शिवसेना यूबीटी में बगावत और ‘ऑपरेशन टाइगर’ की आलोचना
UBT म बग वत – महाराष्ट्र में राजनीतिक ताकतों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है, जिसमें शिवसेना (यूबीटी) के भीतर बगावत के आरोप और ‘ऑपरेशन टाइगर’ के विवाद के कारण चर्चा तेज हो गई है। इस घटना पर पार्टी के प्रमुख उद्धव ठाकरे, नेता आदित्य ठाकरे और सांसद संजय राउत ने बागी सांसदों और एकनाथ शिंदे गुट के खिलाफ तीखा हमला बोला है। शिवसेना के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने अपनी प्रतिक्रिया के बारे में बताया है कि वे बगावत कर रहे सदस्यों को अपनी बात रखने दिए जाने की ओर इशारा कर रहे हैं।
ठाकरे के अनुसार समय आएगा तो जल्द पक्ष रखेंगे
उद्धव ठाकरे ने कहा कि बगावत कर रहे सांसदों को अपनी बात रखने दिए जाने चाहिए, जब उन्हें उचित समय मिलेगा तब वह मीडिया के साथ अपनी पार्टी का पक्ष विस्तार से रखेंगे। उन्होंने घोषणा की है कि शिवसेना यूबीटी भी इस मामले पर जल्द ही अपनी प्रतिक्रिया देगी।
“बगावत कर रहे सांसदों को अपनी बात रखने दिए जाने चाहिए। जब उन्हें उचित समय मिलेगा, तब मीडिया के साथ अपनी पार्टी का पक्ष रखेंगे।”
सांसद संजय राउत ने बागी सांसदों के खिलाफ तीखा निशाना साधते हुए कहा कि शिंदे गुट ने छह गद्दारों को जन्म दिया है। राउत ने कहा कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आगे और सर्जरी करनी पड़ेगी। इस टिप्पणी के पीछे छह विशिष्ट सांसदों के बारे में चर्चा है जिनके शिंदे गुट में जाने के अटकलें तेज हो गई हैं।
आदित्य ठाकरे ने भाजपा पर निशाना साधा
आदित्य ठाकरे ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि वह देश की सुरक्षा, महंगाई, किसानों और आम जनता के मुद्दों की अनदेखी कर रही है। उन्होंने ऑपरेशन टाइगर के मुद्दे पर सवाल उठाते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों से भाजपा की सरकार है, लेकिन उसके द्वारा घुसपैठ को रोका नहीं जा सका।
“भाजपा केवल राजनीतिक ऑपरेशन चलाने में लगी है। जबकि किसानों, महिलाओं, स्वास्थ्य और सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।”
ठाकरे ने आगे कहा कि सरकार को राजनीतिक अभियानों के बजाय शासन पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने यह दावा किया कि भाजपा संविधान में बदलाव करना चाहती है और
