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ISRO क्यों छोड़ रहे वैज्ञानिक?: इस्तीफों की झड़ी के बाद सरकार ने सख्त किए नियम, जानें क्या हुआ बदलाव?

Published जुलाई 16, 2026 · Updated जुलाई 16, 2026 · By David Taylor

ISRO क्यों छोड़ रहे वैज्ञानिक?: इस्तीफों की झड़ी के बाद सरकार ने सख्त किए नियम, जानें क्या हुआ बदलाव?

नियमों में तेजी से परिवर्तन

ISRO क य छ ड रह व - इसरो के कई अहम मिशनों से जुड़े वैज्ञानिकों के लगातार इस्तीफे रोकने के लिए डिपार्टमेंट ऑफ स्पेस ने नए आंतरिक ज्ञापन के तहत नियमों में बड़ा सुधार किया है। इसके अंतर्गत, गगनयान और अन्य राष्ट्रीय महत्व के मिशनों पर कार्यरत वैज्ञानिक एवं तकनीकी कर्मचारियों के इस्तीफा और स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) के आवेदन अब सामान्य स्थितियों में स्वीकृत नहीं होंगे।

सरकार ने केंद्रों के निदेशकों को निर्देश दिया है कि अहम परियोजनाओं के आखिरी पूर्ण होने तक ऐसे आवेदनों को मंजूरी न दी जाए। अब इन मामलों के निर्णय डिपार्टमेंट ऑफ स्पेस के पास जाएगा, जिसके अंतर्गत केंद्र निदेशक की सिफारिश के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

इस्तीफों की संख्या और असर

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों में कम से कम 100 से 120 वैज्ञानिक और कर्मचारी इसरो छोड़ चुके हैं। आखिर इसरो के कर्मचारियों की कुल संख्या 14,600 से अधिक होने के बावजूक, इस बात की चिंता बढ़ गई है कि बहुत सारे अनुभवी वैज्ञानिक रणनीतिक महत्व के मिशनों से जुड़े थे।

कई सूत्रों के अनुसार, URSC में अकेले करीब 80 लोगों ने इस्तीफा दिया है, जबकि VSSC से कम से कम 20 कर्मचारी बदले हुए हैं। इसके अलावा, चंद्रयान-3 मिशन से जुड़े एक युवा वैज्ञानिक भी इस्तीफा दे चुके हैं।

“हां, लोग जाते हैं और यह हर संगठन का हिस्सा है। हम इस पर लगातार नजर रख रहे हैं ताकि महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर अचानक कोई नुकसान न पहुंचे।” - इसरो के चेयरमैन वी. नारायणन

पिछले आदेश और आज की बदलाव

नए निर्देश वर्ष 2020 में किए गए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव को पलटते हैं। 25 नवंबर 2020 के आदेश में, केंद्र निदेशकों और यूनिट प्रमुखों को ग्रुप-ए वैज्ञानिक एवं तकनीकी कर्मचारियों के इस्तीफे एवं VRS स्वीकृत करने का अधिकार दिया गया था। अब इस अधिकार को गगनयान और अन्य राष्ट्रीय महत्व के मिशनों के लिए वापस ले लिया गया है।

गतीय चिंताएं और पिछली विस्तार

टाइम्स ऑफ इंडिया की पहली रिपोर्ट के अनुसार, 2004 से 2007 के बीच भर्ती हुए लगभग आधे कर्मचारियों ने इसरो छोड़ दिया था। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2012 से 2024 के बीच करीब 700 कर्मचारियों ने इस्तीफा दिया। इसरो में कर्मचारियों का छोड़ना कोई नई बात नहीं है, लेकिन अब इसका आंकड़ा बढ़ गया है।

हालांकि, वर्तमान में इसरो के विशेष मिशनों के संचालन पर नकारात्मक असर उत्पन्न हो रहा है। उदाहरण के लिए, चंद्रयान-3 मिशन के प्रोजेक्ट मैनेजर (सिमुलेशन) आदित्य रल्लापल्ली के नेतृत्व वाली टीम ने लगभग 25 टेराबाइट डेटा तैयार किया था, जो चंद्र लैंडिंग की सफलता के लिए आवश्यक रही थी। यह घटना नए नियम के आवश्यकताओं के साथ