंगे। बाकी मतों के लिए पार्टी की नजर सत्तारूढ़ गठबंधन के उन विधायकों पर हो सकती है, जिनके मतदान को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा है।
भाजपा की सूची के बाद अंतिम फैसला
सपा नेतृत्व ने तीसरे उम्मीदवार के लिए नामांकन पत्र भी तैयार करवा लिया है। अब पार्टी भाजपा के उम्मीदवारों की संख्या और सूची पर नजर रखे हुए है। भाजपा की रणनीति साफ होने के बाद सपा अपने तीसरे प्रत्याशी का नाम घोषित कर सकती है।
यदि भाजपा आठ उम्मीदवारों तक सीमित रहती है और सपा तीसरा नामांकन दाखिल करती है, तो मतदान तय माना जाएगा। यही वजह है कि दोनों दलों की उम्मीदवार सूची को प्रदेश की राजनीति में अहम संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
क्रॉस वोटिंग पर टिकी रहेगी नजर
तीसरे उम्मीदवार के उतरने की स्थिति में भाजपा और सपा दोनों खेमों में क्रॉस वोटिंग की संभावना चर्चा का विषय बनेगी। संख्या बल के साथ विधायकों की मौजूदगी, मतदान प्रबंधन और अंतिम समय के राजनीतिक समीकरण परिणाम को प्रभावित कर सकते हैं।
निर्विरोध निर्वाचन की स्थिति में चुनावी हलचल सीमित रहती, लेकिन मुकाबला होने पर हर विधायक का मत अहम होगा। 36 वोटों के आंकड़े के आसपास बचे हुए मत और संभावित समर्थन किसी उम्मीदवार की जीत या हार तय कर सकते हैं।
सपा के तीसरे उम्मीदवार पर अंतिम निर्णय और भाजपा की प्रत्याशी सूची से साफ होगा कि 16 अक्तूबर को मतदान होगा या सभी सीटों पर निर्विरोध निर्वाचन का रास्ता खुलेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की कितनी सीटों के लिए चुनाव है?
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनाव होना है।
राज्यसभा चुनाव में कौन मतदान करता है?
राज्यसभा चुनाव में विधानसभा के निर्वाचित सदस्य मतदान करते हैं।
एक उम्मीदवार को जीत के लिए कितने वोट चाहिए?
मौजूदा अनुमान के अनुसार एक उम्मीदवार को निर्वाचित होने के लिए 36 वोट चाहिए होंगे।
मतदान कब हो सकता है?
यदि उम्मीदवारों की संख्या उपलब्ध सीटों से अधिक रहती है, तो 16 अक्तूबर को मतदान होगा।
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