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कॉमनवेल्थ फेंसिंग चैंपियनशिप: 13 स्वर्ण समेत 35 पदक, भारत ने पहली बार जीती विल्किंसन स्वॉर्ड ट्रॉफी

Published अगस्त 13, 2026 · Updated अगस्त 13, 2026 · By David Miller - indianewslive247.com

Foto : David Miller - indianewslive247.com

भारत ने पहली बार कॉमनवेल्थ फेंसिंग चैंपियनशिप में ट्रॉफी जीती

Indianewslive247.com – क मनव ल थ फ स ग - कॉमनवेल्थ फेंसिंग चैंपियनशिप 2026 में भारतीय फेंसर्स ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। सीनियर टीम स्पर्धाओं में छह में से पांच स्वर्ण पदक जीतकर भारत ने पहली बार विल्किंसन स्वॉर्ड ट्रॉफी अपने नाम की। पुरुष साबरे, महिला साबरे, पुरुष एपी, महिला एपी और महिला फॉयल में स्वर्ण पदक हासिल करने वाले भारत ने पुरुष फॉयल में रजत पदक भी जीता। इस शानदार प्रदर्शन के साथ भारत ने कॉमनवेल्थ फेंसिंग चैंपियनशिप की पदक तालिका में शीर्ष स्थान पक्का किया।

तीन दिवसीय प्रतियोगिता में भारतीय दबदबा

प्रतियोगिता के तीसरे दिन भारतीय फेंसर्स का प्रदर्शन जारी रहा। भारत ने तीन स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य सहित कुल पांच पदक जीते। सीनियर महिला फॉयल में कनागलक्ष्मी, सीनियर पुरुष एपी में राजेंद्रन शांतिमोल शेरजिन और सीनियर पुरुष साबरे में सिंह करण सिंह ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया। कॉमनवेल्थ फेंसिंग चैंपियनशिप में भारतीय फेंसर्स की यह सफलता उनके कड़ी मेहनत का परिणाम है।

भारत के लिए अभियान की शुरुआत ही उत्साहजनक रही। प्रतियोगिता के पहले दिन अंडर-23 व्यक्तिगत स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ियों ने कुल 17 पदक जीते, जिसमें चार स्वर्ण, चार रजत और नौ कांस्य पदक शामिल थे। पुरुष साबरे में भारत ने पोडियम पर क्लीन स्वीप किया। निखिल वाघ ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इसके अलावा जॉयस अशिता ने महिला फॉयल, प्राची लोहान ने महिला एपी और जेफरलिन ने महिला साबरे में स्वर्ण पदक जीता।

दूसरे दिन भारतीय दल ने सीनियर व्यक्तिगत स्पर्धाओं में सात पदक हासिल किए। इसमें एक स्वर्ण, दो रजत और चार कांस्य पदक शामिल रहे। महिला सीनियर एपी में तनिष्का खत्री और खुशी दाभाड़े ने क्रमश: स्वर्ण और रजत पदक जीतकर भारत का दबदबा कायम रखा। कॉमनवेल्थ फेंसिंग चैंपियनशिप में भारतीय फेंसर्स का यह प्रदर्शन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया।

कोचिंग स्टाफ और प्रबंधन का योगदान

भारत की ऐतिहासिक सफलता में खिलाड़ियों के साथ कोच और सपोर्ट स्टाफ का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। कोच भारतजी ठाकोर, श्रीहरि पिसे और शंकर नारायणन ने खिलाड़ियों को रणनीतिक मार्गदर्शन दिया। फिजियोथेरेपिस्ट अमृता बालकवाड़े ने खिलाड़ियों की फिटनेस का ध्यान रखा, जबकि टीम मैनेजर मनु त्यागी ने पूरे अभियान के दौरान टीम प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाली।

फेंसिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया के महासचिव राजीव मेहता ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि वह पूरे भारतीय दल के प्रदर्शन से बेहद गौरवान्वित हैं। उन्होंने कहा कि पहली बार कॉमनवेल्थ ओवरऑल चैंपियनशिप का खिताब जीतना भारतीय फेंसिंग में मौजूद प्रतिभा, अनुशासन और कड़ी मेहनत का प्रमाण है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह उपलब्धि भारतीय फेंसर्स का आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं और बड़े वैश्विक चैंपियनशिप से पहले सकारात्मक मोमेंटम तैयार करेगी।

कॉमनवेल्थ फेंसिंग चैंपियनशिप 2026 - अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कॉमनवेल्थ फेंसिंग चैंपियनशिप 2026 में भारत ने कितने पदक जीते? भारत ने कुल 13 स्वर्ण सहित 35 पदक जीते, जिसमें पांच स्वर्ण टीम स्पर्धाओं से आए।

विल्किंसन स्वॉर्ड ट्रॉफी क्या है? विल्किंसन स्वॉर्ड ट्रॉफी कॉमनवेल्थ फेंसिंग चैंपियनशिप की ओवरऑल टीम खिताब है, जो पदक तालिका में शीर्ष स्थान पाने वाले देश को मिलता है।

भारत ने पहली बार यह ट्रॉफी कब जीती? 2026 में आयोजित कॉमनवेल्थ फेंसिंग चैंपियनशिप में भारत ने पहली बार विल्किंसन स्वॉर्ड ट्रॉफी अपने नाम की।

कौन से भारतीय फेंसर्स ने स्वर्ण पदक जीते? कनागलक्ष्मी, राजेंद्रन शांतिमोल शेरजिन, सिंह करण सिंह, निखिल वाघ, जॉयस अशिता, प्राची लोहान, जेफरलिन, तनिष्का खत्री और अन्य खिलाड़ियों ने स्वर्ण पदक हासिल किए।

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