ताइवान के राष्ट्रपति के परिवार की जासूसी: अमेरिका में महिला गिरफ्तार; चीन के लिए कैसे करती थी काम?
Indianewslive247.com – त इव न क र ष ट - एफबीआई ने कैलिफोर्निया की एक रियल एस्टेट एजेंट को गिरफ्तार किया है। उसे लॉस एंजिलिस हवाई अड्डे पर उस समय पकड़ा गया, जब वह देश छोड़ने जा रही थी। उस पर चीन के लिए ताइवान के राष्ट्रपति के परिवार की जासूसी करने का आरोप है। संघीय अधिकारियों ने यह जानकारी दी। झांग इरविन कौन है? एफबीआई के अनुसार, वानयिंग झांग हीदर नाम से भी जानी जाती है। उसने पिछले साल चीनी सरकार के लिए ताइवान के राष्ट्रपति के बेटे और उनके परिवार पर नजर रखी थी। 34 वर्षीय झांग इरविन में रहती है। उसे रविवार को लॉस एंजिलिस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गिरफ्तार किया गया। उस पर चीन के लिए बिना पंजीकरण एजेंट के तौर पर काम करने का आरोप है। यह जानकारी अमेरिका के सहायक संघीय अभियोजक बिल एस्सायली ने दी। शिकायत के अनुसार, झांग ने जिन लोगों पर नजर रखी, उनकी तस्वीरें और वीडियो बनाए। उसने उनकी गाड़ियों के नंबर की जानकारी भी चीनी अधिकारियों को भेजी। एस्सायली ने फॉक्स न्यूज के कार्यक्रम 'द बिग वीकेंड शो' में बताया कि झांग अमेरिका की नागरिक है। उसने अमेरिकी नागरिकता हासिल की है। उसे चीन जाने वाली उड़ान पर रवाना होते समय गिरफ्तार किया गया। यह तुरंत साफ नहीं हो सका कि उसकी ओर से बोलने के लिए कोई वकील मौजूद है या नहीं। उसे सोमवार दोपहर लॉस एंजिलिस की संघीय अदालत में पेश किया जाना है। अमेरिका में चीन के लिए जासूसी के मामलों पर कार्रवाई क्यों? यह मामला न्याय विभाग की ओर से की जा रही ऐसी कार्रवाइयों की नई कड़ी है। इन मामलों का मकसद अमेरिका की जमीन पर चीन के हितों को आगे बढ़ाने वाले कथित गुप्त एजेंटों का पता लगाना है। न्याय विभाग के अनुसार, इनमें से कई मामले उन लोगों से जुड़े हैं, जो अमेरिका में रह रहे लोकतंत्र समर्थक कार्यकर्ता हैं। विभाग का कहना है कि चीन उन्हें तलाशने और परेशान करने के लिए आक्रामक तरीके अपना रहा है। उनकी आवाज को दबाने की भी कोशिश की जा रही है। न्याय विभाग का यह भी कहना है कि बीजिंग अमेरिकी जनमत को अपने पक्ष में करने के लिए राजनीतिक लोगों से संबंध बनाने की कोशिश कर रहा है। ऐसे लोगों को चुना जाता है, जिनकी सत्ता के अहम लोगों तक पहुंच मानी जाती है। अमेरिका में चीनी दूतावास ने सोमवार को टिप्पणी के अनुरोध का तुरंत जवाब नहीं दिया। बीजिंग में चीन का विदेश मंत्रालय छुट्टियों के कारण बंद था। ताइवान ने क्या कहा?
