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पहाड़ों पर कुदरत का कहर: उत्तराखंड में 91 सड़कें बंद, कश्मीर में क्लाउडबर्स्ट; हिमाचल में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम के कहर से प्रभावित क्षेत्रों में अप्रत्याशित स्थिति

कश्मीर में अचानक बाढ़ के बाद उठाए गए प्रतिक्रिया उपाय

पह ड पर क दरत क कहर – कश्मीर में बादलों के अचानक फटने से भारी बाढ़ के नुकसान की खबर है। अनंतनाग और पहलगाम में दो तेज बरसात की घटनाएं हुईं, जिससे नदी और नालों में तेज बहाव आ गया। चित्रगुल के ऊपरी पर्वतीय क्षेत्रों में अचानक बाढ़ के कारण अफरातफरी मच गई, जबकि नाला आरपत चित्रगुल शांगस में भी जल आपूर्ति ने घटना की वजह से बाधा उत्पन्न कर दी।

उत्तराखंड में 91 मुख्य मार्ग बंद हैं, जिससे आवागमन बाधित हो गई। भूस्खलन के कारण संपर्क मार्ग पूरी तरह टूट गए, जिसमें लोक निर्माण विभाग के तहत सड़कों को खोलने के काम आगे बढ़ रहे हैं। बिलकुल तेज बाढ़ अवस्था पौड़ी गढ़वाल में है, जहां 21 मार्ग बंद हैं। चमोली में 19 मार्ग अवरुद्ध हैं, जबकि टिहरी में 17 और पिथौरागढ़ में 10 सड़कें बंद हैं।

नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण राज्य के 11 बांध और बैराज खतरे के निशान पर पहुंच गए। भागीरथी नदी उत्तरकाशी में, अलकनंदा के बदरीनाथ के पास व रुद्रप्रयाग में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई, लेकिन बाद में मामूली कमी आई। ऋषिकेश और हरिद्वार में गंगा के जलस्तर में आंशिक कमी हुई है, पर खतरा अभी तक टला नहीं है।

हिमाचल प्रदेश में मानसून के गहरे प्रभाव

हिमाचल प्रदेश में मानसून की सक्रियता अब तक रही है, जिसके कारण आगामी पांच दिनों तक भारी बारिश के अलर्ट के तहत है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, जोगिंद्रनगर में अधिकतम 6 सेमी बारिश हुई, जबकि मनाली और सराहन में क्रमशः 5 और 4 सेमी बरसा।

किन्नौर और लाहौल-स्पीति जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी अलर्ट है। बिजली गिरने और अंधड़ के अलर्ट के बारे में विशेष रूप से गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 30 से 40 किमी/घंटा की तेज हवाओं के अनुमान हैं।

मौसम विभाग और तीनों राज्यों के स्थानीय प्रशासन ने अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। आपात स्थिति से बचने के लिए स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करें।

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