आसियान में 8 करोड़ नौकरियों पर AI का असर: अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन ने कहा- कौशल विकास पर निवेश बढ़ाने की जरूरत
आईएलओ रिपोर्ट: जेनरेटिव एआई के आगमन से आसियान के 80 मिलियन नौकरियों पर बदलाव की संभावना
आस य न म 8 कर ड - अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, जेनरेटिव एआई के प्रभाव के कारण आसियान क्षेत्र में लगभग 80 मिलियन नौकरियां प्रभावित हो सकती हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि अब तक यह तकनीक नौकरियों को खत्म नहीं कर रही है, बल्कि कार्य के तरीका बदल रही है। इस रिपोर्ट के शीर्षक 'जेनरेटिव एआई एंड लेबर मार्केट्स इन आसियान' है, जो आसियान के 11 देशों के श्रम बाजार का विश्लेषण करती है।
कार्य क्षेत्रों में एआई के प्रभाव के आंकड़े
रिपोर्ट के अनुसार, आसियान क्षेत्र के कुल रोजगार के 22.9% हिस्सा जेनरेटिव एआई के कारण बदल सकता है। इसमें अनुमानित 80 मिलियन नौकरियां शामिल हैं, जिनमें से करीब 1.17 करोड़ नौकरियों में बड़े परिवर्तन की संभावना सबसे अधिक है। इसके अलावा, महिलाओं के लिए एआई के प्रभाव के लैंगिक पहलू के बारे में भी चर्चा की गई है।
महिलाओं के उन व्यवसायों में कार्यरत होने की संभावना पुरुषों की तुलना में दोगुने से अधिक है जहां जेनरेटिव एआई का असर अपेक्षाकृत ज्यादा हो सकता है।
देशों के तैयारी के बीच अंतर
आईएलओ के अनुसार, सिंगापुर एआई अपनाने की क्षमता में सबसे आगे है, जहां 42.2% रोजगार ऐसे क्षेत्रों में हैं जो एआई के प्रभाव के लिए खास रूप से संवेदनशील हैं। इसके बाद फिलीपींस 28.1%, इंडोनेशिया 21.7%, वियतनाम 20.8% व थाईलैंड 20.6% का स्थान रखते हैं।
सिंगापुर की तेजी विकसित डिजिटल ढांचे, प्रशिक्षित कार्यबल व सरकार की दीर्घकालिक एआई रणनीति के कारण है। रिपोर्ट के अनुसार, आईएलओ का मानना है कि तकनीकी निवेश के साथ-साथ कौशल विकास व पुनर्प्रशिक्षण जैसे उपाय अत्यावश्यक हैं।
मानव-केंद्रित नीतियों पर जोर
रिपोर्ट में महिलाओं, युवाओं और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए बदलाव के अनुरूप तैयारी करने की आवश्यकता बताई गई है। आईएलओ का कहना है कि तकनीकी उन्नति के बजाय मानव केंद्रित नीतियों की ओर ध्यान देना आवश्यक है।