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Bharathiraja: तमिल निर्देशक भारतीराजा का निधन, लंबी बीमारी के बाद 85 साल की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा

Published जून 10, 2026 · Updated जून 10, 2026 · By Michael Martin

तमिल निर्देशक भारतीराजा का निधन: अंतिम विदाई बुधवार को चेन्नई में

Bharathiraja - तमिल फिल्म निर्माता संघ ने निर्देशक भारतीराजा के निधन पर गहरा शोक प्रकट किया। भारतीराजा के निधन की घोषणा बुधवार के सुबह करीब 8 बजे की गई, जिसके बाद फिल्म उद्योग के सभी के दिल भंग हो गए। उनके अंतिम संस्कार के बारे में अभी तक कोई अधिकारी घोषणा नहीं की गई है, लेकिन उनकी बहुत बड़ी भूमिका और उनके द्वारा बनाई गई फिल्मों को याद रखने के लिए चेन्नई में विश्वास किया जा रहा है। भारतीराजा की जीवन रचना को उद्योग के विशिष्ट लोगों द्वारा सम्मानित किया जा रहा है।

बेटे की मौत ने उनकी स्वास्थ्य अवस्था गंभीर कर दी

भारतीराजा की बेटे मनोज की साल 2024 में दिल का दौरा पड़ गया, जिसके बाद उनकी स्वास्थ्य अवस्था बुरी तरह से खराब हो गई। उनकी आत्मा को बहुत दुख हुआ, जिससे उनके चिकित्सा इलाज में वृद्धि हुई। पिछले साल दिसंबर में उन्हें सांस लेने में कठिनाई आई थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। भारतीराजा के परिवार और दोस्तों द्वारा उनके लिए प्रार्थना की जा रही है, जो उनकी अंतिम विदाई तक उद्योग के लोगों को लगातार प्रभावित रहे।

सोशल मीडिया पर शोक लहर

अभिनेत्री खुशबू सुंदर ने भारतीराजा के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए ट्विटर पर एक पोस्ट में लिखा,

“यह जानकर बहुत दुख हुआ कि हमारे सबसे चहेते और सम्मानित निर्देशक भारतीराजा अब हमारे बीच नहीं रहे। उनकी फिल्में हमेशा मिसाल रही हैं और आगे भी फिल्म मेकिंग की पाठशाला बनी रहेंगी। आपकी बहुत याद आएगी, सर।”

उनके पारिवारिक सदस्य भी उनके निधन पर अपने विचार व्यक्त कर रहे हैं।

भारतीराजा की कैरियर पहचान

भारतीराजा ने तमिल फिल्म उद्योग में अपनी निर्देशक कैरियर के बारे में बहुत कम जानकारी दी थी। उनकी रचनाओं में विशेष रूप से फिल्में जैसे 'चंद्रन', 'मदर अन्ना', 'जानम जानम' आदि बहुत लोकप्रिय हुईं। भारतीराजा के फिल्म निर्माण के तरीका और विषय चुनाव में अपनी अनूठी शैली ने उनकी पहचान बनाई रखी। उनकी फिल्में न केवल सांस्कृतिक मूल्यों को प्रतिबिंबित करती हैं, बल्कि भारतीराजा के द्वारा बनाई गई रचनाएं उद्योग के विभिन्न श्रेणियों के लोगों को प्रेरित करती हैं।

जीवन के अंतिम दिन

भारतीराजा के निधन के बाद उनके परिवार ने अपने प्रिय व्यक्ति के बारे में और विस्तार से बताया कि उनके जीवन के अंतिम दिन बहुत गंभीर रहे। भारतीराजा के लिए अस्पताल में विशेष रूप से बाहर के प्रतिनिधियों ने उनकी उपस्थिति में भाग लिया था। उनकी फिल्मों की समीक्षा तथा उद्योग में उनके निर्देशक कैरियर के बारे में बहुत से लोगों की राय अपनी निर्देशक कैरियर के सम्मान में जानकारी दे रही है। भारतीराजा की लेखन शैली और कहानी निर्माण तकनीक उद्योग के लोगों के द्वारा लंबे समय तक अपनाई गई है।

भारतीराज