IndiaNewsLive247
Fast mobile article powered by Nexiamath-SEO AMP.
AMP Article

India Japan: भारत-जापान रक्षा संबंधों को नई गति, दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों की अहम द्विपक्षीय वार्ता

Published अगस्त 20, 2026 · Updated अगस्त 20, 2026 · By Patricia Gonzalez - indianewslive247.com

Foto : Patricia Gonzalez - indianewslive247.com

हिंद-प्रशांत की सुरक्षा के लिए भारत-जापान रक्षा साझेदारी को नया मोर्चा

Indianewslive247.com – नई दिल्ली में गुरुवार को हुई एक अहम द्विपक्षीय बैठक में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता व समृद्धि की गारंटी के लिए दोनों देशों के बीच सुरक्षा-रक्षा सहयोग को और गहरा करने पर सहमति जताई। इस वार्ता का समय ऐसे पड़ा है जब चीन क्षेत्र में अपनी मौजूदगी लगातार बढ़ाने की दिशा में कदम उठा रहा है, और दोनों देश नियम-आधारित व्यवस्था, समुद्री मार्गों की सुरक्षा तथा स्वतंत्र-निर्बाध वैध व्यापार को अपनी प्राथमिकता मानते हैं।

राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ के आलोक में

बैठक की शुरुआत में राजनाथ सिंह ने जापानी रक्षा मंत्री का स्वागत करते हुए स्पष्ट किया कि भारत इस कठिन दौर में आवश्यक किसी भी सहायता, राहत या सहयोग के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने तबदील की कि भारत-जापान रिश्ते साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, परस्पर सम्मान और सदियों पुराने सभ्यतागत बंधनों पर टिके हैं। अगले वर्ष दोनों देशों के राजनयिक संबंधों की स्थापना की 75वीं वर्षगांठ मनाई जाएगी।

पिछले वर्षों में भारत और जापान की मित्रता दोनों देशों के साथ-साथ व्यापक हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता, लचीलापन और नियम आधारित व्यवस्था की महत्वपूर्ण आधारशिला बन गई है।

राजनयिक मंत्री ने आगे कहा कि एशिया के दो प्रमुख लोकतंत्रों के रूप में दोनों देशों पर क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी है।

समुद्री जीवनरेखा पर बढ़ती चुनौतियाँ

बिना किसी देश का नाम लिए राजनाथ सिंह ने संकेत दिया कि भारत और जापान की समुद्री जीवनरेखाएं बढ़ती चुनौतियों का सामना कर रही हैं। नौवहन की स्वतंत्रता, हवाई क्षेत्र से निर्बाध आवाजाही और वैध व्यापार को बिना बाधा जारी रखना केवल आर्थिक आवश्यकता नहीं, बल्कि रणनीतिक अनिवार्यता है। उन्होंने जोर दिया कि हिंद महासागर और प्रशांत महासागर की सुरक्षा एक-दूसरे से गहराई से अंतःसंबद्ध है।

रक्षा मंत्री ने भारत के 'महासागर' दृष्टिकोण और जापान की 'मुक्त एवं खुले हिंद-प्रशांत' पहल के बीच तालमेल को वर्तमान संदर्भ में पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक बताया। दोनों देशों के दृष्टिकोणों का समन्वय पूरे हिंद-प्रशांत में सुरक्षा व स्थिरता को मजबूत करने में सहायक सिद्ध हो सकता है, उन्होंने कहा।

'मेक इन इंडिया' के तहत रक्षा-औद्योगिक साझेदारी

बैठक में रक्षा उपकरण एवं प्रौद्योगिकी सहयोग को आगे बढ़ाने के अवसरों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। विशेष रूप से 'मेक इन इंडिया' के तहत रक्षा उत्पादन, तकनीकी सहयोग और औद्योगिक साझेदारी को मजबूत करने के रास्ते पर विचार किया गया।

पिछले कुछ वर्षों में भारत-जापान रक्षा सहयोग को सैन्य अभ्यासों और उच्चस्तरीय संवाद से आगे बढ़ाकर रक्षा उद्योग, प्रौद्योगिकी, समुद्री सुरक्षा और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों तक विस्तारित किया जा रहा है। वर्ष 2024 में हुई तीसरी विदेश एवं रक्षा मंत्री स्तरीय 2+2 वार्ता में भी मुक्त एवं खुले हिंद-प्रशांत तथा द्विपक्षीय सुरक्षा-रक्षा सहयोग को और गहरा करने पर सहमति बनी थी।

राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि

द्विपक्षीय वार्ता से ठीक पहले, 20 अगस्त को ही शिंजिरो कोइजुमी नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पहुँचकर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की और पुष्पांजलि समर्पित की। यह कृत्य भारत के वीर सैनिकों के सर्वोच्च बलिदान के प्रति सम्मान का प्रतीक रहा।

Related Reading

Frequently Asked Questions

What is India Japan?

India Japan is the main topic of this guide. The article explains the context, practical details, and next steps readers should understand.

Why does India Japan matter?

India Japan matters because readers are looking for a useful answer, not just a short summary. Good content should match search intent and help them decide what to do next.