Farmers Protest: सरकार के 60% उपज खरीदने के फैसले के बाद किसानों ने खत्म किया आंदोलन
Indianewslive247.com – बीते तीन दिनों से जारी Farmers Protest बुधवार रात आखिरकार खत्म हो गया। किसानों ने आंदोलन समाप्त करने की घोषणा करते हुए घरों की ओर लौटना शुरू कर दिया। इसके पीछे सरकार के उस महत्वपूर्ण फैसले को मुख्य कारण माना जा रहा है, जिसमें 60 प्रतिशत उपज खरीदे जाने की बात कही गई थी। दिनभर की गहमागहमी और तनाव के बाद आंदोलन खत्म होने से शहर के लोगों ने राहत की सांस ली है।
किसानों में बंटवारा: 60% बनाम 100% खरीदी की मांग
सरकार के फैसले के बाद किसान दो प्रमुख गुटों में बंट गए हैं। कुछ किसान सरकार के 60% खरीदी के फैसले से सहमत हैं और आंदोलन खत्म करने के पक्ष में हैं, जबकि कुछ किसान अब भी 100% खरीदी की मांग पर अड़े हुए हैं। दोनों पक्षों के बीच इस मुद्दे पर चर्चा जारी है। इधर, राजभवन, रोशनपुरा, बाणगंगा और पॉलिटेक्निक चौराहे पर भारी पुलिस बल तैनात है। सीएम हाउस जाने वाले सभी रास्ते बंद कर दिए गए हैं, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक वे आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे।
मूंग खरीदी के मुद्दे पर किसान प्रतिनिधियों और सरकार की ओर से गठित समिति के बीच हुई वार्ता बेनतीजा रही। किसानों ने प्रति एकड़ चार क्विंटल मूंग न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदे जाने की मांग रखी, जबकि समिति ने प्रति एकड़ दो क्विंटल 40 किलोग्राम मूंग खरीदने का प्रस्ताव दिया। दोनों पक्षों के बीच लंबे समय तक चर्चा हुई, लेकिन किसी सहमति पर बात नहीं बन सकी। इसके बाद किसानों ने रोशनपुरा चौराहे पर डेरा डाल दिया।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखा है कि पीएम आशा योजना में राज्यों के लिए 5.23 लाख मीट्रिक टन की सीमा तय की गई है। इसमें मध्य प्रदेश को 87 प्रतिशत हिस्सा मिला है। इसके पहले मध्यप्रदेश के कृषि मंत्री ऐंदल सिंह कंसाना ने 28 जुलाई को पत्र लिखकर मूंग खरीद को 4.54 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 8.06 लाख मीट्रिक टन करने का अनुरोध किया था। इसके जवाब में शिवराज ने लिखा कि पीएम आशा योजना के तहत किसानों से उपज खरीदने के लिए राज्यों को केंद्रीय नोडल एजेंसियों द्वारा राज्य उत्पादन के 25 प्रतिशत तक की सीमा में खरीदी की अनुमति दी जाती है।
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देश पर मंत्री समूह की किसान प्रतिनिधियों के साथ मंत्रालय में बैठक शुरू हो चुकी है। बैठक में कृषि मंत्री इंदल सिंह कंसाना, सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग और पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्य मंत्री कृष्णा गौर शामिल हैं। मंत्रालय वल्लभ भवन में मुख्यमंत्री के निर्देश पर मंत्री समूह मूंग ख़रीदी पर विभिन्न किसान संगठनों के प्रतिनिधियों से चर्चा करके समस्या हल निकालेंगे। किसानों को शाम 7 बजे सरकार की तरफ से मिलने का समय दिया गया है। 19 संगठन सीएम से चर्चा के बाद आगे की रणनीति बनाएंगे। अगर बात बनी तो Farmers Protest समाप्त कर दिया जाएगा, जबकि अगर ऐसा नहीं हुआ तो आंदोलन जारी रखने की घोषणा की जाएगी।

