CM Vijay Delhi Visit: आज सोनिया गांधी-राहुल से मिलेंगे तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय, कल पीएम से की थी मुलाकात
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय दिल्ली यात्रा में नेताओं से मुलाकात के लिए आगंतुक हो सकते हैं
CM Vijay Delhi Visit - तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय के दिल्ली यात्रा दौरान अहम बैठक अगले दिन होने वाली है, जिसमें कांग्रेस के प्रमुख नेता राहुल गांधी और सोनिया गांधी के साथ उनकी बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में दोनों नेताओं के साथ एक संयुक्त फोटो शेयर करने के अवसर भी होने की संभावना है। विजय की इस दौरान राहुल गांधी से मुलाकात करना उनके अध्यक्षता में बनने वाली दूसरी बैठक होगी, जिसमें राज्य के कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
प्रधानमंत्री से पहले बैठक आयोजित की गई थी
इस दौरान विजय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी, जिसमें तमिलनाडु के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तारपूर्वक बातचीत हुई। बैठक में राष्ट्रीय महत्व के नागरिक विवाद (INI) के गठन और बंदरगाह, राष्ट्रीय राजमार्ग, रेलवे परियोजनाओं और औद्योगिक कॉरिडोर के लिए वित्तीय सहयोग की मांग के अलावा, तमिल वंदना गीत विवाद और मेकेदातु बांध संघर्ष जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। इसके लिए विजय ने एक ज्ञापन भी प्रस्तुत कर दिया।
प्रधानमंत्री से मुलाकात में विजय ने श्रीलंका के जेल में बंद तमिलनाडु के मछुआरों और उनकी नौकाओं की तुरंत रिहाई के लिए कदम उठाने की मांग की। बताया गया है कि 2026 में अब तक मछुआरों की गिरफ्तारी की 12 घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिसके बाद वर्तमान में 58 मछुआरे निर्मला सीतारमण के आंकड़ों के अनुसार आगंतुक रूप से उपलब्ध हैं, और 266 नौकाएं जब्त कर ली गईं। इस विवाद पर चर्चा करते हुए विजय ने अपने दल के विचार और आग्रह जताए।
विजय के जीत ने राजनीतिक भूभाग में बदलाव लाया
इस साल के तमिलनाडु के विधानसभा चुनाव में विजय के नेतृत्व वाली टीवीके ने 234 सीटों के लिए प्रतिद्वंद्वी के रूप में प्रतिस्पर्धा करते हुए अपने दल को देश के इतिहास में एक नया रूप दिया। बताया गया है कि अपने पहले चुनाव में उनकी टीम ने संसद में 108 सीटें जीतकर राजनीतिक भूभाग में बड़े परिवर्तन का अध्ययन किया जा रहा है। हालांकि, बहुमत के आंकड़े 118 सीटों से पीछे रह गए थे, जिसके बाद राज्य में एक नई राजनीतिक गतिविधियों के शुरुआत के लिए विजय को कांग्रेस, वाम दलों, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) और विदुथलाई चिरुथाइगल कत्ची (वीसीके) जैसी अन्य दलों का समर्थन मिला।
इन दलों के समर्थन के बाद विजय ने अपने दल के बहुमत को पार कर गठबंधन सरकार की स्थापना की। इससे पहले तमिलनाडु की राजनीति कई दशकों तक डीएमके और एआईएडीएमके के नेतृत्व वाली सरकारों के आसपास घूमती रही। ऐसे में विजय के उदय को राज्य के राजनीतिक भूभाग में एक महत्वपूर्ण