Shivsena UBT: बगावत के बाद छह सांसदों को मिली वाई-प्लस सुरक्षा, शिंदे गुट में शामिल होने का कार्यक्रम भी टला
शिवसेना यूबीटी: छह सांसदों को वाई-प्लस सुरक्षा मिली, शिंदे गुट शामिल होने की योजना रोक दी
बगावत के बाद राजनीतिक उल्लंघन के डर से बरकरार नीति
Shivsena UBT - शिवसेना यूबीटी (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के छह सांसदों को वाई-प्लस सुरक्षा दी गई है, जो बगावत के बाद उनके राजनीतिक विरोध के खतरे के अनुसार लगाई गई। यह निर्णय महाराष्ट्र पुलिस के खुफिया विभाग (एआईटी) के एक पत्र के आधार पर लिया गया है, जिसमें उल्लेख किया गया कि इन सांसदों के विरोध के कारण शिंदे गुट में शामिल होने की योजना रोक दी गई। इस नई सुरक्षा व्यवस्था के तहत प्रत्येक सांसद के लिए 11 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं, जो उनकी आगामी राजनीतिक गतिविधियों को बर्बाद करने के खतरे से बचाने के लिए लगाई गई।
अधिकारियों के अनुसार, इस सुरक्षा के निर्णय को ऑपरेशन तुड़वा के डर से जोड़ा जा रहा है, जो शिवसेना यूबीटी के बागी सांसदों के विरोध को दबाने के लिए तैयार किया गया है। बागी सांसदों के एकनाथ शिंदे के गुट में शामिल होने का फैसला किया गया था, लेकिन वर्तमान निर्णय के कारण यह कार्यक्रम रोक दिया गया है। शिवसेना यूबीटी के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा, "यह सुरक्षा व्यवस्था बगावत के बाद उनके शिवसेना यूबीटी के गुस्से से बचने के लिए तैयार की गई है, जो उन्हें भारतीय वायुसेना की सुरक्षा भी कम पड़ सकती है।"
नेतृत्व के खिलाफ बढ़ता विरोध
उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना यूबीटी के नौ लोकसभा सांसदों में से छह बुलाई गई संसदीय दल की महत्वपूर्ण बैठक में शामिल नहीं हुए, जो इसे नेतृत्व के खिलाफ खुले विद्रोह के रूप में देखा जा रहा है। इस विवाद के पीछे रहे कारण बताए जाने लगे हैं, जब शिवसेना यूबीटी के अंतर्गत छह सांसद शिंदे गुट में शामिल होने की तैयारी में थे। इस नए विभाजन के कारण शिवसेना यूबीटी के पार्टी विभाजन की आशंका बढ़ गई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शिवसेना यूबीटी के इन सांसदों के शिंदे गुट में शामिल होने का फैसला पार्टी के नेतृत्व के लिए एक बड़ा झटका साबित हो सकता है। इससे शिवसेना यूबीटी के आंतरिक विभाजन के बारे में चर्चा शुरू हो गई है, जो महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया शक्ति संतुलन बन सकता है। शिवसेना यूबीटी के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने इसकी खासियत को जोर देते हुए कहा कि इस नीति के प्रभाव से शिवसेना यूबीटी के लिए खतरे की आशंका बनी हुई है।
महाराष्ट्र के संसदीय दल की बैठक में शिवसेना यूबीटी के छह सांसदों के विरोध के बाद उनकी आगामी कार्यक्रम रोक दिए गए हैं। इस निर्णय के बारे में एआईटी के पत्र में उल्लेख किया ग