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Explainer: मध्य प्रदेश में भाजपा राज्यसभा की तीनों सीट जीती, अब मीनाक्षी नटराजन के पास बचे हैं कौन से विकल्प?

Published जून 12, 2026 · Updated जून 12, 2026 · By Charles Gonzalez

मध्य प्रदेश में भाजपा राज्यसभा चुनाव में तीन सीट पर विजयी हो गई, मीनाक्षी नटराजन के लिए विकल्प खत्म हो गए

चुनाव आयोग के निर्देश से आपराधिक मामलों के विवरण आवश्यक हैं

Explainer: चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर राज्यसभा चुनाव में प्रत्याशियों से अपने आपराधिक मामलों के पूरे विवरण मांगे हैं। नियम के अनुसार, लम्बित मामले या जिनमें सजा लग चुकी है, उनका विवरण रिटर्निंग ऑफिसर के सामने रिपोर्ट करना आवश्यक है। प्रत्याशियों की सूचना के आधार पर विज्ञापन और वेबसाइट पर सार्वजनिक करना जरूरी है।

भाजपा ने रिटर्निंग ऑफिसर के खिलाफ आपत्ति दाखिल की

भाजपा के उम्मीदवार महेश केवट और महासचिव राहुल कोठारी ने आपराधिक विवरण देने के नियम के खिलाफ आपत्ति दर्ज की। उन्होंने कहा कि मीनाक्षी नटराजन ने हैदराबाद की अदालत के अक्टूबर 2025 के नोटिस का जवाब दिया था, लेकिन इस मामले के विवरण फार्म-26 में दाखिल नहीं किए गए।

चुनाव आयोग के नियमों में आपराधिक मामले के लिए निर्धारित शर्तें

चुनाव आयोग के निर्देश के अनुसार, आपराधिक मामलों का विवरण आवश्यक रूप से प्रस्तुत करना आवश्यक है। यह नियम एफआईआर दर्ज हुए मामलों या कोर्ट द्वारा संज्ञान लिए गए मामलों के लिए भी लागू है। इससे चुनाव के पारदर्शिता और अयोग्यता के आरोप लगाने की संभावना बनती है।

गलत विवरण देने पर नामांकन को रद्द करने की अनुमति रिटर्निंग ऑफिसर के पास है

चुनाव आयोग के एफएक्यू के अनुसार, यदि कोई प्रत्याशी आपराधिक मामलों के विवरण नहीं देता है, तो उसके खिलाफ चुनाव याचिका हाईकोर्ट में दायर की जा सकती है। विवरण रिटर्निंग ऑफिसर के द्वारा विज्ञापन के बाद देना आवश्यक है।

मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ अयोग्यता का मामला चुनाव आयोग में दायर किया गया

मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज होने पर लोकसेवक के अयोग्यता का आरोप लगाया जा सकता है। चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार, यदि कोई मामला में 2 साल से ज्यादा सजा हो गई है, तो अयोग्यता के आरोप लगाने की अनुमति है। विवरण देने के बिना आपराधिक नामांकन के रद्द करने की अनुमति रिटर्निंग ऑफिसर के पास है।

आईपीसी धारा 171-जी और बीएनएस धारा 175 के अनुसार कार्रवाई के आधार

चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार, मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ आईपीसी की धारा-171-जी या बीएनएस की धारा-175 के अनुसार मुकदमा दर्ज किया जा सकता है। इसके अलावा, जनप्रतिनिधित्व कानून-1951 की धारा 123 (4) के अनुसार भ्रष्ट आचरण के मामले में अयोग्यता के आरोप लगाए जा सकते हैं।

सुप्रीम कोर्ट में याचिका की सुनवाई में क्या निर्णय हुआ?

मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव के लिए चुनाव आयोग के निर्देश पर आपराधिक मामलों के विवरण आवश्यक हैं। इसके अनुसार, मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ जनप्रतिनिधित्व कानून के धारा 123 (4) के तहत अयोग्यता के आरोप लगाए जा सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट में याचिका की सुनवाई में यह निर्णय लिया गया है कि नामांकन के लिए आपराधिक मामलों के विवरण जरूर प्रस्तुत करने चाहिए।