‘मैडम सो रही हैं’: पूर्व राजनयिक ने खोली पाकिस्तान की पोल; बेनजीर भुट्टो के किस्से का जिक्र कर की आलोचना
मैडम सो रही हैं: पाकिस्तान के राजनीतिक विफलता के खुलासा और आलोचना
पूर्व सिंगापुर राजनयिक के आरोप में बेनजीर भुट्टो के घर फोन करने की कोशिश
म डम स रह ह लेकिन इस दौरान बेनजीर भुट्टो के घर फोन करने के दौरान एक बड़ी विफलता देखने को मिली। पूर्व सिंगापुर विदेश मंत्रालय के स्थायी सचिव बिलाहारी कौसिकन ने इस घटना के बारे में बताया कि उन्होंने 1991 में तत्कालीन प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो के बारे में बात करने की कोशिश की थी।
रात करीब 3 बजे के अंतर्गत उन्होंने बेनजीर के आवास पर कॉल किया लेकिन उत्तर मिला कि मैडम सो रही हैं, उनसे बात करने के लिए विशेष आग्रह किया गया था।
विमान अपहरण के दौरान राजनीतिक नेता की मदद के लिए कूटनीतिक कमजोरी
कौसिकन ने खुलासा किया कि उन्होंने तीन बार अपहरणकर्ताओं से संपर्क करने की कोशिश की। लेकिन उनके संपर्क में कोई उच्चायुक्त नहीं आया। उन्होंने कहा, "मैडम सो रही हैं यह ऐसा लगता है कि उनके घर में व्यक्ति नहीं थे जो अंग्रेजी बोल सकें।"
इस घटना के बाद सिंगापुर के सुरक्षा बलों ने विमान पर हमला कर चारों अपहरणकर्ताओं को मार गिराया। कौसिकन ने बताया कि इस घटना में बेनजीर भुट्टो के समाधान के लिए अपहरणकर्ताओं की असमर्थता देखने को मिली।
पाकिस्तान की वर्तमान राजनीतिक व्यवस्था की आलोचना
उन्होंने विश्लेषण किया कि पाकिस्तान की वर्तमान घटनाओं में आंतरिक कमजोरियां अंतरराष्ट्रीय संबंधों के फायदे से छिपी हुई हैं। "मैडम सो रही हैं" लेकिन इस घटना के बाद देश के राजनीतिक विवाद और कमजोर संस्थानों के बारे में बताया।
कौसिकन ने कहा कि चाहे कूटनीतिक चालबाजी कैसे हो, देश के भीतर होने वाली आर्थिक गंमाई और जिहादी गतिविधियां बेनजीर भुट्टो के घटनाओं के बारे में बताया। विशेष रूप से "मैडम सो रही हैं" लेकिन उसके पीछे छिपी राजनीतिक चुनौतियों को छोड़ दिया गया।
इस घटना के बाद पाकिस्तान के अंदर ईंधन कीमतों और लोगों के जीवन के दौरान चल रही महंगाई का जिक्र किया। एक अन्य पत्रकार ने इस बारे में कहा कि अब तक देश के गिरने की दृष्टि से आभारी होना चाहिए।
कौसिकन के अनुसार, पाकिस्तान की मूल चुनौतियां राजनीतिक नेतृत्व और कूटनीतिक व्यवस्था के अंतर्गत छिपी हुई हैं। "मैडम सो रही हैं" बेनजीर भुट्टो के घर फोन करने की कोशिश के बारे में कहा कि विश्वास की कमी के कारण व्यवस्था के अंतर्गत अस्थिरता देखने को मिली।