तिब्बत में भूकंप से कांपी धरती: रिक्टर पैमाने पर 7.0 तीव्रता के बाद चार घंटे में लगे 15 और झटके, दहशत का माहौल
तिब्बत में भूकंप के तेज झटके, 7.0 तीव्रता के बाद कई आफ्टरशॉक
Indianewslive247.com – त ब बत म भ क प के तेज झटकों से गुरुवार, 22 अक्तूबर की रात धरती कांप उठी। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) के अनुसार, रात 8:03 बजे 7.0 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप दर्ज किया गया। इसके बाद क्षेत्र में लगातार झटके महसूस होने से लोगों में दहशत का माहौल बना रहा।
एनसीएस के आंकड़ों के मुताबिक, करीब चार घंटे के भीतर कुल 16 भूकंपीय घटनाएं दर्ज की गईं। मुख्य झटके के लगभग 26 मिनट बाद, रात 8:29 बजे 5.2 तीव्रता का एक और भूकंप रिकॉर्ड हुआ। इसके बाद 5.0 और उससे कम तीव्रता के कई झटके आते रहे।
23 अक्तूबर को रात 12:01 बजे 4.3 तीव्रता का झटका भी दर्ज किया गया। मुख्य भूकंप का केंद्र जमीन के भीतर 173 किलोमीटर की गहराई में बताया गया है। चीन के कुछ क्षेत्रों में भी कंपन महसूस होने की जानकारी सामने आई है।
पहले भी महसूस हुए हैं तिब्बत में भूकंप के झटके
तिब्बत क्षेत्र में इससे पहले भी भूकंपीय गतिविधियां दर्ज होती रही हैं। तीन सितंबर को यहां 5.0 तीव्रता का भूकंप आया था। तब झटके दोपहर करीब 1:46 बजे महसूस किए गए थे और इसका केंद्र 31.479 डिग्री उत्तरी अक्षांश तथा 80.370 डिग्री पूर्वी देशांतर पर दर्ज किया गया था। उस भूकंप की गहराई लगभग 14 किलोमीटर बताई गई थी।
यह इलाका पहले से ही प्राकृतिक आपदाओं का सामना कर चुका है। 26 अगस्त को ग्लेशियर टूटने की घटना के बाद तिब्बत में बाढ़ की स्थिति भी बनी थी। चीन सीमा से जुड़े क्षेत्रों में तब बड़े पैमाने पर नुकसान की खबरें आई थीं।
जनवरी 2025 में भी तिब्बत में आए शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचाई थी। उस समय 120 से अधिक लोगों की मौत हुई थी और सैकड़ों लोग घायल हुए थे। चीन भूकंप नेटवर्क केंद्र के अनुसार, सुबह 9:05 बजे आए उस भूकंप की तीव्रता 6.8 मापी गई थी।
भूकंप क्यों आते हैं और तीव्रता कैसे मापी जाती है?
पृथ्वी की सतह कई टेक्टोनिक प्लेटों से बनी है, जो लगातार धीमी गति से खिसकती रहती हैं। जब ये प्लेटें आपस में टकराती हैं, रगड़ खाती हैं या दबाव के कारण अचानक खिसकती हैं, तो ऊर्जा निकलती है। यही ऊर्जा धरती की सतह पर कंपन पैदा करती है और भूकंप के झटके महसूस होते हैं।
जिस स्थान पर प्लेटों के बीच हलचल होती है, वहां झटके सबसे अधिक महसूस हो सकते हैं। हालांकि, तीव्रता अधिक होने पर कंपन काफी दूर तक पहुंच सकता है। वैज्ञानिक भूकंपीय तरंगों का अध्ययन कर भूकंप की तीव्रता और उसके केंद्र का पता लगाते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
तिब्बत में भूकंप की सबसे अधिक तीव्रता कितनी दर्ज की गई? एनसीएस के अनुसार, 22 अक्तूबर की रात मुख्य भूकंप की तीव्रता 7.0 दर्ज की गई।
मुख्य भूकंप के बाद कितने झटके रिकॉर्ड हुए? करीब चार घंटे में कुल 16 भूकंपीय घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें मुख्य झटके के बाद कई आफ्टरशॉक शामिल थे।
भूकंप के दौरान क्या सावधानी बरतनी चाहिए? सुरक्षित स्थान पर रहें, खिड़कियों और भारी वस्तुओं से दूर हटें तथा झटके रुकने के बाद खुले क्षेत्र में जाएं। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों के निर्देशों का पालन करें।
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