IndiaNewsLive247
Fast mobile article powered by Nexiamath-SEO AMP.
AMP Article

सिंगापुर में भारतीय-बांग्लादेशी मजदूरों का हंगामा: महीनों से नहीं मिला वेतन, रोजमर्रा का खर्च चलाना भी मुश्किल

Published जून 24, 2026 · Updated जून 24, 2026 · By Jessica Wilson

सिंगापुर में भारतीय-बांग्लादेशी मजदूरों की आपत्ति: महीनों से वेतन नहीं मिला

कार्य मंत्रालय के खिलाफ जांच शुरू, भोजन की कमी चुनौती बन गई

स ग प र म भ रत - सिंगापुर में नौकरी कर रहे भारत और बांग्लादेश के लगभग 400 प्रवासी श्रमिक अपनी मुश्किल दशा का सामना कर रहे हैं। अनेक श्रमिकों का दावा है कि उन्हें अब तक कई महीनों से वेतन नहीं मिला है, जिसके कारण दैनिक खर्च चलाने में भी तकलीफ हो रही है। इस विवाद के उद्भव के पीछे एक हजार मजदूरों द्वारा श्रम मंत्रालय के प्रति शिकायत करने का कारण रहा है।

शिकायत के बाद मंत्रालय ने केपीए इंजीनियरिंग और एसके इंडस्ट्रीज नामक दो कंपनियों की जांच शुरू कर दी। इस जांच के चलते अधिक संख्या में श्रमिक सामने आए, जिससे प्रभावित कर्मचारियों की संख्या लगभग 400 तक पहुंच गई। जानकारी के अनुसार, दोनों कंपनियों के प्रबंधन के हाथ में एक ही डायरेक्टर है जो कई अन्य कंपनियों से भी जुड़ा हुआ है।

माइग्रेंट वर्कर्स सेंटर ने 300 से अधिक मजदूरों से मुलाकात कर उन्हें मदद का भरोसा दिया है।

चूंकि श्रमिकों की आर्थिक स्थिति बहुत खराब हो गई है, कई कंपनियों ने उनके लिए भोजन आपूर्ति बंद कर दी है। अधिकारियों ने सलाह दी है कि वेतन विवाद के समाधान तक श्रमिक नई नौकरी खोज सकते हैं और उनके लिए विशेष पास भी जारी किया जा सकता है।

हालांकि, नए काम के लिए श्रमिक अधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह असंभव है। कई श्रमिक पहले से ही भर्ती एजेंसियों को भारी शुल्क दे चुके हैं और अब आर्थिक तंगी के कारण वापस देने की स्थिति में नहीं हैं। श्रमिकों का डर है कि शिकायत करने पर उनके वर्क परमिट रद्द कर दिए जा सकते हैं।

फिलहाल, श्रम मंत्रालय और संबंधित एजेंसियां श्रमिकों के द्वारा लगाए गए आपत्तियों की जांच कर रही हैं। श्रमिक संगठनों की राय में ऐसे श्रमिक अपने कार्य संबंधी अधिकारों के लिए आवाज उठाने में असमर्थ हैं क्योंकि वे भाषा, कानूनी प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेजों के बारे में जानकारी के अभाव में रह गए हैं।