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‘ईरान के निर्देश पर रची गई थी एयरबेस पर हमले की साजिश’: ब्रिटिश पीएम का दावा; क्या है पूरा घटनाक्रम?

Published अक्टूबर 13, 2026 · Updated अक्टूबर 13, 2026 · By David Miller - indianewslive247.com

Foto : David Miller - indianewslive247.com

फेयरफोर्ड एयरबेस साजिश पर ब्रिटिश पीएम का दावा

Indianewslive247.com – ईर न क न र द श - ईरान के निर्देश पर ब्रिटेन में अमेरिका के नियंत्रण वाले सैन्य एयरबेस पर हमले की कथित साजिश रची गई थी। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने कहा कि सरकार का आकलन है कि इस योजना का समन्वय ईरान में हुआ और इसके निर्देश लगभग निश्चित रूप से इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड ने दिए थे।

यह मामला रॉयल एयर फोर्स फेयरफोर्ड एयरबेस से जुड़ा है, जिसका इस्तेमाल पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के दौरान अमेरिकी बमवर्षक विमानों ने ईरान पर हमलों के लिए किया था। एयरबेस लंदन से करीब 100 मील, यानी 160 किलोमीटर पश्चिम में स्थित है।

“हमारा आकलन है कि इस साजिश का समन्वय ईरान में होने की बहुत अधिक संभावना है और इसके निर्देश लगभग निश्चित रूप से ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड ने दिए थे।”

सात गिरफ्तारियां, लेकिन अभी आरोप तय नहीं

जांच के दौरान पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार किया था। सभी संदिग्धों को बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया और अब तक किसी के खिलाफ औपचारिक आरोप तय नहीं किए गए हैं। गिरफ्तार लोगों की उम्र 20 से 29 वर्ष के बीच बताई गई है।

पुलिस के अनुसार, संदिग्धों से जुड़ी तीन वैन में पेट्रोल मिला था, लेकिन कोई विस्फोटक बरामद नहीं हुआ। पुलिस ने किसी की पहचान सार्वजनिक नहीं की है। अधिकारियों के मुताबिक, छह संदिग्ध ब्रिटिश नागरिक हैं, जबकि एक व्यक्ति के पास ब्रिटेन और ईरान दोनों की नागरिकता है।

27 सितंबर को एयरबेस के आसपास रहने वाले कई लोगों को एहतियातन घरों से बाहर निकाला गया था। हथियारबंद पुलिस और सेना के बम निष्क्रिय करने वाले विशेषज्ञों ने ग्रामीण इलाके में बड़े स्तर पर तलाशी अभियान चलाया था।

ईरान ने आरोपों से किया इनकार

ईरान ने एयरबेस साजिश में अपनी किसी भूमिका से इनकार किया है। ईरानी राजदूत ने ब्रिटिश सरकार से दावों के समर्थन में सबूत देने की मांग की। हालांकि, ईरान पहले कह चुका है कि उसके क्षेत्र पर हमलों के लिए इस्तेमाल होने वाले सैन्य ठिकानों को वह वैध निशाना मानता है।

ब्रिटिश सरकार ने ईरान के राजदूत को तलब किया है और ईरान के दो नागरिकों को प्रतिबंधों की सूची में शामिल किया है। अधिकारियों के अनुसार, इनमें रिवोल्यूशनरी गार्ड में जासूसी अभियानों के प्रमुख भी शामिल हैं और दोनों पर यूरोप तथा अमेरिका में ईरान सरकार की ओर से जासूसी और हमलों की गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है।

अमेरिकी बमवर्षक विमान हटाए गए

अमेरिका ने पिछले सप्ताह फेयरफोर्ड एयरबेस से अपने बमवर्षक विमान हटा लिए थे और पेंटागन के अनुसार उन्हें घरेलू सैन्य ठिकानों पर वापस भेज दिया गया। ट्रंप प्रशासन का कहना था कि एयरबेस को ईरान से खतरा था और कथित योजना का उद्देश्य अमेरिकी सैनिकों को नुकसान पहुंचाना तथा विमानों को नष्ट करना था।

ब्रिटिश सरकार ने अमेरिकी सेना को इस एयरबेस का इस्तेमाल करने की अनुमति दी थी। अमेरिका ने यहां से ईरानी मिसाइलों और उनके प्रक्षेपण स्थलों पर हमले किए थे, जिन्हें ब्रिटेन ने रक्षा में की गई कार्रवाई बताया था।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

फेयरफोर्ड एयरबेस साजिश में क्या बरामद हुआ?

पुलिस को संदिग्धों से जुड़ी तीन वैन में पेट्रोल मिला, लेकिन किसी तरह का विस्फोटक नहीं मिला।

क्या किसी संदिग्ध पर आरोप तय हुए हैं?

नहीं। सातों संदिग्धों को जमानत पर रिहा किया जा चुका है और अब तक किसी के खिलाफ आरोप तय नहीं किए गए हैं।

ईरान के निर्देश वाले आरोप पर तेहरान का क्या कहना है?

ईरान ने आरोपों से इनकार किया है और ब्रिटेन से अपने दावे के समर्थन में सबूत पेश करने को कहा है।

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