ताइवान के राष्ट्रपति कार्यालय ने पुष्टि की कि राष्ट्रपति लाई चिंग-ते के रिश्तेदार निशाने पर थे। हालांकि, उसने यह नहीं बताया कि निशाना राष्ट्रपति के बेटे थे या कोई और रिश्तेदार। कार्यालय ने इसे 'सीमा पार दमन का एक स्पष्ट मामला' बताया। प्रवक्ता कैरेन कुओ ने एक बयान में कहा कि ताइवान ऐसे बर्बर कृत्यों की कड़ी निंदा करता है। उन्होंने कहा कि ऐसे कृत्य मानवाधिकारों और राष्ट्रीय संप्रभुता की अनदेखी करते हैं। उन्होंने कहा कि इनका मकसद आजादी और लोकतंत्र की वकालत करने वाले लोगों या उनके परिवारों को दबाना, धमकाना या नुकसान पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि सभ्य दुनिया में इस तरह के व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। किस पर रखी गई थी नजर? आपराधिक शिकायत में उस व्यक्ति का नाम नहीं बताया गया है, जिस पर नजर रखी गई थी। लेकिन एफबीआई के सोशल मीडिया मंच एक्स पर मौजूद उसके त्वरित प्रतिक्रिया वाले खाते ने कहा कि वह राष्ट्रपति का बेटा था। सिएटल में कैसे की गई जासूसी? हलफनामे के अनुसार, चीनी अधिकारियों के निर्देश पर झांग और एक अन्य व्यक्ति 1 सितंबर 2025 को सिएटल गए थे। उन्होंने जिस व्यक्ति पर नजर रखी जा रही थी, उसके घर के बाहर निगरानी की। शपथ पत्र में कहा गया है कि घर के पास लगे सुरक्षा कैमरे ने दोनों को एक वाहन से उस व्यक्ति और उसके परिवार की तस्वीरें और वीडियो बनाते हुए रिकॉर्ड किया था। इसके बाद झांग ने कथित तौर पर निगरानी से जुड़ी जानकारी एक चीनी अधिकारी को भेजी। इसमें तस्वीरें, वीडियो और उस व्यक्ति की गाड़ियों के नंबर की जानकारी शामिल थी। चीनी अधिकारियों से झांग का क्या संबंध था?
हलफनामे के अनुसार, झांग ने बीजिंग की अंतरराष्ट्रीय संबंध विश्वविद्यालय से पढ़ाई की थी। बताया जाता है कि इस संस्थान के चीन की खुफिया व्यवस्था से करीबी संबंध हैं। हलफनामे में कहा गया है कि झांग और उसका एक सहपाठी 2014 में पढ़ाई पूरी करने के बाद भी संपर्क में रहे। बाद में उसका सहपाठी चीनी सरकार में अधिकारी बन गया। उसी सहपाठी ने झांग की मुलाकात एक और सरकारी अधिकारी से कराई थी। 2025 में झांग दोनों अधिकारियों के संपर्क में थी। ताइवान और चीन के बीच विवाद क्या है? ताइवान और चीन 1949 में गृहयुद्ध के बाद अलग हो गए थे। लेकिन बीजिंग ताइवान को अपना हिस्सा बताता है। लाई 2024 में ताइवान के राष्ट्रपति चुने गए थे। उन्होंने कहा है कि ताइवान और बीजिंग एक-दूसरे का हिस्सा नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि चीन के जनवादी गणराज्य को ताइवान का प्रतिनिधित्व करने का कोई अधिकार नहीं है। चीन लाई को अलगाववादी मानता है। उसने उन्हें 'शांति नष्ट करने वाला' भी कहा है। ये भी पढ़ें: सऊदी अरब में पाकिस्तान-तुर्किये की सेना होगी तैनात: हूती विद्रोहियों से तनाव के बीच बड़ा फैसला; क्या है योजना? लाई ने रक्षा पर खर्च क्यों बढ़ाया?
राष्ट्रपति पद पर रहते हुए लाई ने ताइवान की रक्षा पर खर्च बढ़ाया है। उन्होंने रक्षा खर्च को सकल घरेलू उत्पाद के 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 5 प्रतिशत करने का वादा किया है। उन्होंने टी-डोम हवाई रक्षा प्रणाली बनाने के लिए विशेष बजट को भी आगे बढ़ाया है। कैलिफोर्निया में पहले भी सामने आया था ऐसा मामला? मई में दक्षिणी कैलिफोर्निया की एक मेयर चीनी सरकार के लिए एजेंट के तौर पर काम करने की बात स्वीकार करने के लिए तैयार हो गई थीं। इसके बाद उन्होंने अपने शहर के पद से इस्तीफा दे दिया था। आर्केडिया की मेयर एलीन वांग पर अमेरिका में किसी विदेशी सरकार के लिए एजेंट के तौर पर काम करने का आरोप लगाया गया था। उन पर चीनी अधिकारियों के कहने पर काम करने का आरोप था। इसमें चीन के पक्ष में खबरें साझा करना भी शामिल था। कानून के तहत ऐसा करने से पहले अमेरिकी सरकार को इसकी जानकारी देना जरूरी था।
Related Reading
Frequently Asked Questions
What is त इव न क र ष ट?त इव न क र ष ट is the main topic of this guide. The article explains the context, practical details, and next steps readers should understand.
Why does त इव न क र ष ट matter?त इव न क र ष ट matters because readers are looking for a useful answer, not just a short summary. Good content should match search intent and help them decide what to do next.