वांगचुक का अनशन समाप्त: शाह-नड्डा-सिंह की बैठक ने बदली परिस्थिति
Indianewslive247.com – गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष के चक्रव्यूह को तोड़ने के लिए एक सफल रणनीति तैयार की। इसमें केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जम्मू-कश्मीर से आ रहे जितेंद्र सिंह के साथ चार घंटे की बैठक ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस बैठक में प्रतियोगी परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार का रोडमैप तैयार किया गया, जिससे आंदोलन के प्रमुख चेहरे सोनम वांगचुक को साधने और विपक्ष के सियासी हमलों को कुंद करने का लक्ष्य प्राप्त हुआ।
पत्नी के माध्यम से हुई बातचीत, अनशन टूटा
बैठक से पहले ही जितेंद्र सिंह ने वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो से संवाद स्थापित किया। सरकार की ओर से यह स्पष्ट किया गया कि वांगचुक की अधिकांश मांगों पर सहमति है और परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव लाए जाएंगे। इस बातचीत के बाद वांगचुक अनशन तोड़ने के लिए तैयार हो गए। इसके बाद वे मेदांता अस्पताल में जितेंद्र सिंह से मिले।
शाह ने पीएम नरेंद्र मोदी से भी मिलकर कार्रवाई शुरू करवाई। पहले उच्च शिक्षा सचिव की विदाई हुई, फिर देर रात पीएम मोदी ने युवाओं को लेकर एक संदेश जारी किया। इसके कुछ मिनट बाद ही वांगचुक ने भूख हड़ताल समाप्त करने की घोषणा की।
कांग्रेस का आरोप: लद्दाख के लिए डील हुई
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने अनशन तोड़ने पर वांगचुक की आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह अन्ना पार्ट-2 है।
12 साल अन्ना खामोश रहे और अब वांगचुक चुप रहेंगे। हमें तो इस बात का पहले ही दिन से पता था। कल आप सरकार के साथ डील कर रहे थे, तो क्या वहां कोई छात्र मौजूद था। सारे लद्दाख के लोग थे, आपकी अपनी डील हो रही थी, आपने अपनी डील की है।
वांगचुक का जवाब: ईमानदारी साबित करने की जरूरत नहीं
सोनम वांगुचक ने मसूद को जवाब देते हुए कहा कि 26 दिनों की भूख हड़ताल के बाद क्या मुझे ईमानदारी साबित करने की जरूरत है। वांगचुक ने वीडियो संदेश में स्पष्ट किया कि अगर उन्हें कोई सौदा ही करना होता तो भूखा रहने और सेहत दांव पर लगाने की जरूरत नहीं पड़ती।
वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने भी आलोचकों को संदेश दिया कि वे इस मामले में जरा दिल से सोचें।

