नीट-यूजी पुनर्परीक्षा: सुरक्षा के चाक चौबंद इंतजाम; अशक्त छात्रों के लिए खास व्यवस्था
NEET Re Exam – रविवार को आयोजित होने वाली नीट-यूजी पुनर्परीक्षा के लिए भारत में निर्मित सुरक्षा व्यवस्था में अत्यधिक व्यवस्था की गई है। इसके लिए निर्धारित केंद्रों पर 15 हजार अर्द्धसैनिक बल के साथ ढाई लाख से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। परीक्षा केंद्रों के बाहर कड़ा पहरा लगाया गया है जिसके कारण कोई भी छात्र अपने केंद्र से दूसरी तरफ जाने की अनुमति नहीं दी गई है।
निगरानी के लिए 51,311 जैमर और डेढ़ लाख हाई सिक्योरिटी सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। पिछले मामलों के आधार पर आयोजित किए गए पहले बार वायुसेना की मदद ली गई है। शनिवार को देश और विदेश के 551 शहरों में 551 और 14 शहरों के परीक्षा केंद्रों में मेगा मॉक ड्रिल कराई गई। इसमें बैंक से परीक्षा केंद्र तक प्रश्न पत्र की ढुलाई, आंसर-शीट की सील चेकिंग, व डमी अभ्यर्थियों के प्रवेश के अभ्यास किए गए।
नीट-यूजी की पहली परीक्षा में पेपर लीक के कारण तीन मई को रद्द कर दिया गया था। इस बार एनटीए ने उस परीक्षा के बाद गलतियों से सबक लेते हुए पूरी प्रक्रिया दोहराई। नागपुर के छात्र अब्दुल्ला के मामले में एडमिट कार्ड में परीक्षा केंद्र अबू धाबी लिखे जाने के बाद तब तक छात्र हैरान रह गया जब एनटीए ने उसे अपने चुने हुए विकल्प नागपुर में रख दिया। छात्र के पिता डॉ. मोहम्मद तालिब ने कहा, “छात्र ने खुद केंद्र को अबू धाबी किया था लेकिन एनटीए ने गलती सुधारते हुए नागपुर में आवंटित कर दिया।”
ओडिशा की छात्रा का चुनाव भी तेजी से किया गया
ओडिशा की छात्रा संजना संजीबनी ने एडमिट कार्ड देखकर आश्चर्यचकित हो गई जब उसके परीक्षा केंद्र के नाम में देहरादून लिखे गए। इसके बाद शिकायत के आधार पर एनटीए ने केंद्र बदलकर भुवनेश्वर में रख दिया। छात्रहित सर्वोपरि है जिसके आधार पर पूरी तैयारी की गई।
पीएम मोदी का सख्त संदेश: शुचिता भंग नहीं होनी चाहिए
पीएम नरेंद्र मोदी ने सख्त निर्देश देते हुए कहा, “नीट-यूजी पुनर्परीक्षा की शुचिता भंग नहीं होनी चाहिए।” उन्होंने आग्रह किया कि छात्रों की समस्याओं का तुरंत समाधान किया जाए।
एनटीए को प्रतिद्वंद्वी तैयारी में पल-पल अपडेट ले रहे पीएम कैबिनेट सचिव डॉ. टीवी सोमनाथन द्वारा निर्देश दिए गए हैं। परीक्षा के बाद ओएमआर शीट इकट्ठा करने के लिए 700 कलेक्शन सेंटर बनाए गए हैं। परीक्षा केंद्रों में 98.8 फीसदी निर्मित जगहें सरकारी शिक्षण संस्थान हैं।
