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ईरान ने समझौते में रखीं क्या शर्तें?: लेबनान संघर्ष से होर्मुज में सेवा शुल्क तक, US को अराघची ने दी चेतावनी

Published जून 13, 2026 · Updated जून 13, 2026 · By David Taylor

ईरान-अमेरिका शांति समझौते में शर्तें: होर्मुज और लेबनान संघर्ष के प्रावधान शामिल

समझौते के प्रावधान और ईर न न समझ त म

ईर न न समझ त म रखी गई शर्तें वर्तमान में ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे शांति समझौते के मुख्य प्रावधान हैं। इस समझौते में लेबनान में चल रहे संघर्ष के अंत तथा होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति के बारे में चर्चा की गई है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि इस समझौते में ईर न न समझ त म के बारे में जो शर्तें रखी गई हैं, उनके पालन के लिए अमेरिका के लिखित आश्वासन जरूरी है।

ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने घोषणा की है कि अमेरिका और ईरान के बीच बने जा रहे समझौते में चर्चा के दौरान कई महत्वपूर्ण मुद्दों को समाहित किया जाएगा। इनमें परमाणु कार्यक्रम, होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रबंधन, और लेबनान संघर्ष के नियंत्रण शामिल हैं। अराघची ने बताया कि समझौते के प्रावधानों का पालन नहीं होने पर अंतिम हस्ताक्षर टल सकते हैं।

"ईर न न समझ त म के प्रावधान में, अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी के हटाने का उल्लेख है। होर्मुज जलडमरूमध्य पर अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत नौसैनिक नाकाबंदी के प्रावधान के बारे में ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने कहा कि अमेरिका के लिए टोल वसूलना संभव नहीं है, लेकिन ईर न न समझ त म रखी गई शर्तें में सेवा शुल्क लेने की बात कही गई है।"

होर्मुज जलडमरूमध्य और ईरान की मांग

अराघची ने स्पष्ट किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य अब भी ईरान और ओमान के संयुक्त अधिकार क्षेत्र में है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे समझौते में यह प्रावधान शामिल है कि होर्मुज के क्षेत्र पर दोनों देशों की सहमति आवश्यक है। ईर न न समझ त म रखी गई शर्तें के अंतर्गत ईरान की संपत्ति को जब्त करने से रोकने के लिए भी व्यवस्था की गई है।

ईरान की सरकारी मीडिया आईआरआईबी के अनुसार, समझौते के पहले चरण में परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा नहीं हुई। इस चरण के बाद अमेरिका के लिखित आश्वासन के लिए ईर न न समझ त म के प्रावधानों का अंतिम हस्ताक्षर अंतिम चरण में रखा गया है। अराघची ने बताया कि ईरान की स्थिति तेजी से बताई गई है और आगे के चरण में परमाणु सामग्री कम करने की प्रक्रिया के बारे में भी चर्चा होगी।

लेबनान संघर्ष और ईर न न समझ त म के निर्णय

ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने लेबनान संघर्ष के अंत के बारे में कहा कि ईर न न समझ त म रखी गई शर्तें में हिज्बुल्ला की सुरक्षा के प्रावधान शामिल हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान लेबनान में युद्ध के अंत के लिए सभी मोर्चों पर अमेरिका के सहयोग की आवश्यकता रखता है। इस बारे में अराघची ने बताया कि ईर न न समझ त म के प्रावधानों के अनुसार, लेबनान में ईरान के द्वारा जब्त की गई संपत्ति फ्रीज नहीं रह सकती।

समझौते के दौरान अमेरिका