IndiaNewsLive247
Fast mobile article powered by Nexiamath-SEO AMP.
AMP Article

TMC Rift: बैठक में अभिषेक और कुणाल घोष में तीखी नोकझोंक, ममता बनर्जी को देना पड़ा दखल; सायोनी घोष पर गिरी गाज

Published जून 14, 2026 · Updated जून 14, 2026 · By Michael Martin

TMC Rift: अभिषेक-कुणाल घोष बहस में, ममता बनर्जी के दखल आवश्यक

बैठक में तीखी बहस और पार्टी के संगठन में अस्थिरता

TMC Rift - टीएमसी रिफ्ट (TMC Rift) के अंतर्भुक्त बैठक में अभिषेक बनर्जी और कुणाल घोष के बीच तीखी विवाद शुरू हो गई। इस बहस के कारण ममता बनर्जी को अपने नेतृत्व के अंतर्गत पार्टी के भीतर हो रहे अस्थिरता का सामना करना पड़ा। बैठक में शोभनदेव चट्टोपाध्याय, चंद्रिमा भट्टाचार्य और कल्याण बनर्जी जैसे वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे। यह बैठक एक संगठनात्मक तनाव के उत्पादन के बारे में बहस कर रही थी, जो टीएमसी रिफ्ट के महत्वपूर्ण कारण बन गई।

ममता बनर्जी ने अपने नेतृत्व की बचाव के लिए अभिषेक और कुणाल घोष के बीच विवाद में दखल लेने का फैसला लिया। उन्होंने शांति के लिए कल्याण बनर्जी के द्वारा अहम भूमिका निभाने की अपील की।

इस विवाद के बाद टीएमसी रिफ्ट के विषय पर अभिषेक बनर्जी ने कुणाल घोष के नेतृत्व के खिलाफ आक्रमण किया। इसके कारण बैठक में एक गरमागरम माहौल बन गया। उन्होंने कुणाल घोष के नेतृत्व के बारे में आलोचना करते हुए टीएमसी रिफ्ट के बारे में बात की। सुमित राय जैसे सहयोगी नेताओं के बारे में भी चर्चा हुई, जो विवाद के महत्वपूर्ण भाग बन गए।

सायोनी घोष के नेतृत्व से जुड़े विवाद

बैठक के दौरान टीएमसी रिफ्ट के विषय पर आम चर्चा ने सायोनी घोष के नेतृत्व के बारे में सवाल उठाने के लिए आगे बढ़ गई। उन्हें टीएमसी रिफ्ट के लिए एक नए विकल्प के रूप में हटाया गया। अर्नब बनर्जी को नए नेता के रूप में नियुक्त किया गया, जो सायोनी घोष के जगह ले लिया। इस तरह टीएमसी रिफ्ट के भीतर अधिकारियों के बीच एक नए विभाजन के अंतर्गत अपना नेतृत्व निर्धारित किया गया।

टीएमसी रिफ्ट के विषय पर अपने विवाद में अभिषेक बनर्जी ने दृढ़ तौर पर कुणाल घोष के प्रभाव को नकार दिया। उन्होंने कहा कि टीएमसी रिफ्ट के बारे में जानकारी देने वाले नेताओं को नए चुनाव के लिए ज़रूरी हो गया। इस बहस के बाद टीएमसी रिफ्ट के बारे में संगठन में एक नई राजनीति शुरू हो गई।

बैठक के परिणाम और भविष्य के दृश्य

ममता बनर्जी ने अंत में टीएमसी रिफ्ट के परिणामों पर ध्यान केंद्रित करते हुए कहा कि पार्टी के हित के लिए सभी नेताओं की एकजुटता बरकरार रहेगी। वह अपने नेतृत्व के अंतर्गत टीएमसी रिफ्ट के बारे में लगातार समझौता करने की कोशिश कर रही हैं। अपने विवाद के बाद अभिषेक बनर्जी और कुणाल घोष के बीच टीएमसी रिफ्ट के लिए एक नए नेतृत्व का उत्पादन हो गया।

इस बैठक के बाद टीएमसी रिफ्ट के बारे में आगे बढ़े विवाद के कारण विभिन्न वरिष्ठ नेताओं की राय बदल गई। शोभनदेव चट्टोपाध्याय और चंद्रिमा भट्टाचार्य जैसे नेताओं के बीच टीएमसी रिफ्ट के लिए एक विभाजन के अंतर्गत एक नया नेतृत्व के चुनाव के लिए विवाद जारी रहा। इस बात के कारण टीएमसी रिफ्ट के लिए बैठक में एक बड़ा बदलाव देखा गया।

अधिकारियों के बीच टीएमसी रिफ्ट के परिणाम

टीएमसी रिफ्ट के बारे में बैठक के बाद विभिन्न अधिकारियों के बीच �