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Gujarat: गुजरात में चांदीपुरा वायरस के मामले बढ़े, सात संक्रमितों में तीन की मौत, क्या है सरकार की तैयारी?

Published जुलाई 14, 2026 · Updated जुलाई 14, 2026 · By Jessica Wilson

गुजरात चांदीपुरा वायरस के मामले बढ़े, तीन बच्चों की मौत हो गई

Gujarat - गुजरात में चांदीपुरा वायरस के नए मामले सामने आए हैं। राज्य स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानशेरिया ने गांधीनगर में एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद इस बारे में जानकारी दी। इस बैठक में तीन बच्चों की मौत और चार बच्चों के इलाज के बारे में चर्चा की गई।

वायरस के मामले बढ़े, गुजरात में तीन बच्चों की मौत हो गई

हाल ही में गुजरात में चांदीपुरा वायरस के मामले बढ़े हैं। सभी प्रभावित बच्चों की आयु दस वर्ष से कम है। जांच के लिए 27 नमूने भेजे गए, जिसमें सात के परिणाम पॉजिटिव आए। बाकी में से ग्यारह के रिपोर्ट नेगेटिव रहे और आठ के परिणाम अभी आए हैं। वर्तमान में तीन बच्चों की जान ले ली गई है। दो बच्चे गांधीनगर और दो वडनगर में उपचार प्राप्त कर रहे हैं।

गुजरात में राज्य सरकार और चिकित्सा विशेषज्ञों के साथ मिलकर वायरस के फैलाव और इलाज के लिए कदम उठा रही है। छोटे स्वास्थ्य केंद्रों तक आवश्यक दवाओं और चिकित्सा सामग्री की आपूर्ति की गई है। इस तरह से रोग के फैलाव की रोकथाम के लिए विशेष तैयारी की जा रही है।

चांदीपुरा वायरस के विवरण और लक्षण

चांदीपुरा वायरस के लक्षण मुख्य रूप से बुखार और फ्लू जैसे संक्रमण हो सकते हैं। इसके अलावा दिमाग में सूजन भी देखी जा सकती है। यह वायरस 'रैबडोविरीडे' परिवार के 'वेसिकुलोवायरस' जीनस का हिस्सा है। इसे मुख्य रूप से मच्छर, किलनी और सैंडफ्लाई के काटने से फैलता है।

इस वायरस की पहचान सबसे पहले साल 1965 में महाराष्ट्र के नागपुर जिले के चांदीपुरा गांव में हुई थी। इसके बाद से यह बीमारी विभिन्न राज्यों में फैल चुकी है। गुजरात में इस वायरस के मामले फिर से बढ़ रहे हैं।

गुजरात में पहले के बारे में और वर्तमान स्थिति

2024 में गुजरात के 61 स्थानों से चांदीपुरा वायरस के मामले सामने आए थे। उस समय विभाग ने फॉगिंग और सैनिटाइजेशन की गई थी। अब इन स्थानों से कोई नया मामला नहीं आया है। नए प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत कार्य शुरू किए गए हैं।

गुजरात में रोग के फैलाव की रोकथाम के लिए सरकार ने विशेष अप्रत्यक्ष उपाय लिए हैं। इसके साथ ही छोटे स्वास्थ्य केंद्रों तक आवश्यक दवाओं और चिकित्सा सामग्री की आपूर्ति की गई है। यह तैयारी वायरस के अगले संक्रमण को रो