फिलीपींस: आसियान रक्षा बैठक से इतर मिले राजनाथ सिंह और पीट हेगसेथ, अमेरिकी रक्षा मंत्री से हुई क्या चर्चा?
सेबू में भारत-अमेरिका रक्षा संवाद, 10 वर्षीय ढांचे की प्रगति पर हुई समीक्षा
Indianewslive247.com – फ ल प स - फिलीपींस के सेबू शहर में आयोजित 13वीं आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक प्लस (एडीएमएम-प्लस) के दौरान भारत और अमेरिका ने अपनी रक्षा साझेदारी को आगे बढ़ाने पर चर्चा की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को अमेरिका के युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ से अलग से मुलाकात की, जिसमें सैन्य तकनीक, सूचना आदान-प्रदान और संयुक्त उत्पादन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग की स्थिति पर विचार हुआ।
यह बैठक ऐसे समय में हुई, जब भारत और अमेरिका के बीच प्रमुख रक्षा साझेदारी के लिए तैयार किए गए ढांचे को एक वर्ष पूरा हो चुका है। दोनों देशों ने वर्ष 2025 में इस ढांचे पर हस्ताक्षर किए थे। इसका लक्ष्य अगले दस वर्षों के दौरान रक्षा संबंधों को अधिक व्यापक और व्यवस्थित बनाना है।
10 वर्षीय रक्षा ढांचे पर केंद्रित बातचीत
राजनाथ सिंह ने मुलाकात के बाद सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि उन्होंने हेगसेथ के साथ भारत-अमेरिका के दस वर्षीय रक्षा ढांचे की प्रगति की समीक्षा की। उनके अनुसार, यह व्यवस्था सैन्य प्रौद्योगिकी, रणनीतिक सूचनाओं के साझा उपयोग और रक्षा उत्पादन में संयुक्त भागीदारी को प्रोत्साहित कर रही है।
“13वीं एडीएमएम-प्लस बैठक के इतर अमेरिकी युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ के साथ शानदार मुलाकात हुई। हमने अपने 10 वर्षीय भारत-अमेरिका रक्षा ढांचे की प्रगति की समीक्षा की। यह ढांचा सैन्य प्रौद्योगिकी, सूचना साझा करने और संयुक्त उत्पादन के क्षेत्रों में रणनीतिक तालमेल को आगे बढ़ा रहा है। हमारी मजबूत साझेदारी स्वतंत्र, खुले और सुरक्षित हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण आधार बनी हुई है।”
दोनों देशों के लिए यह सहयोग केवल द्विपक्षीय रक्षा संबंधों तक सीमित नहीं है। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, स्थिरता, खुले मार्गों और साझा रणनीतिक हितों के संदर्भ में भारत-अमेरिका समन्वय को महत्वपूर्ण माना जाता है। राजनाथ सिंह ने भी मुलाकात में स्वतंत्र, खुले और सुरक्षित हिंद-प्रशांत के लिए साझेदारी की अहमियत रेखांकित की।
हेगसेथ ने साझेदारी की पहली वर्षगांठ का किया उल्लेख
पीट हेगसेथ ने भी एक्स पर दोनों नेताओं की बातचीत की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि भारत के रक्षा मंत्री के साथ बैठक में प्रमुख रक्षा साझेदारी के ढांचे की पहली वर्षगांठ का उल्लेख किया गया और सहयोग को और मजबूत करने के विकल्पों पर विचार हुआ।
“Great meeting with Indian Minister of Defence Singh. We celebrated the one-year anniversary of the Framework for our Major Defense Partnership and explored ways to strengthen cooperation.”
रक्षा मंत्रालय ने इस ढांचे को दोनों देशों के बीच गहरे रक्षा सहयोग के लिए साझा दृष्टि और नीतिगत मार्गदर्शन देने वाली व्यवस्था बताया है। इसका महत्व इसलिए भी है कि यह दीर्घकालिक प्राथमिकताओं को स्पष्ट करता है और रक्षा तकनीक तथा औद्योगिक सहयोग के लिए दिशा प्रदान करता है।
आसियान मंच पर भारत की भागीदारी
राजनाथ सिंह मंगलवार रात सेबू पहुंचे थे। हवाई अड्डे पर फिलीपींस के राष्ट्रीय रक्षा विभाग के अवर सचिव तथा सेवानिवृत्त मेजर जनरल फैबियन एम. पेड्रोसा ने उनका औपचारिक स्वागत किया। इस अवसर पर फिलीपींस में भारत के राजदूत हर्ष कुमार जैन और रक्षा अताशे कैप्टन चंद्रकांत कोठारी भी उपस्थित थे।
सेबू पहुंचने के बाद रक्षा मंत्री ने भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों और फिलीपींस के नागरिकों से भी बातचीत की। गुरुवार को वह एडीएमएम-प्लस बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। इस मंच पर क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा से संबंधित साझा चुनौतियों, सहयोग के अवसरों तथा हिंद-प्रशांत की स्थिरता पर विचार-विमर्श होने की उम्मीद है।
एडीएमएम-प्लस आसियान सदस्य देशों और उनके संवाद साझेदारों के बीच रक्षा संवाद का अहम मंच है। भारत के लिए इसमें भागीदारी एक्ट ईस्ट नीति के व्यापक उद्देश्यों से जुड़ी है, जिसके तहत दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों के साथ राजनीतिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया जाता है।
क्षेत्रीय शांति और स्थिरता पर भारत का जोर
सेबू रवाना होने से पहले राजनाथ सिंह ने कहा था कि भारत आसियान की केंद्रीय भूमिका को महत्व देता है और हिंद-प्रशांत में शांति, स्थिरता तथा सामूहिक विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने इस दृष्टिकोण को भारत की एक्ट ईस्ट नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया था।
रक्षा मंत्री की यात्रा के दौरान कई देशों के समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बातचीत भी निर्धारित है। इनमें फिलीपींस, अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर, वियतनाम और दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्री शामिल हैं। ऐसी बैठकों से क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों पर प्रत्यक्ष संवाद का अवसर मिलता है और विभिन्न देशों के बीच व्यावहारिक रक्षा सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा आगे बढ़ती है।
अमेरिका ने अन्य सहयोगी देशों के नेताओं से भी की वार्ता
पीट हेगसेथ ने एडीएमएम-प्लस के इतर दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और जापान के रक्षा नेतृत्व से भी मुलाकात की। दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्री कांग के साथ बातचीत में अमेरिका-दक्षिण कोरिया गठबंधन और रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
ऑस्ट्रेलिया के उप प्रधानमंत्री मार्ल्स के साथ हुई बैठक में हेगसेथ ने गठबंधन को मजबूत बनाने और बेहतर परिणाम हासिल करने की बात कही। जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी के साथ उनकी चर्चा साझा रणनीतिक उद्देश्यों, रक्षा निवेश, प्रशिक्षण और हथियार उत्पादन बढ़ाने के विषयों पर केंद्रित रही।
सेबू में हो रही ये बातचीतें इस बात को रेखांकित करती हैं कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा सहयोग लगातार महत्व पा रहा है। भारत और अमेरिका के बीच दस वर्षीय रक्षा ढांचे की समीक्षा भी इसी व्यापक संदर्भ में महत्वपूर्ण है, क्योंकि दोनों देश आने वाले वर्षों में तकनीकी, औद्योगिक और रणनीतिक समन्वय को आगे बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं।
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