PoK में बढ़ते विरोध कश्मीर दावे पर सवाल उठाते हैं: रिपोर्ट
PoK म बढ त व र ध – Focus Keyword: PoK म बढ त व र ध के कारण पाकिस्तान के कश्मीर दावे पर लोगों की आवाज बढ़ रही है। न्यूयॉर्क स्थित गेटस्टोन इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि PoK में बढ़ते विरोध ने पाकिस्तान की कश्मीर नीति के विरोध में नए रूप में चर्चा को बदल दिया है। आंदोलनकारियों की खुली आवाज ने राष्ट्रीय अखंडता के बारे में आकांक्षाओं को बदल दिया है।
आंदोलन का उद्देश्य और विकास
मई 2023 से शुरू हुए PoK में बढ़ते विरोध ने आत्म-प्रकाशन के लिए लोगों की जरूरत को अंतर्निहित बना दिया। इस आंदोलन का नेतृत्व जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) द्वारा किया गया, जिसमें व्यापारी, वकील, ट्रांसपोर्टर, छात्र और सामाजिक संगठन शामिल थे। इन कार्यकर्ताओं के द्वारा लगातार आवाज उठाने के कारण पाकिस्तान के रक्षक के रूप में उनकी भावना में वृद्धि हो रही है।
आंदोलन में लोगों के द्वारा ‘PAK फोर्सेज आउट’ नारे लगाए जाते हैं, जो पाकिस्तानी सेना के बाहर जाने के लिए बुलाए गए थे। रिपोर्ट में बताया गया है कि यह आंदोलन पाकिस्तान की कश्मीर नीति की चुनौती उत्पन्न कर रहा है, जिससे अब लोगों की बातचीत के माहौल में बदलाव आ रहा है।
सरकार की आंतरिक कार्रवाई
जून 2026 में रावलाकोट और मुजफ्फराबाद जैसे शहरों में PoK में बढ़ते विरोध के बारे में रिपोर्ट के अनुसार, लोगों पर गोली चलाई गई। इन कार्यवाहियों में कई लोग घायल हुए, लेकिन आंदोलन जारी रहे। इसके बाद अवामी एक्शन कमेटी पर आतंकवाद विरोधी कानून के तहत प्रतिबंध लगा दिया गया।
इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं बंद कर दी गईं, जिससे आंदोलनकारियों के बीच संचार की बाधा उत्पन्न हुई। अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए, लेकिन लोगों की आवाज कम नहीं हुई। इस बारे में कोई तत्काल प्रतिक्रिया नहीं आई है।
जम्मू-कश्मीर के साथ तुलना
रिपोर्ट में बताया गया है कि जम्मू-कश्मीर के निवासी आर्थिक अवसर
