Khabaron Ke Khiladi: राम मंदिर में चंदे की चोरी लापरवाही या नीयत में खोट का नतीजा, खबरों के खिलाड़ी ने बताया
खबरों के खिलाड़ी: राम मंदिर दान घटना नीयत से या अपराध से जुड़ी है?
Khabaron Ke Khiladi - मामला बहुत बड़े व्यक्तियों की संलग्नता से जुड़ा है, लेकिन अब तक पकड़े गए लोग बहुत छोटे हैं। इस प्रकार की घटनाएं पहले से चल रही हैं। एसआईटी के काम के बारे में सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि अब तक एफआईआर तक नहीं बनी है। इस तरह के प्रबंधन के आगे आस्था के नुकसान का खतरा है।
समीर चौगांवकर के विचार
समीर चौगांवकर ने कहा कि ट्रस्ट अब तक अपने गलतकारी के लिए कार्रवाई नहीं की। अगर दान की चोरी हो रही थी, तो ट्रस्ट ने एफआईआर दर्ज करानी चाहिए थी। अब तक उनकी कोई कार्रवाई नहीं हुई। एसआईटी की भूमिका भी अब जांच के बजाय सुविधाजनक रूप से दिख रही है।
“इस मामले में संघ की चुप्पी ने मुझे हैरान किया है। प्रधानमंत्री मोदी की चुप्पी भी इतनी गंभीर है कि मुझे शर्म आ रही है। राम भारतीयता का प्रतीक हैं, इस चोरी से धर्म की भ्रष्टाचार हुई है।”
राकेश शुक्ल की राय
राकेश शुक्ल ने बताया कि चंपत राय आज भी मौन रहे हैं। उन्हें अपने कार्यों के बारे में सामने आना चाहिए था। इस मामले में आस्था की चोरी हो रही है। 2024 में तिरुपति के घी में चर्बी की घटना उठाई गई थी, लेकिन उसका अंतिम समाधान नहीं हुआ।
“अगर तिरुपति में घी में चर्बी होने के कारण धर्म का नुकसान हुआ था, तो ये मामला बहुत बड़ा नुकसान पहुंचाने वाला है। सुप्रीम कोर्ट को हर व्यक्ति की गंभीर जांच करनी चाहिए। एसआईटी अब तक कुछ भी बयान नहीं दिया है।”
विनोद अग्निहोत्री के विचार
विनोद अग्निहोत्री ने दावा किया कि राम मंदिर आंदोलन के दौरान पैसे के हिसाब का कोई ध्यान नहीं रखा गया। दान के मामले में अब तक कोई खुलासा नहीं हुआ। जिन लोगों ने शिलाओं के रूप में सोना और चांदी दान किया था, वे अब कहां गए हैं? इस समस्या ने धर्म और भारतीयता के लिए चिंता भी उत्पन्न कर रही है।
“एसआईटी एक जांच कमेटी है, न कि एफआईआर के बाद गठित एक संस्था। इस मामले में हटाने और छिपाने की कोशिश तो जारी है, लेकिन इसका मुख्य उद्देश्य नीयत से नहीं बल्कि अपराध के बारे में है।”