केंद्र पर भड़के केजरीवाल: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग, सोनम वांगचुक को शिक्षा मंत्री बनाने की सलाह
क द र पर भड क क – पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आंदोलनकारियों के सामने बोलते हुए केंद्र सरकार को चेतावनी दी है कि युवाओं की आवाज और शिक्षा क्षेत्र के गंभीर मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया जाए, तो 2026 के आगामी चुनाव में केंद्र का वही विपत्ति भोगनी पड़ेगी जो 2014 में तत्कालीन सरकार की ने।
केजरीवाल ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के राजनीतिक स्थिति और पेपर लीक आरोपों की चर्चा करते हुए उनके निलंबन की मांग की और लद्दाख के अधिकारी शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक को देश के नए शिक्षा मंत्री बनाने की सलाह दी।
अनशन के 19वें दिन दिल्ली हाईकोर्ट ने निर्देश जारी कर दिया
सोनम वांगचुक के अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के दौरान उनकी स्वास्थ्य स्थिति के खतरे को देखते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने रोजाना क्लीनिकल मॉनिटरिंग के लिए आदेश दिया। अदालत की टिप्पणी के अनुसार, “हर नागरिक का जीवन अनमोल है और सरकार को इसे बचाने के लिए हर संभव प्रयास करने चाहिए।”
हर नागरिक का जीवन अनमोल है और सरकार को इसे बचाने के लिए हर संभव प्रयास करने चाहिए।
उच्च न्यायालय के निर्देश पर सरकार की ओर से तुषार मेहता ने आश्वासन दिया कि वांगचुक के चिकित्सा सुविधाओं के लिए डॉक्टरों की एक विशेष टीम तैयार रखी गई है। अगर आवश्यकता हो, तो अतिरिक्त सहायता के लिए निर्धारित समय पर डॉक्टरों की एक और टीम को तैनात किया जा सकता है।
इस मुद्दे के संबंध में वांगचुक के अनशन का 19वां दिन गुरुवार था, जिसके बाद आदेश दिया गया कि उनकी दैनिक स्वास्थ्य जांच निरंतर की जाए। इस आदेश के तहत दिल्ली हाईकोर्ट ने उनकी निगरानी के लिए सुविधा प्रदान करने का आश्वासन दिया।
आंदोलन के पीछे बैठे तथ्य इस बात पर आधारित हैं कि 2026 की नीट-यूजी परीक्षा में धांधली और पेपर लीक के आरोपों के बारे में सभी गंभीर चर्चा की गई। वांगचुक की मुख्य मांग शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाना और शिक्षा मंत्री के इस्तीफा देना बनी है।
