2021 की वह खूनी पंचायत..: जहां ताबड़तोड़ बरसी थीं गोलियां, पहले दो भाइयों का कत्ल, फिर मुख्य गवाह भी मारा गया
2021 क वह ख न प च – आठ आरोपियों को गिरधरपुर गांव में हुई दुर्घटना के बाद दोहरे हत्याकांड के दोषी ठहराया गया है। अदालत ने देवेंद्र चंदेला, रविंद्र चंदेला, जितेंद्र चंदेला, सतेंद्र चंदेला, धर्मेंद्र चंदेला और बागपत निवासी भोपाल उर्फ अल्लू, जितेंद्र चंदेला और सूरजपुर निवासी अमरजीत बंसल के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। सभी दोषियों को अब न्यायिक अभिरक्षा में रखा गया है।
मामला 2021 के फरवरी में हुआ था जब एक जमीन के विवाद को लेकर पंचायत बुलाई गई। आरोप है कि विवाद के चलते देवेंद्र के पक्ष के लोग ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दिए। इस गोलीबारी में सलेक उर्फ सुरेश और अमित दोनों के घर पर ही मौत हो गई, जबकि उनके चाचा प्रेम सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए।
परिजनों का आरोप था कि शुरुआती चार महीनों तक पुलिस ने उन्हें सुरक्षा उपलब्ध कराई, लेकिन बाद में उसे वापस ले लिया गया।
अगले महीने 2021 के दिसंबर में प्रेम सिंह को खेत से घर लौटते समय बाइक सवार बदमाशों ने तीन गोलियां मार दीं। वे अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती कर दिए गए, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इस घटना के बाद देवेंद्र, रविंद्र और भोपाल के खिलाफ 25 हजार के इनाम घोषित किए गए।
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने घेरा देखकर फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें घटना के बाद दो दिसंबर में अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। मुकदमा में लाइसेंसी राइफल, पिस्टल, तमंचा, कारतूस और घटना के समय प्रयुक्त कार के बरामद कर लिए गए।
इस मामले में गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई। देवेंद्र चंदेला की चार करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति धारा 14 (1) के तहत कुर्क की गई। कुर्क की गई जमीन, स्कूल, आठ भूखंड और कार आदि शामिल थे।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, चिकित्सीय साक्ष्य, फोरेंसिक रिपोर्ट आदि प्रस्तुत किए। अब अदालत दोषियों की भूमिका और अपराध की गंभीरता के आधार पर सजा निर्धारित करेगी। पीड़ित परिवार की उम्मीद है कि अदालत उनकी आवाज सुने और न्याय दे।
