ट्रंप के ‘विजय द्वार’ में बनेगा सैन्य अड्डा: ड्रोन-स्नाइपर से गोला-बारूद तक का इंतजाम, क्या है प्लान?
ट्रंप की विजय द्वार योजना में सैन्य परिसर का प्रस्ताव
Indianewslive247.com – ट र प क व जय द - ट र प क व जय से जुड़ी नई योजना में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वॉशिंगटन में अर्लिंगटन नेशनल सेमेट्री के पास प्रस्तावित विशाल मेहराब को सैन्य इस्तेमाल के लिए विकसित करने की बात कही है। करीब 250 फीट, यानी 76 मीटर ऊंचे इस ढांचे को स्मारक के साथ उच्च स्तरीय सैन्य परिसर के रूप में इस्तेमाल करने का प्रस्ताव है।
ट्रंप के अनुसार, इस परिसर में बड़ी संख्या में ड्रोन रखे जा सकेंगे और जरूरत पड़ने पर उन्हें तुरंत इस्तेमाल किया जा सकेगा। योजना में मेहराब की छत और प्लाजा क्षेत्र में स्नाइपर तैनाती की सुविधा तथा उनके लिए गोला-बारूद का भंडारण भी शामिल बताया गया है।
राष्ट्रीय सुरक्षा का तर्क, लेकिन खतरे का स्पष्ट उल्लेख नहीं
डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को सोशल मीडिया पर इस योजना की जानकारी देते हुए कहा कि सेना के आग्रह पर इसे विजय द्वार और सैन्य परिसर के रूप में मंजूरी दी गई है। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा को इसका आधार बताया, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया कि किस विशेष खतरे के कारण ड्रोन, स्नाइपर और गोला-बारूद की ऐसी व्यवस्था आवश्यक मानी गई।
अमेरिकी रक्षा विभाग के एक अधिकारी ने रॉयटर्स से कहा कि ट्रंप की सोशल मीडिया पोस्ट के अतिरिक्त विभाग के पास इस प्रस्ताव पर तत्काल कोई और जानकारी नहीं है। ट र प क व जय योजना पर इसी वजह से सुरक्षा जरूरत और सैन्य उपयोगिता को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं।
फोर्ट मायेर और पेंटागन के पास प्रस्तावित स्थान
प्रस्तावित मेहराब अर्लिंगटन नेशनल सेमेट्री के पास एक ट्रैफिक सर्कल में बनाया जाना है। यह फोर्ट मायेर से लगभग एक मील की दूरी पर है, जबकि पेंटागन करीब दो मील, यानी 3.2 किलोमीटर दूर स्थित है। ट्रंप इसे अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के अवसर पर पूरा करना चाहते हैं।
सेवानिवृत्त मरीन कर्नल और रक्षा विशेषज्ञ मार्क कैनसियन ने इस स्थल पर अलग सैन्य परिसर बनाने की जरूरत पर संदेह जताया है। उनका कहना है कि फोर्ट मायेर में पहले से कई सैन्य क्षमताएं उपलब्ध हैं। उन्होंने स्नाइपरों के लिए बड़ी मात्रा में गोला-बारूद रखने की लॉजिस्टिक चुनौतियों और तैनाती की व्यावहारिक उपयोगिता पर भी प्रश्न उठाए।
कानूनी विवाद और विमान सुरक्षा पर बहस
ट र प क व जय द्वार परियोजना कानूनी चुनौती का भी सामना कर रही है। अमेरिकी जिला जज तान्या चुटकन ने इस महीने ट्रंप प्रशासन को निर्देश दिया कि निर्माण स्थल पर किसी गतिविधि की शुरुआत से 48 घंटे पहले सूचना दी जाए। यह आदेश उस समय आया, जब अमेरिकी गृह विभाग ने कानूनी चुनौतियों और अंतिम सरकारी मंजूरी लंबित रहने के बावजूद काम जल्द आगे बढ़ाने की बात कही थी।
मेहराब की ऊंचाई और रीगन वॉशिंगटन नेशनल एयरपोर्ट की निकटता के कारण विमान सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठे। हालांकि, अमेरिकी फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन ने पिछले सप्ताह कहा कि प्रस्तावित ढांचा विमानों के लिए खतरा नहीं बनेगा। एजेंसी ने इसके ऊपर एक “अनंत ज्योति” लगाने को आवश्यक बताया है।
ऐतिहासिक दृश्य मार्ग को लेकर विरोध
वेटरन्स और संरक्षणवादियों ने परियोजना का विरोध करते हुए कहा है कि इससे लिंकन मेमोरियल और अर्लिंगटन नेशनल सेमेट्री के बीच का ऐतिहासिक दृश्य मार्ग प्रभावित हो सकता है। आलोचकों का मानना है कि वॉशिंगटन के स्वरूप में बदलाव की अन्य योजनाओं की तरह यह परियोजना भी शहर के ऐतिहासिक चरित्र पर असर डाल सकती है।
राष्ट्रीय सुरक्षा का तर्क ट्रंप की अन्य निर्माण योजनाओं में भी सामने आ चुका है। व्हाइट हाउस के पूर्व ईस्ट विंग की जगह करीब 400 मिलियन डॉलर की लागत से प्रस्तावित बॉलरूम को भी ड्रोन सुविधा के माध्यम से सुरक्षा से जोड़ा गया था। हालांकि, विजय द्वार में सैन्य सुविधाओं की जरूरत के पीछे किसी विशिष्ट खतरे की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
विजय द्वार कहां बनाया जाना है?
प्रस्तावित ढांचा वॉशिंगटन क्षेत्र में अर्लिंगटन नेशनल सेमेट्री के पास एक ट्रैफिक सर्कल में बनाया जाना है।
इसकी ऊंचाई कितनी होगी?
योजना के अनुसार, मेहराब की ऊंचाई लगभग 250 फीट या 76 मीटर होगी।
सैन्य परिसर में क्या सुविधाएं प्रस्तावित हैं?
प्रस्ताव में ड्रोन रखने और इस्तेमाल करने की व्यवस्था, स्नाइपर तैनाती तथा गोला-बारूद भंडारण की सुविधाएं शामिल बताई गई हैं।
क्या परियोजना को अंतिम मंजूरी मिल चुकी है?
परियोजना को कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है और सरकारी योजना प्राधिकरण की अंतिम मंजूरी को लेकर भी विवाद बना हुआ है।
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