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एलपीयू हिंसाः 30-40 छात्र जांच के घेरे में, फरहत देव मास्टरमाइंड; चार एफआईआर के बाद बढ़ा तफ्तीश का दायरा

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Foto : Daniel Davis - indianewslive247.com
Table of Contents
  1. एलपीयू हिंसा: 30-40 छात्र जांच के घेरे में, चार एफआईआर दर्ज
  2. Related Reading
  3. Frequently Asked Questions

एलपीयू हिंसा: 30-40 छात्र जांच के घेरे में, चार एफआईआर दर्ज

Indianewslive247.com – एलप य ह स 30 40 मामले में पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी परिसर में हुई हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ के बाद करीब 30 से 40 छात्र जांच के घेरे में हैं। पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उनकी कथित भूमिका की पड़ताल कर रही है।

मामले में अब तक चार एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। अलग-अलग शिकायतों के कारण जांच में आगजनी, तोड़फोड़, कथित लूट और हिंसा के दौरान लोगों की मौजूदगी जैसे पहलुओं को शामिल किया गया है। पुलिस घटनास्थलों, शिकायतों और वीडियो साक्ष्यों का मिलान कर रही है।

फरहत देव की भूमिका की जांच

सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर फरहत देव को पुलिस कथित मास्टरमाइंड के रूप में जांच के दायरे में रखे हुए है। हिंसा वाले दिन उसके गुरुग्राम से एलपीयू पहुंचने की जानकारी सामने आई है, जिसके बाद परिसर में उसकी गतिविधियों और मौजूदगी की जांच की जा रही है।

फरहत देव करीब दो वर्ष पहले एलपीयू से पढ़ाई पूरी कर चुका है। जांच का अहम सवाल यह है कि वह हिंसा के दिन परिसर में किस उद्देश्य से पहुंचा और घटनाक्रम में उसकी कथित भूमिका क्या रही। पुलिस इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और अन्य प्रमाणों के आधार पर स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास कर रही है।

छात्रा रम्या मिश्रा ने फरहत देव पर डीएसडब्ल्यू कार्यालय में तोड़फोड़ में शामिल होने का आरोप लगाया है। फरहत ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि वह भीड़ को रोकने के लिए कार्यालय में गया था। दोनों पक्षों के अलग-अलग दावों के बीच सीसीटीवी रिकॉर्डिंग और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान जांच में महत्वपूर्ण होंगे।

यूनिमॉल में लूट और नुकसान के दावों की पड़ताल

हिंसा के दौरान यूनिमॉल में आगजनी, तोड़फोड़ और सामान ले जाने के आरोप भी सामने आए हैं। लैपटॉप और मोबाइल फोन की दुकान चलाने वाले युवक ने दावा किया है कि उपद्रवी उसकी दुकान से करीब 300 लैपटॉप और आईफोन-17 सीरीज के 118 मोबाइल फोन ले गए।

दुकानदार ने कुल नुकसान करीब 14 करोड़ रुपये बताया है। जांच में दुकान के स्टॉक रिकॉर्ड, बिल, सामान की सूची और अन्य दस्तावेजों की पड़ताल की जा सकती है। युवक ने लूटपाट में लॉ गेट क्षेत्र के युवकों के शामिल होने का आरोप लगाया है, हालांकि पुलिस को इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करनी होगी।

एलप य ह स 30 40 जांच में पुलिस के सामने यह तय करना भी जरूरी होगा कि कौन लोग सीधे हिंसक घटनाओं में शामिल थे, कौन केवल मौके पर मौजूद थे और किनके खिलाफ अभी केवल आरोप या संदेह है। जिम्मेदारी तय करने के लिए वीडियो, तकनीकी साक्ष्य, गवाहों के बयान और संपत्ति संबंधी रिकॉर्ड अहम रहेंगे।

चार एफआईआर के बाद पुलिस की जांच केवल एक घटना तक सीमित नहीं है। डीएसडब्ल्यू कार्यालय में तोड़फोड़, कथित आगजनी, यूनिमॉल में नुकसान और इलेक्ट्रॉनिक सामान की कथित लूट से जुड़े तथ्यों को अलग-अलग स्तर पर देखा जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही हिंसा की योजना और जिम्मेदार लोगों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

एलपीयू हिंसा मामले में कितने छात्र जांच के घेरे में हैं?

पुलिस के अनुसार, करीब 30 से 40 छात्र जांच के दायरे में हैं। उनकी भूमिका की पुष्टि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

मामले में कितनी एफआईआर दर्ज हुई हैं?

एलपीयू हिंसा से जुड़े अलग-अलग घटनाक्रमों में अब तक चार एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं।

फरहत देव पर क्या आरोप हैं?

उसे कथित मास्टरमाइंड के रूप में जांच के दायरे में रखा गया है और डीएसडब्ल्यू कार्यालय में तोड़फोड़ में शामिल होने का आरोप लगाया गया है। फरहत ने इन आरोपों से इनकार किया है।

Frequently Asked Questions

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