MEA: ट्रंप की टिप्पणी से भारत-बांग्लादेश के बीच जल से जुड़े मुद्दों तक, विदेश मंत्रालय ने क्या-क्या कहा?
MEA ब्रीफिंग: जल विवाद, आतंकवाद, चुनाव
Indianewslive247.com – MEA (विदेश मंत्रालय) की द्विसाप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अमेरिकी चुनावी टिप्पणी, तीस्ता जल बंटवारा, 26/11 आतंकवाद और ब्रिटेन में भारतीय नाविक की गिरफ्तारी समेत कई मुद्दों पर भारत की पोज़िशन स्पष्ट की। MEA के बयानों में साझा नदियों पर द्विपक्षीय संवाद तंत्र की अटल स्थिति और आतंकवाद के खिलाफ कड़ी रवैया दोहराया गया।
ट्रंप की टिप्पणी पर MEA का जवाब
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस महीने की शुरुआत में ट्रुथ सोशल पर भारत के चुनावी तंत्र का उल्लेख करते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के हवाले से एक प्रश्न उठाया था।
"इस महीने की शुरुआत में भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने हमारे प्रशासन से पूछा था— वैध फोटो पहचान पत्र के बिना आप अमेरिका में चुनाव कैसे करा सकते हैं?"
ट्रंप ने दावा किया कि भारत के पिछले आम चुनाव में 64 करोड़ 60 लाख मतदाता शामिल थे, जिनमें से एक प्रतिशत से भी कम ने डाक से मतदान किया, और हर मतदाता के पास वैध फोटो पहचान दस्तावेज अनिवार्य था। उन्होंने अमेरिका में मतदाता पात्रता सुरक्षा कानून पारित करने की मांग दोहराई।
"हमें अब अमेरिका की मतदाता पात्रता सुरक्षा कानून पारित करना होगा।"
मंगलवार को MEA प्रवक्ता जायसवाल ने इस टिप्पणी पर सीधे जवाब देने से बचते हुए कहा कि भारत की चुनावी व्यवस्था की विश्वसनीयता और मजबूती एक स्थापित तथ्य है।
"इन टिप्पणियों पर मेरी कोई विशेष प्रतिक्रिया नहीं है। हालांकि, मैं यह कह सकता हूं कि भारत की चुनावी व्यवस्था की विश्वसनीयता और मजबूती दुनिया भर में अच्छी तरह स्थापित तथ्य हैं।"
तीस्ता और साझा नदियों पर MEA की पोज़िशन
बांग्लादेश से जुड़े तीस्ता मुद्दे पर MEA ने स्पष्ट किया कि दोनों देशों के बीच कुल 54 नदियां साझा हैं और इनसे जुड़ी कोई भी बातचीत या सहयोग केवल द्विपक्षीय संयुक्त नदी आयोग तथा पहले से विद्यमान संवाद तंत्र के माध्यम से ही होगा।
"बांग्लादेश और भारत के बीच कई नदियां साझा हैं। सटीक संख्या बताएं तो दोनों देशों के बीच 54 नदियां साझा हैं। दोनों देशों के बीच जल से जुड़ा कोई भी सहयोग या बातचीत बांग्लादेश के साथ हमारे द्विपक्षीय संयुक्त नदी आयोग या संयुक्त नदी आयोग के साथ-साथ पहले से मौजूद संवाद तंत्र के जरिए ही होगी।"
MEA ने यह भी बताया कि तीस्ता नदी परियोजना पर भारत की स्थिति पहले ही बांग्लादेश को अवगत कराई जा चुकी है। वर्ष 1996 की गंगा जल संधि फरक्का बैराज पर सूखे मौसम में जल बंटवारे को नियंत्रित करती है, परंतु तीस्ता से जुड़ा व्यापक जल प्रबंधन और बंटवारा मुद्दा अब तक अनिपटित बना हुआ है।
2011 में प्रस्तावित समझौते के तहत तीस्ता के जल का 42.5 प्रतिशत हिस्सा भारत को और 37.5 प्रतिशत बांग्लादेश को आवंटित करने की बात कही गई थी, शेष भाग अन्य उपयोगों के लिए सुरक्षित रखा जाना था। पश्चिम बंगाल की अपनी जल आवश्यकताओं को लेकर उठी आपत्ति के कारण यह प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ सका। बांग्लादेश लगातार तीस्ता के जल में बड़ा हिस्सा चाहता रहा है, जबकि व्यापक बंटवारा समझौता लंबित है।
26/11 आतंकवाद और ब्रिटेन में नाविक की गिरफ्तारी
मुंबई पुलिस द्वारा 26/11 मुंबई आतंकी हमले के मामले में पाकिस्तान में मौजूद छह आरोपियों के खिलाफ अनुपस्थिति में मुकदमा चलाने की प्रक्रिया शुरू किए जाने पर MEA ने मंगलवार को पुनर्निर्देशित किया कि भारत आतंकवाद को समाप्त करने के लिए हर आवश्यक कदम उठाता रहेगा। जायसवाल ने नई दिल्ली की इच्छा बताई कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय आतंकी गतिविधियों की गंभीरता को समझे और आरोपियों की जवाबदेही सुनिश्चित हो।
ब्रिटेन में भारतीय मर्चेंट नेवी के मास्टर कैप्टन अजय पंत की गिरफ्तारी के सवाल पर MEA ने बताया कि यह एक कानूनी मामला है, परंतु भारत इस पर बारीकी से निगरानी बनाए हुए है।
"यह एक कानूनी मामला है, लेकिन हम इस मामले पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। हम कैप्टन अजय पंत के वकीलों और उनके परिवार के साथ लगातार संपर्क में हैं। हमारे उच्चायोग ने 24 जून को उनसे मुलाकात कर उनका हालचाल पूछा था। हम कैप्टन पंत की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस मामले पर ब्रिटेन स्थित उच्चायोग और विदेश मंत्रालय के साथ भी संपर्क में हैं। मैं आपको इस मामले पर नवीनतम जानकारी देता रहूंगा।"
बांग्लादेश के बयान पर MEA का रुख
बांग्लादेश विदेश मंत्रालय के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए जायसवाल ने कहा कि भारत बांग्लादेश के साथ हितों की समानता पर आधारित संबंध चाहता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
MEA ने तीस्ता जल बंटवारे पर क्या कहा?
MEA ने स्पष्ट किया कि तीस्ता समेत 54 साझा नदियों से जुड़ी कोई भी बातचीत केवल द्विपक्षीय संयुक्त नदी आयोग और मौजूदा संवाद तंत्र के जरिए होगी। 2011 के प्रस्तावित समझौते (42.5% भारत, 37.5% बांग्लादेश) को पश्चिम बंगाल की आपत्ति के कारण आगे नहीं बढ़ाया गया।
ट्रंप की टिप्पणी पर MEA ने सीधे जवाब दिया?
नहीं। MEA प्रवक्ता जायसवाल ने सीधे जवाब देने से बचते हुए केवल यह कहा कि भारत की चुनावी व्यवस्था की विश्वसनीयता और मजबूती एक स्थापित तथ्य है।
26/11 मामले में MEA की पोज़िशन क्या है?
MEA ने पुनर्निर्देशित किया कि भारत आतंकवाद के खिलाफ हर आवश्यक कदम उठाता रहेगा और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आरोपियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने की अपेक्षा रखता है।
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