तीन पायलट, दो एसयू-24 और हिरासत का दावा: ईरान के दावे को दोहा ने किया खारिज: अब आमने-सामने दोहा और तेहरान
कतर ने तीन ईरानी पायलटों की हिरासत का दावा खारिज किया
Indianewslive247.com – कतर सरकार ने ईरानी मीडिया द्वारा किए गए उस दावे को पूरी तरह से अस्वीकार कर दिया है, जिसमें तीन ईरानी पायलटों को छह महीने से अधिक समय से हिरासत में रखा गया बताया गया था। कतर का तर्क है कि कथित हवाई क्षेत्र उल्लंघन के दौरान उसने नियमानुसार कार्रवाई की और खोज एवं बचाव अभियान भी सफलतापूर्वक चलाया। यह मामला दोहा और तेहरान के बीच राजनीतिक तनाव का कारण बना हुआ है।
कतर के विदेश मंत्रालय की स्पष्ट प्रतिक्रिया
कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजेद मोहम्मद अल-अंसारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए स्पष्ट किया कि कतरी हवाई क्षेत्र के कथित उल्लंघन के मामले में ईरानी पायलटों से संपर्क स्थापित किया गया था। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि अधिकारियों ने उनके विमान की दिशा और टारगेट की ओर बढ़ने वाले प्रक्षेप पथ की जांच की थी।
हम ईरानी पायलटों की हिरासत के बारे में फैलाए जा रहे दावों का सख्ती से खंडन करते हैं और इस खास समय पर ऐसे गुमराह करने वाले बयानों से हमें हैरानी है।
खोज अभियान और ईरानी टीम का न्योता
अल-अंसारी ने बताया कि कतरी अधिकारियों ने पायलटों से संपर्क करने की कोशिश की थी। जब उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, तो अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत कतरी क्षेत्र की रक्षा के लिए 'जरूरी कदम' उठाए गए। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि कतर ने उस समय आधिकारिक माध्यमों के जरिए पूरे मामले को स्पष्ट कर दिया था।
खोज और बचाव अभियान का जिक्र करते हुए कतर ने कहा कि उसकी टीमों ने पायलटों के अवशेषों की तलाश की थी। बाद में ईरान के साथ समन्वय करते हुए एक पायलट के मिले अवशेष सौंपे गए। कतर ने पिछले अप्रैल में एक ईरानी टीम को खोज और बचाव अभियान से जुड़े विवरण की समीक्षा करने के लिए आमंत्रित किया था, लेकिन ईरानी पक्ष ने अब तक इस निमंत्रण का कोई जवाब नहीं दिया है।
ईरानी मीडिया का दावा और ICRC की मांग
यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब ईरानी समाचार एजेंसी फार्स न्यूज ने शनिवार को दावा किया कि मार्च में कतर स्थित अमेरिकी बेस के खिलाफ किए गए एक ऑपरेशन के दौरान दो ईरानी Su-24 लड़ाकू विमानों को मार गिराए जाने के बाद कतरी बलों ने तीन सैन्य पायलटों को पकड़ लिया था। फार्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, ईरानी सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ की लापता लोगों की खोज समिति के कमांडर मोहम्मद बागेरजादेह ने तीनों पायलटों की पहचान जावद सालेही, अब्दुल-मजीद दश्तियन और इमरान बेह्रुशियन के रूप में की।
बागेरजादेह ने दावा किया कि तीनों पायलट पिछले छह महीनों से कतरी सेना की हिरासत में हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कतर सरकार ने तीनों पायलटों को एक-दूसरे से मिलने, इंटरव्यू देने या अपने परिवारों और उनके मामले को देख रहे ईरानी अधिकारियों से संपर्क करने की अनुमति नहीं दी है। ईरानी समाचार एजेंसी के मुताबिक, अधिकारी ने मांग की है कि इंटरनेशनल कमिटी ऑफ द रेड क्रॉस (ICRC) को हिरासत में बताए जा रहे पायलटों से मिलने की अनुमति दी जाए।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कतर ने ईरानी पायलटों की हिरासत के दावे को क्यों खारिज किया? कतर का कहना है कि उसने अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत उचित कार्रवाई की थी और पायलटों को हिरासत में नहीं रखा गया, बल्कि खोज अभियान के दौरान उनकी मदद की गई।
ईरानी पायलटों की पहचान कैसे हुई? ईरानी जनरल स्टाफ की लापता लोगों की खोज समिति के कमांडर मोहम्मद बागेरजादेह ने तीनों पायलटों की पहचान जावद सालेही, अब्दुल-मजीद दश्तियन और इमरान बेह्रुशियन के रूप में की।
कतर ने ईरानी टीम को कब आमंत्रित किया था? कतर ने पिछले अप्रैल में एक ईरानी टीम को खोज और बचाव अभियान के विवरण की समीक्षा करने के लिए आमंत्रित किया था, लेकिन ईरानी पक्ष ने अभी तक इसका जवाब नहीं दिया है।
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