FATF म भारत क अहम जिम्मेदारी: विवेक अग्रवाल उपाध्यक्ष नियुक्त; पाकिस्तान के क्यों छूटने लगे पसीने?
FATF म भ रत क अहम ज – भारत को एफएटीएफ के उपाध्यक्ष के रूप में नियुक्त कर दिया गया है, जिससे देश की अंतरराष्ट्रीय धनशोधन और आतंकवादी वित्तपोषण के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका के साक्ष्य सामने आए। एफएटीएफ के वर्तमान सदस्य भारत के लिए एक नया चरम स्तर का अवसर है, जो वित्तीय नियंत्रण और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के मामले में एक वैश्विक मानक बनाने में भारत की भूमिका को चिंगारी लगा रहा है।
पेरिस में आयोजित एफएटीएफ की पूर्ण बैठक में विवेक अग्रवाल को उपाध्यक्ष के पद पर नियुक्त किया गया। उनकी नियुक्ति के अंतरराष्ट्रीय खेमे में भारत के दृढ़ नेतृत्व और वैश्विक धनशोधन मानकों की ओर ध्यान आकर्षित करती है। उपाध्यक्ष के कार्यकाल में भारत अपनी प्रतिबद्धता को दिखाने के लिए वित्तीय प्रणाली की निगरानी और सुधार के काम में एफएटीएफ के उद्देश्यों के लिए अहम भूमिका अदा करेगा।
भारत की अंतरराष्ट्रीय स्थिति और विवेक अग्रवाल की उपाध्यक्षता
एफएटीएफ के उपाध्यक्ष के पद पर भारत की नियुक्ति न केवल देश की आत्मविश्वास को बढ़ाती है, बल्कि वित्तीय अपराध और आतंकवाद संबंधी नीतियों के विकास में भी नया मोड़ लाएगी। अतिरिक्त सचिव अरविंद श्रीवास्तव ने घोषणा की कि यह भारत के वैश्विक लड़ाई में संयुक्त राष्ट्र आधारित सहयोग के प्रति अपनी एकता का प्रमाण है।
भारत के दृढ़ दृष्टिकोण के लिए एफएटीएफ के उपाध्यक्ष नियुक्त करना एक विश्वसनीय उदाहरण है। विवेक अग्रवाल ने कहा, “यह भारत की एक बड़ी उपलब्धि है कि हम वैश्विक धनशोधन और आतंकवादी वित्तपोषण के खिलाफ मानकों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहे हैं।”
विवेक अग्रवाल के पद के साथ भारत की वैश्विक वित्तीय नियम व्यवस्था में भूमिका के अंतरराष्ट्रीय मानक के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग के अतिरिक्त एक नया रास्ता खोला गया है। उपाध्यक्ष के पद पर भारत की अहम जिम्मेदारी के बारे में एफएटीएफ के निर्णय में भारतीय अधिकारियों के विश्वसनीय प्रयत्नों की ओर इशारा किया गया।
एफएटीएफ के उपाध्यक्ष बने विवेक अग्रवाल भारत की एक विश्वसनीय प्रतिबद्धता के लिए एक आगे बढ़े विश्व नेता के रूप में अहम भूमिका अदा करेंगे। उनकी नियुक्ति न केवल भारत की अंतरराष्ट्रीय वित्तीय नियंत्रण तंत्र में बढ़ते सम्मान को दिखाती है, बल्कि वित्त मंत्रालय के नेतृत्व में भारत के वैश्विक खिलाड़ियों के साथ निगरानी और सहयोग की ओर ध्यान आकर्षित करती है।
2024 की रिपोर्ट में एफएटीएफ ने भारत की एक बड़ी उपलब्धि के रूप में धनशोधन और आतंकवादी वित्तपोषण के खिलाफ मजबूत व्यवस्था की सराहना की। अब तक एफएटीएफ के उपाध्यक्ष के पद पर भारत की ओर से देश के आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए एक नया मौका उपलब्ध है।
