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West Bengal: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दौरे से पहले कोलकाता में तनाव, भाजपा ने TMC पर क्या लगाया आरोप?

Published जुलाई 6, 2026 · Updated जुलाई 6, 2026 · By Elizabeth Smith

West Bengal राजनीतिक तनाव, डॉ. मुखर्जी स्मारक पर हमला अमित शाह के दौरे के पहले

West Bengal में कोलकाता में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और गोपाल मुखर्जी (गोपाल पाठा) के प्रतिमा निर्माण के चरम चरण में शनिवार को अज्ञात व्यक्तियों द्वारा चबूतरे और शिलापट्ट के नुकसान की घटना हुई, जिससे राजनीतिक तनाव तेज हो गया। घटना के बाद राज्य में उत्पन्न अस्थिरता के बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दौरे के लिए तैयारी के बीच पुलिस जांच के लिए चालू रही है।

हमले की प्राथमिक जांच और आरोप

भाजपा ने हमले को राजनीतिक विरोध का एक रूप बताते हुए तृणमूल कांग्रेस पर आरोप लगाया है। इस घटना के बारे में एक अधिकारी ने बताया कि रविवार तड़के एक छोटे समूह ने बुद्धिजीवी वर्ग के ध्यान में रखे गए स्मारक के एक हिस्से को तोड़फोड़ कर दिया गया। इस बारे में अमहर्स्ट स्ट्रीट थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसकी जांच अभी चल रही है। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और यातायात निगरानी यंत्रों की फुटेज खंड खंड करके विश्लेषण कर रही है।

इस हमले के बाद, भाजपा ने लगातार बयान जारी करते हुए तृणमूल कांग्रेस पर राजनीतिक विरोध के आरोप लगाए हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दौरे के आगामी तारीखों में, भाजपा ने राज्य में आत्म-निर्भरता के लक्ष्य के लिए अपने उद्देश्य के बारे में बयान जारी किया है। इसके अलावा, वे तृणमूल कांग्रेस की अंतरराष्ट्रीय और राज्य स्तर पर दबदबा कम करने की मांग कर रहे हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कोलकाता दौरे के लिए प्रतिमा निर्माण कार्य में बढ़ती गति देख रहे हैं, लेकिन अज्ञात लोगों के हमले ने इस राजनीतिक उत्सव के दौरान एक विचार उत्पन्न कर दिया। घटना के बाद से, पश्चिम बंगाल में विरोधी दलों के बीच गतिशीलता बढ़ गई।

अमित शाह के दौरे का महत्व और आगामी कार्यक्रम

West Bengal में अमित शाह के दौरे के दौरान, उनकी 125 फीट ऊंची प्रतिमा के निर्माण कार्य का शिलान्यास इको पार्क में किया जाएगा। इसके अलावा, उनके पैतृक आवास पर श्रद्धांजलि अर्पित करने की योजना भी है। इस राजनीतिक घटना के बाद, केंद्र के अधिकारियों द्वारा राज्य में विस्तारित अनुसंधान शुरू कर दिया गया है।

पुलिस ने घटना के बारे में अभी तक किसी राजनीतिक दल की संलग्नता की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इसके बावजूद, भाजपा के कार्यकर्ता अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस घटना को एक राजनीतिक घटना के रूप में देख रहे हैं। इससे उम्मीद है कि राज्य में नए विरोध के आगंतुक के लिए बढ़ती गति होगी।

इस घटना के प्रति राज्य सरकार की चिंता बढ़ गई, जिसके कारण पश्चिम बंगाल में लोकप्रिय बातचत्र के बीच तनाव बढ़ रहा है। विरोधी दलों के बीच इस घटना को एक राजनीतिक बाधा के रूप में देखा जा रहा है, जो केंद्रीय गृह मंत्री के दौरे के लिए आगामी तारीख तक प्रतिकूल वातावरण बना रही है।